Thursday, February 12, 2026
Advertisement
Home राजनीति भाजपा:चुनावी धांधली को जाति जनगणना से दूर रखे-अखिलेश यादव

भाजपा:चुनावी धांधली को जाति जनगणना से दूर रखे-अखिलेश यादव

210
संसद का सदन चलाने की जिम्मेदारी भाजपा सरकार की
संसद का सदन चलाने की जिम्मेदारी भाजपा सरकार की
राजेन्द्र चौधरी
राजेन्द्र चौधरी

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि जातीय जनगणना का फैसला बाबा साहब के संविधान में दिये गये न्याय की समानता और नब्बे फीसदी पीडीए की एकजुटता की सौ फ़ीसदी जीत है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने संविधान में सभी को न्याय और समानता का अधिकार दिया है। हम सबके सम्मिलित दबाव से भाजपा सरकार मजबूरन ये निर्णय लेने को बाध्य हुई है। केंद्र सरकार को पीडीए के दबाव में फैसला लेना पड़ा। सामाजिक न्याय की लड़ाई में ये पीडीए की जीत का एक अतिमहत्वपूर्ण चरण है। भाजपा सरकार को ये चेतावनी है कि अपनी चुनावी धांधली को जाति जनगणना से दूर रखे। एक ईमानदार जनगणना ही हर जाति को अपनी-अपनी जनसंख्या के अनुपात में अपना वो अधिकार और हक़ दिलवाएगी, जिस पर अब तक वर्चस्ववादी फन मारकर बैठे थे। ये अधिकारों के सकारात्मक लोकतांत्रिक आंदोलन का पहला चरण है और भाजपा की नकारात्मक राजनीति का अंतिम। भाजपा की प्रभुत्ववादी सोच का अंत होकर ही रहेगा। संविधान के आगे मनविधान लंबे समय तक चल भी नहीं सकता है। जातीय जनगणना इंडिया की जीत है। भाजपा:चुनावी धांधली को जाति जनगणना से दूर रखे-अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने कहा कि हम जातीय जनगणना की मांग की लड़ाई में शामिल सभी लोगों को बधाई देते हैं और उनका धन्यवाद करते हैं। समाजवादियों ने जातीय जनगणना के मुद्दे को हमेशा बहुत जिम्मेदारी से उठाया। समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने वाले तमाम समाजवादी नेताओं ने जातीय जनगणना के लिए बहुत लंबी लड़ाई लड़ी। नेताजी श्रद्धेय श्री मुलायम सिंह यादव, श्रद्धेय श्री शरद यादव और श्री लालू प्रसाद यादव जी ने जातीय जनगणना के मुद्दे को लगातार लोकसभा में उठाया, लड़ाई लड़ी। एक समय था जब दक्षिण भारत से लेकर यहां तक की सभी पार्टियां जातीय जनगणना को लेकर एक हो गई थी। उन्होंने कहा कि यह लंबे संघर्षों की बड़ी जीत है। यह अभी शुरुआत है। इसके आगे प्राइवेट और सरकारी संस्थाओं की नौकरियों और रोजगार में आरक्षण समेत अन्य मुद्दों पर बहस छिड़ेगी। यह सामाजिक न्याय की राज की स्थापना की दिशा में एक कदम है। उम्मीद है कि हम लोग न्याय और समानता की दिशा में और आगे बढ़ेंगे। अब जरूरत है ईमानदारी से जातीय जनगणना कराने और उसके सच्चे आंकड़ों को सामने लाने की। भाजपा का रिकॉर्ड धांधली करने का रहा है। चुनाव में भाजपा की धांधली सभी ने देखी है। मुजफ्फरनगर, कुंदरकी करहल, अयोध्या की मिल्कीपुर के उपचुनाव में भाजपा की धांधली से सभी लोग वाकिफ हैं। हमें उम्मीद है कि सरकार ईमानदारी से जातीय जनगणना करायेगी और सच्चा डाटा मिलेगा।

इसके साथ ही श्री अखिलेश यादव ने कहा कि आज श्रमिक दिवस पर देश दुनिया के सभी मजदूरों को बधाई। उन्होंने कहा कि भारत ने श्रमिकों की सुरक्षा का विषय सामाजिक आर्थिक और मानसिक कई स्तरों पर चुनौतियों का सामना कर रहा है। आज श्रमिकों की परम्परागत परिभाषा बहुत व्यापक हो गयी है। इसमें कृषि श्रमिक, मनरेगा, लेबर मंडी श्रमिक, पोर्टर, दुकान श्रमिक, निर्माण श्रमिक, उद्योग क्षेत्र में सेवा श्रमिक है साथ ही जो पढ़े-लिखे हैं लेकिन श्रमिक जैसा ही काम कर रहे हैं डिलीवरी ब्वाय और ड्राईवर इन सबकी चुनौतियां और मुद्दे एक जैसे हैं। इसकी वजह रिकार्ड तोड़ बेरोजगारी, रोजगार की समस्या, कार्यक्षेत्र की परिस्थितियां, कार्य के घंटों की समस्या और न्यूनतम मजदूरी ये सब भाजपा सरकार में हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोराना का सहारा लेकर श्रमिक कानून में बदलाव कर दिया। श्रमिकों का अधिकार छीन लिया। मजदूर लोग जानते है कि उन्हें यह अधिकार लम्बे संघर्ष के बाद मिला था लेकिन भाजपा सरकार ने साजिश करके मजदूरों का अधिकार छीन लिया। भाजपा का भ्रष्टाचारी तंत्र मजदूरों को मजदूरी देने में बाधक है। उनका हक मार रहे हैं। सामाजिक सुरक्षा के कारगर कवच की कमी से मजदूरों का हर तरह से शोषण हो रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे लिए श्रमिक दिवस का विशेष महत्व है क्योंकि पूरे देश का डाटा देखेंगे तो श्रमिकों में 95 से 99 फीसदी तक पीडीए से होंगे। मजदूरों की लड़ाई हमारी पीडीए की लड़ाई है। एक सवाल के जवाब में श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में किसानों, गरीबों, आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही है। बिना भाजपा सरकार हटाए उनकी जमींने नहीं बचेंगी। भाजपा:चुनावी धांधली को जाति जनगणना से दूर रखे-अखिलेश यादव