Sunday, January 18, 2026
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एसटी आरक्षण में नहीं किया गया नियमों का पालन

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एसटी आरक्षण में नहीं किया गया नियमों का पालन. आइपीएफ ने पत्र भेज दर्ज कराई आपत्ति.

लखनऊ- लम्बे संघर्ष के बाद अनुसूचित जनजाति के लिए नगर निकाय चुनाव में आरक्षण दिया गया. लेकिन नियमों को ताक पर रखने और मनमाने ढंग से आरक्षण देने से इस बार भी नगर निकाय चुनाव में अनुसूचित जनजाति के लोग प्रतिनिधित्व से वंचित रहेंगे और प्रदेश में कहीं पर भी चुनाव नहीं लड़ पायेंगे. ये स्थिति इसलिए पैदा हुई क्योंकि किसी भी नगर निकाय के वार्डों में सीट आरक्षित नहीं की गई और नगर पंचायत अध्यक्ष की जो एक सीट इटावा के बकेवर को आरक्षित किया गया है वहां जनजाति की आबादी शून्य है. उत्तर प्रदेश नगर पालिका (स्थानों और पदों का आरक्षण एवं आवंटन) नियमावली 1994 की प्रक्रिया के तहत सीटें आरक्षित न करने पर आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. आर. दारापुरी द्वारा प्रमुख सचिव नगर विकास को पत्रक भेज आपत्ति दर्ज कराई है और मांग की गई है कि अनुसूचित जनजाति के आबादी वाले क्षेत्र रेनूकूट, डाला, अनपरा, ओबरा, दुद्धी और पिपरी में से उपयुक्त किसी एक सीट को आरक्षित किया जाए और हर नगर पंचायत व नगर पालिका में एसटी की आबादी के अनुरूप वार्ड सदस्यों को भी आरक्षित किया जाए. अनपरा, डाला, रेनुकूट नगर पंचायत में जो आबादी के आंकड़े प्राप्त है उनके अनुसार एसटी के लिए कम से कम एक सभासद पद आरक्षित होना चाहिए.