Sunday, January 18, 2026
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UP को मिले 7.12 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव

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विदेश के बाद अब भारत के अलग-अलग शहरों में रोड शो की करें तैयारी। मुख्यमंत्री का निर्देश, निवेशकों की जरूरत और सहूलियत का रखें पूरा ध्यान। जीआईएस से बनेंगे रोजगार के लाखों नए मौके, युवाओं को मिलेगा सीधा फायदा। जीआईएस के लिए यूपी ने रखा है ₹10 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य, अमेरिका-ब्रिटेन से मिले ₹4 लाख करोड़ के प्रस्ताव। 16 देशों से उत्तर प्रदेश को मिले ₹7 लाख 12 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव। ‘ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म से रफ्तार पकड़ेगा यूपी का विकास। $1 ट्रिलियन के लक्ष्य की सफलता का बड़ा आधार बनेगा जीआईएस 2023। 16 देशों के 21 शहरों की यात्रा से लौटी ‘टीम यूपी’ ने मुख्यमंत्री को बताए अनुभव, निवेश प्रस्तावों का दिया विवरण। हर देश के लिए बनाएं डेडिकेटेड टीम, निवेशकों से बनाएं सतत संपर्क।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश लेकर उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए दुनिया भर के उद्यमियों, कंपनियों और संस्थाओं को आमंत्रित करने वैश्विक भ्रमण पर गई ‘टीम यूपी’ अभूतपूर्व सफलता के साथ प्रदेश लौट आई है। 10 से 12 फरवरी 2023 को लखनऊ में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पूर्व 16 देशों के 21 शहरों में आयोजित इन्वेस्टर्स रोड शो में हर जगह उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए उद्यमियों में असीम उत्साह देखने को मिला। विदेश दौरों से लौटने के बाद गुरुवार को मंत्री समूहों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष अपने दौरे के अनुभव साझा करते हुए प्राप्त निवेश प्रस्तावों का विवरण प्रस्तुत किया। विदेशों में रोड शो के उत्साहजनक परिणामों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सदस्यों और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

प्रधानमंत्री ने विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए ‘ट्रिपल टी’ का मंत्र दिया है। ट्रिपल टी यानी ‘ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म। उत्तर प्रदेश इन मंत्रों को आत्मसात कर लगातार आगे बढ़ रहा है। आजादी के बाद यह पहला अवसर है कि जब उत्तर प्रदेश की टीम एक बड़े लक्ष्य के साथ दुनिया भर के निवेशकों को आमंत्रित करने वैश्विक भ्रमण पर गई।ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले दुनिया भर के निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश का आमंत्रण देने की हमारी कार्ययोजना को आशातीत सफलता मिली है। यह अत्यंत हर्ष की बात है कि 16 राष्ट्रों में हुए रोड शो से अब तक 7 लाख 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है। अकेले यूनाइटेड किंगडम, युनाइटेड एस्टेट ऑफ अमेरिका से चार लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। टीम यूपी के सभी सदस्यों को मेरी बधाई।

विदेश में रोड शो की इस सफलता से यह सुनिश्चित हो गया है कि उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 ऐतिहासिक होने जा रहा है। व्यापक निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिसका सीधा लाभ हमारे युवाओं को मिलेगा। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट- 2023 प्रदेश को 01 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की पूर्ति में बड़ा आधार बनेगा। कुछ वर्ष पहले तक उत्तर प्रदेश में इस प्रकार के किसी वैश्विक निवेशक आमंत्रण की कल्पना नहीं की जा सकती थी। आज प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में टीम यूपी की नीति सही है, हमारा नियोजन बेहतर है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 के लिए हमने ₹10 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में यह इन्वेस्टर्स समिट वैश्विक पटल पर ‘ब्रांड यूपी’ को मजबूत बनाने वाला होगा।

विदेशों में जिन कंपनियों/संस्थाओं, औद्योगिक समूहों के साथ एमओयू हुआ है, उनसे लगातार संपर्क बनाए रखें। बेहतर फॉलो-अप के उद्देश्य से हर देश के लिए वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करते हुए इनके नेतृत्व में एक डेडिकेटेड टीम बनाई जाए। यह टीम निवेशकों की जरूरत अपेक्षाओं के अनुसार हर संसाधन उपलब्ध कराएगी। जिन औद्योगिक समूहों के साथ एमओयू प्रक्रियाधीन है, उनसे संवाद करते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई जाए। आवश्यकतानुसार 15 जनवरी के उपरांत एक बार फिर कुछ देशों में फॉलोअप भ्रमण किया जा सकता है। सभी निवेशकों को फरवरी में प्रस्तावित जीआईएस में आमंत्रित किया जाए। उनके आतिथ्य की समुचित व्यवस्था हो। भविष्य के दृष्टिगत यह जरूरी है कि इन्वेस्ट यूपी में हर देश के लिए एक डेस्क बनाया जाए। यह डेस्क सम्बंधित देश के निवेशकों से सतत संवाद बनाएगी। उनकी जरूरतों के समाधान निकालेगी। नई संभावनाओं को आकार देने का कार्य करेगी।

उत्तर प्रदेश के युवा आज दुनिया के हर देश में हैं। यह एनआरआई युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता का लाभ उत्तर प्रदेश को देने को उत्सुक हैं। इन युवाओं को हमें अवसर उपलब्ध कराना होगा। कई देशों में उत्तर प्रदेश के प्रवासियों ने संगठन भी बनाया है। इन संगठनों से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखा जाए। विदेश में जी2जी और बी2जी बैठकों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा, ग्रेटर नोएडा आदि क्षेत्रों के साथ-साथ अनेक औद्योगिक समूहों ने गोरखपुर, काशी, प्रयागराज, अलीगढ़, लखनऊ, कानपुर आदि शहरों में निवेश के लिए उत्सुकता जताई है। इन क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए निवेशकों की जरूरत के अनुसार हर संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

हॉस्पिटैलिटी, फूड प्रोसेसिंग, ड्रग्स व फार्मा, मेडिकल डिवाइस, केमिकल, टूरिज्म, लॉजिस्टिक्स-वेयरहाउसिंग, ग्रीन हाइड्रोजन, ईवी बैटरी विनिर्माण, एमएसएमई, दुग्ध, शिक्षा, डिफेंस एंड एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर, ड्रोन विनिर्माण, कृषि, टेक्सटाइल, स्टील मैन्युफैक्चरिंग, हार्टिकल्चर, वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट, डेटा सेंटर, रिवर बेसिन मैनेजमेंट, आदि सेक्टर में निवेश के लिए विभिन्न औद्योगिक समूहों ने अपने निवेश के प्रस्ताव दिए हैं। डसाल्ट, सैफरॉन, एयर लिक्विड, थॉमसन,सैंमीना कॉर्पोरेशन, कम्प्यूटिंग, सिलास, एचएमआई ग्रुप, सैमसंग, आइकिया, एरिक्सन, मदरसन, एनटीटी ग्लोबल, मित्सुई, जैसी कंपनियों ने उत्साह दिखाया है। यह निवेश प्रस्ताव हमारे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बनेंगे। प्रधानमंत्री की प्रेरणा और मार्गदर्शन से जिस भी देश में ‘टीम यूपी’ गई, हर जगह भारतीय दूतावास का सकारात्मक, सहयोग मिला है। दूतावासों से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखें। सभी 16 देशों के राजदूतों/उच्चायुक्तों को मेरी ओर से आभार पत्र लिखा जाएगा। विदेशी निवेशकों के साथ-साथ हमें अपने देश के निवेशकों से भी संपर्क करना है। देश के भीतर होने वाले रोड शो के लिए नई टीम बनाई जाए। इसमें स्वतंत्र प्रभार मंत्री और राज्य मंत्री गणों को शामिल किया जाए। देश के भीतर होने वाले रोड शो 15 जनवरी तक सम्पन्न कर लिए जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जी0आई0एस) से संबंधित विदेश भ्रमण पर गये विभिन्न समूह द्वारा प्रस्तुतीकरण की समीक्षा बैठक करते हुए।

उत्तर प्रदेश में पहले से निवेश कर रहे औद्योगिक समूह हमारे ब्राण्ड एम्बेसेडर हैं। इनके अच्छे अनुभवों को हमें अन्य निवेशकों के साथ साझा करना चाहिए।विदेश दौरों से लौटे सभी समूहों ने समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष अपने दौरों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। सभी समूहों ने औद्योगिक निवेश के लिए उत्तर प्रदेश की टीम के वैश्विक भ्रमण को लगातार जारी रखने की आवश्यकता बताई। साथ ही निवेशकों की अपेक्षाओं से भी अवगत कराया।

अब तक कुल निवेश प्रस्ताव:- ₹712,288 करोड़, अब तक कुल एमओयू: 149,संभावित रोजगार अवसर:- 7,02,415,बी2बी/बी2जी मीटिंग: 269 ।

◆ कनाडा-यूएसए दौरे पर गए समूह की ओर से कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश को सबसे बड़ा लाभ मुख्यमंत्री की निजी छवि से मिल रहा है। विदेश में लोगों के मन में मुख्यमंत्री की कार्यशैली, विजन के प्रति बड़ा आदर है। निवेशक यहां की सुरक्षा व्यवस्था, निवेश अनुकूल माहौल से काफी प्रभावित हैं। इसका लाभ पूरे प्रदेश को मिलेगा।

◆ नीदरलैंड और फ्रांस दौरे से लौटे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि दोनों देशों में निवेशकों के मन में भारत के प्रति बड़ा विश्वास है और भारत में उनकी प्राथमिकता उत्तर प्रदेश है। नीदरलैंड में एक बड़ी आबादी पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रवासियों की है। यह लोग डेढ़ शताब्दी पहले गिरमिटिया मजदूर के रूप में सूरीनाम पहुंचे थे और आज नीदरलैंड में हैं। आगामी फरवरी में इनके प्रवासन के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यह लोग अपनी मातृभूमि के प्रति गहरा लगाव रखते हैं और उत्तर प्रदेश के विकास में सहायक बनने को उत्सुक हैं। उन्होंने बताया कि फ्रांस के इत्र विश्व में प्रतिष्ठित है, कन्नौज के इत्र के लिए यहां बड़ा बाजार है। इस संबंध में भी प्रयास हुआ है, इसके नतीजे जल्द देखने को मिलेंगे।

◆ ऑस्ट्रेलिया व सिंगापुर से लौटे समूह की ओर से मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि रोड शो के दौरान हुई सकारात्मक वार्ता में नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर से सभी निवेशक प्रभावित दिखे। सुरक्षा और सहूलियत के आश्वासन के साथ विभिन्न प्रोजेक्ट पर वार्ता हुईं। स्थानीय प्रवासी भारतीय समूहों से भी संवाद हुआ। सिडनी में हुई बी2जी मीटिंग में नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी विकास, एग्रो टेक, फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में बड़े निवेश पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते का लाभ भी हमें मिलेगा। सिंगापुर जीआईएस में पार्टनर कंट्री है, यहां से कई कंपनियां डेटा सेंटर के सेक्टर में आने को इच्छुक हैं।

◆ यूएसए और यूके के तीन शहरों के भ्रमण से लौटे मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इन बड़े देशों में उत्तर प्रदेश की बदलती परिस्थितियां निवेशकों के लिए चर्चा का विषय है। उन्होंने कहा कि हिंदुजा ग्रुप और रॉल्स रॉयस से बड़े निवेश के लिए चर्चा हुई है। लंदन में हीरानंदानी समूह ने यूपी के साथ अपने अच्छे अनुभव को साझा किए। इसके अलावा, सैन फ्रांसिस्को से सलोनी हर्ट फाउंडेशन ने एसजीपीजीआई लखनऊ को ₹415 करोड़ का सीएसआर अनुदान देने का निर्णय लिया है। इसी तरह, जियो थर्मल पॉवर तकनीक के लिए ₹41000 करोड़ के निवेश का एमओयू हुआ है। सिफी इंटरनेशनल 8300 करोड़ का निवेश करेगी। इसी तरह, हेल्थ एटीएम निर्माण में ₹1000 करोड़ सहित नवीकरणीय ऊर्जा, होटल/हॉस्पिटैलिटी, स्किल डिवेलपमेंट, लॉजिस्टिक्स, आईटी/आईटीईएस जैसे सेक्टर में कई बड़ी कंपनियों ने निवेश का प्रस्ताव रखा है।

◆ दक्षिण कोरिया और जापान दौरे से लौटे समूह की ओर से मंत्री जयवीर सिंह और मंत्री आशीष पटेल ने बताया कि इन देशों की ज्यादातर तकनीकी कंपनियां दक्षिण भारत में निवेश करती रही हैं। उत्तर प्रदेश की टीम से मिलना, उनका पहला अनुभव था। भारी निवेश का रास्ता साफ हुआ है।

◆ जर्मनी, बेल्जियम और स्वीडन से लौटे मंत्री समूह की ओर से नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने बताया कि उत्तर प्रदेश की टीम के इस तरह वैश्विक दौरे पर पहली बार गई थी, निवेशकों के लिए यह बड़ा उत्साहवर्धक रहा। हमें ऐसे दौरे नियमित अंतराल पर करने चाहिए। उन्होंने अपने दौरों के दिवसवार विवरण से अवगत कराया।

◆ मैक्सिको, ब्राजील और अर्जेंटीना के दौरे से लौटे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और संजय निषाद ने बताया कि तीनों ही देशों में यूपी को लेकर उत्साह जनक माहौल है। मैक्सिको से फ़ूड प्रोसेसिंग और एग्रो और डेयरी सेक्टर में बड़ी संभावनाएं हैं। ज़ेबू एम्ब्रियो कम्पनी ने मथुरा में कृषि विश्वविद्यालय के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुकता जताई है। वहीं ब्राजील में रक्षा क्षेत्र की अनेक कंपनियों के साथ सुखद वार्ता हुई।

दुनिया के बाद अब देसी दिग्गजों पर टीम योगी की नजर

अडानी, अंबानी, ओसवाल, हीरो, मारुति, गोदरेज, महिन्द्रा, अमूल, रसना कंपनियों को यूपी में निवेश का निमंत्रण देंगे योगी। फिक्की और सीआईआई के साथ मिलकर सात शहरों में 40 से ज्यादा कंपनियों से संपर्क करेगी टीम योगी।

यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 की तैयारियों में जुटी टीम योगी विदेशी दौरों पर निवेशकों से मिले जोरदार रिस्पॉन्स के बाद आत्मविश्वास से भरी हुई है। अब टीम योगी देसी निवेशकों को साधने में प्रण-प्राण से लग गयी है। प्रदेश में 10 लाख करोड़ के निवेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए योगी सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। इसी परिप्रेक्ष्य में आगामी जनवरी महीने में देश के सात शहरों में टीम योगी का दौरा होना है। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित सरकार के मंत्रीगण और अधिकारी 40 से ज्यादा कंपनियों से संपर्क साधेंगे और उन्हें उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। सरकार को देसी कंपनियों से बड़ी उम्मीदें हैं।

फिक्की और सीआईआई संभालेंगे अहम जिम्मेदारी


योगी सरकार देश के सात महानगरों में देसी दिग्गज कंपनियों के साथ हाई लेवल बैठकें करने जा रही है। मुम्बई, दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद, चेन्नई और बेंगलुरू में टीम योगी रोड शो के जरिए तकरीबन 42 कंपनियों का ना सिर्फ मन टटोलेगी बल्कि यूपी में निवेश के लिए आमंत्रित भी करेगी। सातों शहरों में आयोजित होने वाले इन रोड शो में फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) और कॉन्फडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज़ (सीआईआई) की भी अहम जिम्मेदारी होगी।

महानगरों को मथेगी टीम योगी


2023 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रत्येक महानगर आयोजित होने वाले रोड शो का नेतृत्व कैबिनेट स्तर के दो-दो मंत्री करेंगे। इनमें मुख्यमंत्री, दोनों उप मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री, औद्योगिक विकास मंत्री सहित कई मंत्री देसी निवेशकों के साथ वार्ता करेंगे। इसके अलावा मुख्य सचिव, छह अपर मुख्य सचिव और 10 प्रमुख सचिव भी देश की दिग्गज कंपनियों से निवेश के लिए वार्ता की मेज पर होंगे। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुम्बई में टीम का नेतृत्व करेंगे, तो वहीं डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक हैदराबाद और केशव प्रसाद मौर्य कोलकाता में कमान संभालेंगे।

इन दिग्गज निवेशकों को देंगे निमंत्रण


टीम योगी भारत में लगभग 42 निवेशकों को यूपी में निवेश के लिए आमंत्रित करेगी। इनमें गोदरेज, रिलायंस इंडस्ट्रीज़, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, टाटा ग्रुप, जेएसडब्ल्यू ग्रुप, एशियन पेंट्स, ब्रिटैनिया, आदित्य बिरला ग्रुप, बॉम्बे डाइंग, नेस्ले, कोका कोला, डीसीएम श्रीराम, एसआरएफ, वर्धमान, त्रिवेणी इंजीनियरिंग, हाइडेलबर्ग सिमेंट, सबरोस, मारुति, सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प, आयशर, नोकिया, अशोक लेलैंड, सुंदरम फास्टनर्स, सुंदरम क्लेटन, टीवीएस मोटर्स, एलएंडटी, ग्रंडफोज़ पंप्स, एल्गी, लक्ष्मी मिल्स, बर्जर पेंट्स, एक्साइड, टेक्समैको, आरपी संजीव गोयनका ग्रुप, वोकहार्ट, आईटीसी, एवरेडी, अडानी ग्रुप, टोरेंट ग्रुप, हिताची, रसना, अमूल, ओसवाल इंडस्ट्रीज, अरविंद मिल्स, ईसीआईएल, एचपी, अमरा राजा, रामके, लाफरेज, मैरिनो फूड्स, दिवी लैब, डेल, आईबीएम, सेन्टम, इलेक्ट्रॉनिक्स, एबीबी, वॉल्वो, टोएटा, हनीवेल, बॉश, बायोकॉन और हाल कंपनियों से यूपी में निवेश के लिए प्रयास होंगे।

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