Tuesday, March 10, 2026
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हवाईपट्टी का प्रकरण शासन स्तर पर विचाराधीन

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हवाईपट्टी का प्रकरण शासन स्तर पर विचाराधीन
हवाईपट्टी का प्रकरण शासन स्तर पर विचाराधीन

हवाईपट्टी का प्रकरण शासन स्तर पर विचाराधीन,आरटीआई में सूचना दी गई कि हवाई पट्टी के विस्तार हेतु प्रकरण शासन स्तर पर विचाराधीन, कल होगी डीएम से वार्ता.

आज़मगढ़/खिरियाबाग – खिरिया बाग में 112 वें दिन भी धरना जारी रहा. 2 फरवरी को जिलाधिकारी से वार्ता के लिए जमीन-मकान बचाओ संयुक्त मोर्चा को आमंत्रित किया गया है.वक्ताओं ने कहा कि 24 जनवरी को जिलाधिकारी ने मौखिक आश्वासन दिया था जिस पर किसानों-मजदूरों ने लिखित में मांग की थी ऐसे में इस वार्ता में लिखित में 112 दिन से धरनारत ग्रामीणों की मांगों को मान लिया जाएगा. खिरिया बाग आंदोलन की स्प्ष्ट मांग है कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का मास्टर प्लान रदद् किया जाए. आज जब पूरी दुनिया के सामने आ गया है कि अडानी जैसे पूंजीपतियों ने भ्रष्टाचार किया है तो ऐसे में देशी-विदेशी पूजीपतियों को किसान-मजदूर जमीन नहीं देंगे.

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आंदोलनकारियों ने कहा कि सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मिली जानकारी में हवाई पट्टी के विस्तार हेतु प्रकरण शासन स्तर पर विचाराधीन है. जो परियोजना शासन में विचाराधीन थी उस पर क्यों अवैध तरीके से झूठे सहमति पत्र पर दस्तखत लिए गए. झूठी सर्वे रिपोर्ट बनाकर प्रशासन ने शासन को भेज दिया. अडानी जैसे मुनाफाखोरों के दबाव में मुनाफे के लिए गैरकानूनी कार्रवाइयां की जा रही हैं. यह आशंका इसलिए मजबूत होती है क्योंकि यूपी में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अडानी-अम्बानी जैसे समूहों से मुलाकात की थी.

तीन महीने से अधिक समय से चल रहे धरने को समाप्त कराने के लिए जब धरनारत किसानों ने वार्ता में लिखित मांगा तो जिलाधिकारी आज़मगढ़ ने कहा कि लिखित में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो लिखित कैसे दें. अडानी समूह के भ्र्ष्टाचार के सामने आने के बाद यह सवाल उठता है कि क्यों लिखित में कार्रवाई नहीं कि गई. आखिर भूमि अधिग्रहण के नाम पर जो कार्रवाइयां की जा रहीं थीं उसके लिए धन कौन मुहैया करा रहा था. एसटीएफ/क्राइम ब्रांच द्वारा किसान नेताओं का अपहरण और प्राइवेट इंटेलिजेंस द्वारा किसान नेताओं के रुकने-ठहरने के बारे में किसके इशारे पर मालूम किया जा रहा था. यहां सवाल उठना लाजिमी है कि क्या अडानी जैसे पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए झूठी सर्वे रिपोर्ट बनाई गई. क्या अडानी जैसे पूंजीपतियों के लिए एयपोर्ट का मामला जो शासन में विचाराधीन था उसके लिए अवैध तरीके से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए.धरने को नीलम, किस्मती, रामनयन यादव, राजीव यादव, वीरेन्द्र यादव, प्रेम चंद्र, नन्द लाल यादव, सुनीता, महेंद्र राय, मुराली, विजय यादव ने संबोधित किया. धरने की अध्यक्षता शिव आसरे यादव और संचालन प्रवेश निषाद ने किया.

हवाईपट्टी का प्रकरण शासन स्तर पर विचाराधीन