Wednesday, January 28, 2026
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लखनऊ में उ0प्र0 स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज का शिलान्यास

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गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार कल 01 अगस्त, 2021 को लखनऊ में उ0प्र0 स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज का शिलान्यास करेंगे। शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्मिलित होंगे। उ0प्र0 स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज का मुख्य उद्देश्यफॉरेंसिक के क्षेत्र में प्रशिक्षित जनशक्ति का एक पूल बनाना, न्यायपालिकाऔर पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करना, अपराध की विवेचना मेंआवश्यक उन्नत प्रौद्योगिकियों में विशेषज्ञता उत्पन्न करना है। इंस्टीट्यूट में 08 अनुभाग एवं 14 प्रयोगशालाएं होंगी । 


लखनऊ।  गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार अमित शाह कल 01 अगस्त, 2021 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज का शिलान्यास करेंगे। शिलान्यास कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी सम्मिलित होंगे। यह जानकारी आज यहां देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज का मुख्य उद्देश्य फॉरेंसिक के क्षेत्र में प्रशिक्षित जनशक्ति का एक पूल बनाना, न्यायपालिका और पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करना, अपराध की विवेचना में आवश्यक उन्नत प्रौद्योगिकियों में विशेषज्ञता उत्पन्न करना है। 


प्रवक्ता ने बताया कि इंस्टीट्यूट में कुल 08 अनुभाग एवं 14 प्रयोगशालाएं होंगी। भौतिकी अनुभाग में आग्नेयास्त्र, फॉरेंसिक ध्वनिकी और प्रलेख प्रयोगशाला होगी। रसायन अनुभाग के तहत विस्फोटक और विष विज्ञान प्रयोगशाला तथा जीव विज्ञान अनुभाग में जीवन विज्ञान, सीरम विज्ञान एवं डी0एन0ए0 प्रयोगशाला होगी। कम्प्यूटर साइंस अनुभाग में डेटा एनालिसिस, साइबर सुरक्षा और साइबर फॉरेंसिक लैब का निर्माण होगा। व्यवहार विज्ञान अनुभाग के तहत लाई डिटेक्शन, नारको एनालिसिस एवं ब्रेन मैपिंग प्रयोगशाला प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त, अपराध विज्ञान, कानून व्यवस्था, पुलिस विज्ञान और प्रशासन अनुभाग भी होंगे।  इस इंस्टीट्यूट में बी0एस0सी0, एम0एस0सी0 फॉरेंसिक साइंस विद स्पेशलाइजेशन, एम0फिल, पी0एच0डी0, पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च तथा पी0जी0 डिप्लोमा इन फॉरेंसिक साइंस, एडवांस स्पेशलाइजेशन एण्ड टेलर मेड पी0जी0 डिप्लोमा एवं विभिन्न सर्टिफिकेट कोर्स का संचालन प्रस्तावित है, जिसमें 500 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करेंगे। यह संस्थान 50 एकड़ भूमि में स्थापित किया जाएगा। इसकी स्थापना के लिए 207 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है।