
अजय सिंह
लखनऊ। विधानसभा चुनावों में पराज्य के बाद सभी दलों ने लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। विकास की बातें करने के साथ जातिगत गोटियां बिछाने का कार्य भी शुरू हो चुका है। योगी सरकार के बजट को लोकसभा चुनाव की तैयारी माना जा रहा है तो सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार को घेरने के लिए महंगाई, रोजगार, मंदी, किसान, विकास के साथ जातिये जनगणना का मुद्दा उठाया है। इसके लिए उन्होंने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में जोरशोर से उठाया है।
अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी पार्टी इस पक्ष में है कि जातीय जनगणना होनी चाहिए। जब सरकार कह रही है हम डेटा सेंटर बनाएंगे तथा डेटा सेंटर के लिए निवेश कर रहे हैं तो सरकार आगे क्यों नहीं आती है कि जातीय जनगणना भी करे।उन्होंने कहा है कि सरकार वो आंकड़े दे कि इतने किसानों का गन्ने का पैसा बकाया है। इस सरकार में जहां बिजली महंगी हो गई है। खाद महंगी और कोई भी इंतजाम मंडी का नहींकिया गया। गेहूं की खरीद में कहीं भी सरकारी खरीद नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों से मिल गई है और उन्हीं के लिए कार्य कर रही है।
इसके अलावा उन्होंने सुबह ट्वीट किया था कि प्रदेश में भाजपा सरकार जनित महंगाई ने आम जनता के जीवनयापन में चुनौती खड़ी कर दी है। थाली से लेकर रोजी, रोजगार, काम, कारोबार, परिवहन, आवागमन, दवाई, पढ़ाई सब कुछ महंगाई से बुरी तरह प्रभावित है। सपा की मांग है कि भाजपा सरकार मुंह न छुपाए, बल्कि जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए।























