Saturday, February 28, 2026
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अमर जवान ज्योति का विलय मोदी की तानाशाही-पी0एल0 पुनिया

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अमर जवान ज्योति का विलय शहीदों की शहादत पर कुठाराघात।देश में त्याग, बलिदान और शौर्य की प्रतीक पुरानी धरोहरों को बदला जा रहा है।अमर जवान ज्योति का विलय मोदी की तानाशाही का एक और नमूना है।

संजय सिंह

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में अमर जवान ज्योति की लौ को विलय करने के फैसले पर कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा, बहुत दुख की बात है। हमारे वीर जवानों के लिए जो अमर ज्योति जलती थी, उसे आज बुझा दिया जाएगा। कुछ लोग देशप्रेम व बलिदान नहीं समझ सकते, कोई बात नहीं। हम अपने सैनिकों के लिए अमर जवान ज्योति एक बार फिर जलाएंगे!

अमर जवान ज्योति की लौ को विलय करने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश इलेक्शन कैंपेन कमेटी के चेयरमैन पी0एल0 पुनिया ने कहा कि अमर जवान ज्योति देश के वीर जवानों की शहादत की प्रतीक है। 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य, बलिदान के प्रतीक स्वरूप इस अमर जवान ज्योति को प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने वीर शहीद भारतीय सैनिकों के सम्मान में स्थापित किया था। लेकिन आज उसे बुझा दिया गया। इंडिया गेट पर 50 वर्षों से स्थापित अमर ज्योति को अब वॉर मेमोरियल ले जाया जा रहा है। मोदी सरकार का यह फैसला शहीदों की शहादत पर कुठाराघात है। देश में त्याग, बलिदान और शौर्य की प्रतीक पुरानी धरोहरों को बदला जा रहा है।

उन्होंने कहा, सेंट्रल विस्टा जिसे मोदी महल कहना उचित होगा, उसके निर्माण के लिए देश की अनेक धरोहरों को बदला जा रहा है। उनके स्वरुप को नष्ट किया जा रहा है। अमर जवान ज्योति का विलय मोदी की तानाशाही का एक और नमूना है। इस निर्णय से पहले शहीदों के परिजनों से विचार-विमर्श न कर, मोदी सरकार ने भारतीय सेना के शौर्य, बलिदान एवं अदम्य साहस का अपमान किया है। अमर जवान ज्योति की ज्योत हिंदुस्तान में करोड़ों देशभक्तों के लिए मंदिर की ज्योति की तरह है। ये बलिदानियों का मंदिर है, जिस तरह मंदिर की ज्योत को विस्थापित नहीं किया जा सकता, उसी प्रकार अमर जवान ज्योति का विस्थापन भी संभव नहीं है।