बिजली निजीकरण:एकमुश्त चंदा लेने का लालच

राजेन्द्र चौधरी

अखिलेश यादव ने कहा कि बिजली के निजीकरण के पीछे भाजपा का बड़ी कंपनियों से सीधे एकमुश्त चंदा लेने की योजना का लालच ही काम कर रहा है। भाजपा कर्मचारियों की नौकरियाँ निगल जाएगी और बिजली की मनमानी रेट बढ़ाकर जनता का ही शोषण करेगी। महंगाई की मारी जनता से भाजपा क्योंकि ख़ुद सीधे वसूल नहीं सकती है, इसीलिए वो निजी पूँजीपतियों के माध्यम से जनता की जेब पर डाका डालना चाहती है। बिजली निजीकरण:एकमुश्त चंदा लेने का लालच

सिवाय भाजपा और पूँजीपतियों के निजीकरण का लाभ किसी को नहीं मिलनेवाला। आज बिजली का निजीकरण कर रहे हैं। कल पानी और सड़क पर चलने का भी कर देंगे। भाजपा हर निजीकरण के नाम पर दरअसल चंदा वसूली के काम को ठेके पर देती है। भाजपा का बस चले तो सरकार को ही आउटसोर्स कर दे। साथ ही निजीकरण के माध्यम से भाजपाई आरक्षण का भी अधिकार पिछले दरवाज़े से छीन लेना चाहते हैं। हम प्रदेश की जनता, बिजली कर्मचारियों और आरक्षण समर्थकों के साथ हैं और हमेशा रहेंगे। बिजली निजीकरण:एकमुश्त चंदा लेने का लालच

Related Articles

Back to top button