Monday, January 26, 2026
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सपा सुप्रीमों पर चलेगा सीबीआई का डंडा…!

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भाजपा सरकार में योजनाएं बनते ही भ्रष्टाचार शुरू
भाजपा सरकार में योजनाएं बनते ही भ्रष्टाचार शुरू

सपा सरकार में हमीरपुर में 2012 से 2016 के बीच हुए अवैध खनन का मामला सामने आया था। इस मामले में सीबीआई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिंग एक्ट समेत कई अन्य मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली थी। इनमें तत्कालीन जिलाधिकारी बी. चंद्रकला समेत सभी 11 लोगों को नामजद किया गया था। सीबीआई ने आईएएस अफसर बी. चंद्रकला के घर भी छापा मारा था। इस मामले में आईएएस बी. चंद्रकला और सपा एमएलसी रहे रमेश चंद्र मिश्रा समेत 11 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।IAS बी चंद्रकला पर भी लगे थे आरोप। वर्ष 2016 में हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच शुरू हुई तो उसमें पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति का नाम सामने आया। इतना ही नहीं अखिलेश यादव सरकार में कई जिलों की जिलाधिकारी रहीं बी. चंद्रकला पर भी आरोप लगे और उनके यहां भी छापेमारी हुई। वहीं पिछले काफी समय से अखिलेश यादव सीबीआई और ईडी को लेकर भाजपा सरकार पर हमलावर रहे हैं। वे लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि चुनाव के वक्त सरकार सीबीआई और ईडी को राजनेताओं पीछे लगा देती है। ऐसे में अब सीबीआई के समन पर भी यूपी की सियासत गरमाने वाली है। देखना होगा क्या सीबीआई का डंडा अखिलेश यादव पर चल पायेगा। सपा सुप्रीमों पर चलेगा सीबीआई का डंडा…!

लोकसभा चुनाव की घोषणा 15-25 मार्च तक होने की संभावना है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले सपा सुप्रीमो को सीबीआई का नोटिस राजनीतिक नज़र से देखा जा रहा है। ऐसे में मामले के गरमाने की संका जताई जा रही है। अखिलेश यादव इससे पहले भी मोदी सरकार पर सीबीआई और ईडी के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाते रहे हैं। सपा के एक नेता ने अखिलेश यादव के समन को भी राजनीति से प्रेरित बताया है कहा कि चुनाव से ठीक पहले सीबीआई और ईडी इसी तरह से एक्टिव हो जाती है। अभी हाल ही में राज्यसभा चुनाव में इसका असर दिखा है। हिमाचल प्रदेश हो या फिर उत्तर प्रदेश कहीं ना कहीं साजिश नजर आ रही है। उत्तर प्रदेश में सपा के कई विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी को अंतरात्मा की आवाज से वोट किया है। वहीं हिमाचल प्रदेश में सत्ता दल और विपक्ष को 34-34 बराबर मत मिले। जिसमें पर्ची के माध्यम से प्रत्याशी को घोषित किया गया और दावा किया गया कि वहां की सरकार भी अल्पमत में है। चुनाव से पहले इस तरह के रणनीति होती रहती है। यह तो वक्त तय करेगा की 2024 के चुनाव में जनता किस तरह से मंथन करती है।

अखिलेश यादव को बतौर गवाह पेश होने के लिए कहा गया है। इसका खुलासा उन्होंने खुद ही राजधानी में एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में किया। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अवैध खनन मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन (cbi) ने गवाह के तौर पर तलब किया है। उन्हें कल (29 फरवरी) को दिल्ली में सीबीआई के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया है। अखिलेश यादव ने कहा कि पिछले चुनाव से पहले भी एक नोटिस आया था और इस चुनाव में भी एक नोटिस आया है। सीबीआई की इस नोटिस को लोकसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अखिलेश यादव अक्सर कहते रहे हैं कि उन्हें कांग्रेस की सरकार ने पहले ही सीबीआई क्लब में डाल दिया है और अब भाजपा भी वही काम कर रही है।लोकसभा चुनाव के लिए यूपी में सपा-कांग्रेस के बीच समझौता हुआ है। दोनों दल प्रदेश में गठबंधन में लड़ रहे हैं। सपा ने कांग्रेस को गठबंधन के तहत 17 सीटें दी हैं।भाजपा का दावा है कि लोकसभा चुनाव 2024 में पार्टी प्रदेश की सभी 80 सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाब रहेगी। सपा सुप्रीमों पर चलेगा सीबीआई का डंडा…!