Friday, January 16, 2026
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18वीं विधान सभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित

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लखनऊ। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने आज कहा कि उत्तर प्रदेश की विधानसभा केवल 403 विधायकों की विधानसभा नहीं है बल्कि इस प्रदेश के हर नागरिक की विधानसभा है। उन्होंने कहा कि इसका स्वरूप अब बदल रहा है। प्रदेश की विधानसभा ने दूसरे राज्यों को नया रास्ता दिखाने का काम किया है। 18 वीं विधानसभा के मानसून सत्र के समापन पर आज सभी सदस्यों के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि सभी सदस्य अपनी विधानसभा की दिव्यता और भव्यता को बनाकर रखें जिससे दूसरे राज्यों में हम अपनी विधानसभा का जिक्र गर्व से कर सकें। श्री महाना ने कहा कि हाल ही में कनाडा में सम्पन्न हुई सीपीसी कांफेंस में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला जी ने उत्तर प्रदेश की विधानसभा की सराहना की जिसके बाद  सात आठ राज्यों ने इससे सीखने के प्रयास शुरू किये है।


विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि पिछली बार हमने कहा था कि प्रत्येक सदस्य अपने परिजनों को विधानसभा का भ्रमण कराने के लिए यहां लेकर आए। वह परिजनों के साथ अपने क्षेत्र के छात्र- छात्राओं, डाक्टर्स, इंजीनियर्स, वकील और शिक्षा क्षेत्र से जुडे़ अन्य लोगों को भी यहां लाकर इसे दिखाने का काम करें। हम चाहते हैं कि इस प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपनी विधानसभा पर गर्व करे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस बार सत्र के दौरान प्रत्येक सदस्य ने बेहद तन्मयता से सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया है। दलीय नेताओं के सहयोग के चलते जनहित के कई मुद्दों को सरकार के सामने पेश किया गया। साथ ही मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भी विपक्ष की बातों को बेहद गंभीरता से लेकर उन पर शालीनता के साथ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है जिसके चलते सदन की कार्यवाही एक बार भी स्थगित नहीं हुई। श्री महाना ने कहा कि सरकार जनहित के  हर काम में सहयोग कर रही है। सदस्यों को अगर किसी  भी प्रकार की कोई भी जरूरत हो तो हर तरह से सहयोग करने को तैयार हूँ।


विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मीडिया के  प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के लिए बुलाए गए विशेष सत्र में प्रिंट और इलेक्ट्रिानिक मीडिया का बेहद सकारात्मक भाव देखने को मिला है। पूर्व में नकारात्मक रिपोर्टिंग के चलते प्रदेश की छवि पर भी नकारात्मक असर देखने को मिलता था पर अब धीरे धीरे इसमें बदलाव देखने को मिल रहा है।
उन्होंने विधान सभा सचिवालय में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके सहयोग से ही यह सत्र सुचारू रूप से सम्पन्न हो सका है।

उ0प्र0 की 18वीं विधान सभा का द्वितीय सत्र आज से अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया।प्रथम सत्र की तरह इस बार भी  पांच उपवेशनों की कार्यवाही के दौरान एक बार भी सदन स्थगित नहीं हुआ। जो विधानसभा में पूर्व हुई कार्यवाहियों में सबसे अलग रहा। सदन की कार्यवाही कुल 18 घण्टे 11 मिनट चली।कार्यवाही के दौरान अल्पसूचित प्रश्न 01, तारांकित प्रश्न 639, अतारांकित प्रश्न 2487 प्राप्त हुए। इनमें कुल 627 प्रश्न उत्तरित हुए। जिसमें 1553 प्रश्न (43.23 प्रतिशत) आनलाइन प्राप्त हुए। इसी प्रकार सरकार से वक्तव्य मांगने वाले नियम 51 के अन्तर्गत 466 सूचनाएं प्राप्त हुई। जिन्हें वक्तव्य के लिए 11 व केवल वक्तव्य के लिए 4 एवं ध्यानाकर्षण के लिए 101 को स्वीकार किया गया।


19 सितम्बर से प्रारम्भ हुए 18वीं विधान सभा के द्वितीय सत्र में नियम-301 के तहत कुल 327 सूचनाएं प्राप्त हुई। जिनमें 105 को स्वीकृत किया गया जबकि 222 सूचनाओं को अस्वीकृत किया गया। नियम 56 के अन्तर्गत कुल 58 सूचनाएं प्राप्त हुई जिसमें 7 अग्राह्य हुईं जबकि 2 सूचनाओं पर ध्यानाकर्षण  किया गया।इस सत्र में कुल-1844 याचिकाएं सदन में प्राप्त की गयी। जिसमें 1072 ग्राह्यता के उपरान्त स्वीकार की गयी। सदन की कार्यवाही के दौरान नियम 56 के अर्न्तगत विभिन्न प्रकार के जनहित के प्रश्नों को उठाया गया। नियत सीमा से अधिक प्रस्तुत एवं विलम्ब से प्राप्त 772 याचिकाएं अग्राह्य हुईं।  


 विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नेता सदन योगी आदित्यनाथ सहित नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव, अपना दल (एस) के नेता, राम निवास वर्मा, राष्ट्रीय लोकदल के नेता,राजपाल सिंह बालियान, निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आग दल के नेता, अनिल कुमार त्रिपाठी, भारतीय सुहेलदेव पार्टी के नेता ओम प्रकाश राजभर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता आराधना मिश्रा ‘मोना, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नेता कुंवर रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भइया, बहुजन समाज पार्टी के उमाशंकर सिंह सहित सभी दलीय नेताओं के सहयोग की प्रशंसा की। पांच उपवेशनों में हुई कार्यवाही के दौरान संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने विपक्ष की तरफ से उठाये गये नियम 51 56 301 एवं अन्य सूचनाओं, बिलों के पारण और बहसों पर समाधान परक उत्तर देकर सदन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने मंत्रिमण्डल के सदस्यों को निरंतर सदन में उपस्थित रहकर उत्तर देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।