चुनाव 2022 सपा के प्रति रुझान,पर निम्न वर्ग में भाजपा मजबूत

प्रयागराज मण्डल में सपा बीजेपी से 5% से अधिक वोट से अभी भी पीछे। मध्यम व शिक्षित वर्ग में सपा के प्रति रुझान,पर निम्न वर्ग में भाजपा की साख मजबूत।


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश से ओपिनियन पोल में यह बात उभर कर आई है कि समाजवादी पार्टी सत्ता संघर्ष में बेहतर प्रदर्शन कर रही है,वही भाजपा की साख निम्न वर्ग में बेहतर है।निम्न वर्ग को शिक्षा,सम्मान व नौकरी आदि से कोई मतलब नहीं,सिर्फ खाने व जीने से मतलब है।इस वर्ग की आबादी अमूमन लगभग 20 प्रतिशत है।विधानसभा चुनाव-2022 में भाजपा की विदाई लगभग तय थी,लेकिन यही निम्न वर्ग उसे अभी भी सत्ता संघर्ष में बनाये हुए है।सपा का यह मुगालता भी गलत है कि ब्राह्मण भाजपा से नाराज होकर सपा के साथ जुड़ रहा है।अभी भी ब्राह्मण की पसन्द भाजपा ही है।सैकड़ों ब्राह्मणों से ब्राह्मण हत्या के ऊपर प्रश्न किया गया तो उनका साफ कहना था कि जाति के नाम पर अपराधियों की हत्या का कोई मायने नहीं,ब्राह्मण वर्ग का सम्मान व प्रतिनिधित्व महत्वपूर्ण है।हाँ, सपा या बसपा,कांग्रेस से कोई ब्राह्मण प्रत्याशी सिर्फ अकेले लड़ेगा तो समाज उसके साथ जाएगा,अन्यथा भाजपा ही ब्राह्मणों की बेहतर पसन्द है।


सामाजिक न्याय चिंतक व राजनीतिक समीक्षक चौ.लौटनराम निषाद ने साफतौर पर कहा कि ब्राह्मण मौसम विज्ञानी होता है।राजनीतिक हवा का रुख देखकर ब्राह्मण चर्चाओं का बाजार गर्म करता है,जबकि उज़की पहली पसंद भाजपा ही होती है।उत्तर प्रदेश में सत्ता प्राप्ति के लिए अभी भी सपा को 3 से 4 प्रतिशत मतों को अपने पक्ष में करने के लिए कवायद करनी होगी।ज्योति न्यूज एजेंसी के ओपिनियन पोल में भाजपा की राशन वितरण,लैपटॉप, टेबलेट वितरण,किसान व श्रमिक सम्मान निधि का उसके पक्ष में परिवर्तन का संदेश दे रही है।


ज्योति न्यूज एजेंसी के ओपिनियन पोल में प्रयागराज मण्डल के अंतर्गत आने वाले प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, फ़तेहपुर जनपद के विभिन्न जातियों के 1-1 हजार मतदाताओं के रुख का आंकलन किया गया। उक्त जनपद अंतर्गत पाई जाने वाली राजपूत, ब्राह्मण,निषाद, बिन्द, कुशवाहा, लोधी,पाल,विश्वकर्मा, प्रजापति,यादव,साहू/तेली,पासी, कुर्मी,चमार,कोल,वैश्य,मुस्लिम,पंचफोरन(बारी,नाई, चौरसिया,जैसवाल,गिरी,सोनार आदि) जातियों के 17,645 मतदाताओं की चुनावी मूड का आंकलन किया गया।जिसमें सपा को 33.06% व भाजपा को 38.23% समर्थन मिलता दिखा।इस आंकलन के अनुसार अभी सपा व भाजपा में लगभग 5 प्रतिशत वोट के उलटफेर का प्रयास करना है।भाजपा से आगे निकलने के लिए सपा को 4 प्रतिशत वोट को अपने पाले में करने के लिए प्रयास करना होगा।अतिपिछड़ी जातियाँ अभी भी यादवों से डरी सहमी दिख रही हैं।


ब्राह्मण,राजपूत, वैश्य,कुर्मी,कुशवाहा/मौर्य,निषाद, बिन्द, पासी,चमार,विश्वकर्मा, प्रजापति, लोधी,कोल,पासी,यादव,पाल आदि जातियों के मतदाताओं से उनका मन्तव्य लिया गया।जिसमें ब्राह्मण,राजपूत,वैश्य की अभी भी भाजपा ही पहली पसंद है।कुर्मी,कोयरी की अभी भी भाजपा के ही प्रति रुझान है।निषाद,लोधी, बिन्द, विश्वकर्मा, प्रजापति की रुझान पिछले चुनाव की अपेक्षा सपा के8 ओर बढ़ी है।निषाद, मौर्य/कुशवाहा, लोधी,बिन्द,पाल की यह शिकायत थी कि समाजवादी पार्टी गैर यादव पिछड़ी जातियों को टिकट वितरण में उचित सम्मान नहीं देती है।


मोस्ट बैकवर्ड क्लासेस ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रामसुमिरन विश्वकर्मा ने सपा के सम्बंध में टिप्पणी करते हुए कहा कि बाहरी तौर पर सपा को पिछडों,दलितों,वंचितों की पार्टी कहा जाता है।पर,असल में सपा वंचितों नहीं बल्कि सामन्तवादियों की पार्टी का रूप धारण कर ली है।सपा की खामियों को पकड़कर ही भाजपा ने सत्ता का साम्राज्य कायम कर लिया।सपा सरकार में 5-5,6-6 राजपूत, ब्राह्मण,,मुस्लिम व 7 यादवों को कैबिनेट में स्थान दिया गया,वही मजबूत आधार वाली निषाद, कुर्मी,कोयरी,लोधी/किसान,जाट,जाटव आदि जातियों के साथ दोयमदर्जे का बर्ताव किया गया।टिकट वितरण में भी देखा जाय तो सपा ने ग़ैरयादव जातियों को मात्र 42 टिकट दिया वही भाजपा ने 132 टिकट देकर सपा को बहुत पीछे छोड़ दिया।


वर्तमान परिवेश में दलित वर्ग की चमार जाति के बुद्धिजीवी वर्ग में सपा की स्वीकार्यता बढ़ी है,सवर्ण वर्ग अभी भी भाजपा को ही पसन्द करता दिख रहा है।कुर्मी,कोयरी बिरादरी अभी भी सपा को अपनी पार्टी नहीं मान रहे।विधानसभा चुनाव में सपा,भाजपा के बीच कड़ा संघर्ष होना दिखाई दे रहा है।दलित वर्ग में यह पाया गया कि उसका बुद्धिजीवी वर्ग बसपा को भाजपा की बी टीम में लिया है,वही सपा के साथ जाना बेहतर समझ रहा है।तमाम ग़ैरयादव पिछड़ी जातियों के बुद्धिजीवियों की यह प्रतिक्रिया रही कि अखिलेश यादव की सपा यादवी प्रेम से मुक्त हो अतिपिछड़ों को टिकट वितरण में उचित भागीदारी नहीं दिया तो सपा सत्ता से दूर ही रहेगी।


प्रयागराज मण्डल के सम्बद्ध जिलों के सर्वे में एक बात उभरकर आयी कि बसपा काफी कमजोर होती दिख रही है,वही कांग्रेस की प्रभारी महामंत्री प्रियंका गांधी की सक्रियता से कांग्रेस के प्रति लोगों की रुझान तेजी से बढ़ रही है।17,645 मतदाताओं की रुझान में 5,834 लोगों ने सपा,6,747 ने भाजपा,2,897 ने कांग्रेस व मात्र 1,692 लोगों ने बसपा को पसन्द किया।कांग्रेस के चाहने वालों की संख्या बढ़कर इस समय 16.42% हो गयी है।अगर कांग्रेस समर्थकों की यही स्थिति बनी रही तो कांग्रेस किंगमेकर की स्थिति में आ जायेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button