

भैया चुनाव आये नहीं कि खेला चालू हो गया।सब अपनी अपनी गोटियाँ सेट करने में जुटे हैं।इधर मौर्या जी नामालूम काहे नाराज हो गए।मल्लब मंत्री पद तो जो छोड़े सो छोड़े ही पार्टी भी छोड़ दिए,औ इतनै नहीं चार चार को अऊ साथ ले गए ।हाँ तो भइया मौर्या साहब गोटियाँ सेट कर लिए हैं।बीजेपी में आने से पहले ये बसपा में हुआ करते थे । फिर अचानक एक दिन इनकी अंतरात्मा जागी।बोले उनके टैलेंट के साथ अन्याय हो रहा है।बस बीजेपी में कूद गए औ डायरेक्ट मंत्री पद भी पा गये।

लेकिन इधर कुछ दिनों से बड़ा सफोकेशन फील कर रहे थे।बस सोच लिए कि आज कुछ तूफानी करते हैं।जोश जोश में दे डाले इस्तीफ़ा।बता रहे हैं कि चार तो साथ में आये हैं अभी कुछ अउर बोरिया बिस्तर समेट रहे हैं।साथ ही चेताये भी है कि आगे की धार और वार देखिये।लेकिन इधर अपने अखिलेश भइया का जोश हाई हो गया।दिल खोल के मौर्या साहब का वेलकम किये।औ वहीं से बइठे बइठे एक बार फिर से डिक्लेअर कर दिए कि बाइस में बाइसिकल।योगी जी भी सकते में आ गए हैं।अब क्या करें।फीते काटने में इतना बिजी रहे कि इधर ध्यान ही नहीं दे पाए ।खैर मौसम चुनाव का है तो घर और दर दोनों बदले जायेंगे।नेताओं में रंग बदलने की अनूठी कला होती है,लेकिन भैया आप सब न बदलियेगा।चलते हैं…























