Saturday, February 21, 2026
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निराशा का बजट-अखिलेश यादव

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UP में भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड टूटे-अखिलेश यादव
UP में प्रदेश की कानून व्यवस्था बर्बाद:अखिलेश यादव

लखनऊ। केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अखिलेश यादव ने कहा है कि इस बजट से जनता निराश हुई है। इस सरकार ने दस साल में बेरोजगारी बढ़ायी है। नौजवान पक्की नौकरी चाहता है। यह सरकार आधी अधूरी नौकरी का सपना दिखा रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के ग्यारहवें बजट में बेरोजगारी, महंगाई, किसान, महिला, युवा का मुद्दा नौ दो ग्यारह हो गया है। किसान की आय दोगुनी करने के लिए कोई योजना नही। मंडियों के लिए बजट में कुछ नहीं है। खाने-पीने की चीजों से लेकर सब चीजों की महंगाई आसमान पर है। सरकार महंगाई नहीं कम करना चाहती है। बजट में गरीबों और महिलाओं के विकास के लिए कोई योजना नहीं है। मंडी और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाए बिना किसानों को लाभ नहीं मिल सकता है।

“ये बजट भी नाउम्मीदगी का ही पुलिंदा है। शुक्र है कि इंसान इन हालातों में भी जिंदा है।” केन्द्रीय बजट में बिहार और आन्ध्र प्रदेश को विशेष पैकेज दिया गया है। सरकार बचानी है तो अच्छी बात है कि बिहार, आन्ध्र प्रदेश को कुछ विशेष योजनाओं से जोड़ा गया लेकिन उत्तर प्रदेश जैसा प्रदेश जो प्रधानमंत्री देता है क्या वहां के किसान के लिए कुछ बड़े फैसले हुए? भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को एक बार फिर धोखा दिया है। अखिलेश यादव ने कहा कि जनता ने जब तीसरी बार चुनकर भेजा है तो बजट के माध्यम से पक्की नौकरी के लिए क्या इंतजाम है? क्या हॉर्टिकल्चर क्रॉप्स के लिए आपके पास कोई एमएसपी देने का इंतजाम है?

मैनपुरी से डिम्पल यादव ने संसद में प्रस्तुत केन्द्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बजट में कोई व्यवस्था नहीं है। किचन का ध्यान नहीं रखा गया है। क्योंकि सरकार महंगाई के बारे में कोई कदम नहीं उठाना चाहती है।