Thursday, March 12, 2026
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लद्दाख में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

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हम शस्त्र भी धारण करते हैं तो शांति की स्थापना के लिए। भारत ने आज तक किसी भी देश पर न तो आक्रमण किया है न ही किसी भी देश की एक इंच जमीन पर हमने कब्जा किया है।

लद्दाख।  राजनाथ सिंह तीन दिवसीय लेह-लद्दाख दौरे पर हैं। आज वह सुबह 8 बजे आरएम फॉरवर्ड लोकेशन ब्रिज के उद्घाटन के लिए लेह से रवाना हुए थे।इसके बाद उन्होंने सुबह 11 बजे अग्रिम स्थानों का दौरा कर सैनिकों से मुलाकात की और दोपहर उन्होंने 1 बजे लद्दाख में कारू सैन्य स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान रक्षा मंत्री ने अलग-अलग सैन्य तैयारियों का जायजा लिया।

मैं सबसे पहले उन सभी जवानों की स्मृतियों को नमन करता हूँ जिन्होने जून 2020 में ‘गलवान घाटी’ में देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। मै यह भी कहना चाहता हूँ कि यह देश उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।

बताया गया है कि 14th Corp के 3rd division की स्थापना 1962 में भारत-चीन युद्ध के दरमियान हुई थी। अपने स्थापना के कुछ वर्षों में ही 1965 की भारत-पाकिस्तान युद्ध में आपने निर्णायक भूमिका निभाई। कारगिल युद्ध में भी आपके वीरता के कहानियों ने देशवासियों का सिर ऊंचा किया।

आपकी वीरतापूर्ण कारनामों की वजह से ही आपको ‘त्रिशूल’ डिविजन के नाम से अलंकित किया गया है। आज आप भगवान शंकर के त्रिशुल के समान प्रचंड होकर, देश की उत्तरी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि सीमा पर उभरते किसी भी परिस्थिति का सामना करने में आप सक्षम है।

रक्षा मंत्री ने चीन की तरफ इशारा करते हुए कहा, “पड़ोसी देशों के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जानी चाहिए, लेकिन मंशा साफ होनी चाहिए। हम न तो किसी को आंख दिखाना चाहते हैं और न किसी का आंख दिखाना मंजूर है। हमारी सेना में हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता है।” इससे पहले राजनाथ सिंह थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के साथ लेह पहुंचे, जहां उन्हें जीओसी फायर एंड फ्यूरी कोर की तरफ से मौजूदा सुरक्षा स्थिति और तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई।

हम विश्वशांति के पुजारी हैं। हम शस्त्र भी धारण करते हैं तो शांति की स्थापना के लिए। भारत ने आज तक किसी भी देश पर न तो आक्रमण किया है न ही किसी भी देश की एक इंच जमीन पर हमने कब्जा किया है।

पड़ोसी देशों के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जानी चाहिए, मंशा साफ होनी चाहिए, हम न तो किसी को आँख दिखाना चाहते हैं, न किसी का आँख दिखाना मंज़ूर है। हमारी सेना में हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता है।