नई पेंशन व्यवस्था से प्रदेश के 13.37 लाख प्रभावित

राजेन्द्र चौधरी

अटेवा प्रतिनिधियों ने कहा उत्तर प्रदेश सरकार की नौकरियों में 01 अप्रैल 2005 से शिक्षकों व कर्मचारियों को दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर बाजार आधारित नई पेंशन व्यवस्था लागू कर दी गई जो किसी के हित में नहीं है। यह व्यवस्था अन्यायपूर्ण है क्योंकि इसमें सरकार का पैसा प्राइवेट कम्पनियों के पास जमा हो रहा है।पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से अटेवा-पेंशन बचाओ मंच के प्रतिनिधिमण्डल ने भेंटकर उन्हें पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा के लिए धन्यवाद दिया और आभार व्यक्त किया।
   
   नई पेंशन व्यवस्था से प्रदेश के 13.37 लाख युवा शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारी प्रभावित हुए हैं। इस व्यवस्था के खिलाफ प्रदेश में शिक्षक-कर्मचारी सभी आक्रोशित हैं।अटेवा प्रतिनिधिमण्डल में नेशनल मूवमेंट फार ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु और अटेवा के प्रदेश महामंत्री नीरजपति त्रिपाठी शामिल थे। इनके अतिरिक्त सर्वश्री भारत सिंह यादव अध्यक्ष लो.नि.वि., अशोक कुमार प्रधान महासचिव चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ, डॉ0 राजेश कुमार मीडिया प्रभारी अटेवा, रामेंद्र श्रीवास्तव पूर्व महामंत्री पंचायती राज ग्रामीण सफाई संघ, डॉ0 विनीत वर्मा अध्यक्ष लखनऊ, वि.वि. शिक्षक संघ, जय प्रकाश मौर्य प्रदेश महामंत्री वाणिज्य कर कर्मचारी संघ, डॉ0 मनोज पाण्डेय अध्यक्ष लुआक्टा, राममूरत यादव प्रदेश अध्यक्ष लेखपाल संघ, संजय रावत अध्यक्ष मिनिस्टीरियल स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, श्रवण सचान डिप्लोमा फार्मासिस्ट, अजीत यादव बाल विकास विभाग एवं संजय यादव, सच्चिदानंद मिश्र आदि।मनरेगा मजदूर शिक्षा एवं स्वास्थ्य कल्याण संगठन के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने अपने संगठन का समाजवादी पार्टी को समर्थन देते हुए कहा है कि भाजपा से धोखा मिला है और समाजवादी पार्टी पर भरोसा है कि वही हमारी समस्याओं का समाधान करेगी। उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में हमारा संगठन सक्रिय है।
                               

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