Sunday, January 18, 2026
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भूगर्भ जल अधिनियम-2019 का समुचित पालन करें

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भूगर्भ जल अधिनियम-2019 का समुचित पालन न करने वाले भूजल उपभोक्ताओं के विरूद्ध होगी कार्यवाही।

प्रतापगढ़। हाइड्रोलाजिस्ट/नोडल अधिकारी, कार्यालय अधिशासी अभियन्ता भूगर्भ जल विभाग प्रयागराज ने बताया है कि भूगर्भ जल के अनियंत्रित और तीव्र निष्कषर्ण के फलस्वरूप ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में भूगर्भ जल स्तर में कमी आने से भूगर्भ जल दोहन के कारण गम्भीर भूगर्भ जल संकट विद्यमान है। अतिदोहित तथा संकटग्रस्त क्षेत्र में इसके प्रबन्धन, नियंत्रण विनियमन किये जाने हेतु दिनांक 02.10.2019 से प्रभावी उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबन्धन और विनियमन) अधिनियम-2019 के प्राविधानों के अनुसार अधिसूचित और गैर अधिसूचित क्षेत्रों में विद्यमान वाणिज्यिक, औद्योगिक, अवसंरचनात्मक तथा सामूहिक उपभोक्ताओं को भूगर्भ जल निष्कषर्ण हेतु प्राधिकार पत्र/अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना तथा वेधन अभिकरणों को पंजीकृत कराना आवश्यक हो गया है।

उन्होने बताया है कि भूगर्भ जल (प्रबन्धन और विनियमन) अधिनियम-2019 का समुचित पालन न करने वाले भूजल उपभोक्ताओं के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही किये जाने हेतु राज्य भूगर्भ जल प्रबन्धन एवं नियामक प्राधिकरण उ0प्र0 लखनऊ ने अवैध रूप से भूजल दोहन करने वाले उपभोक्ताओं पर अधिनियम के प्राविधानुसार धारा-11(क) एवं धारा 27, 28 एवं 29 के अन्तर्गत सम्यक प्राविधानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिये है। भूजल उपभोक्ताओं द्वारा भूजल दोहन की अनापत्ति प्राप्त किये बिना ही अनाधिकृत रूप से व्यवसाय किया जा रहा है। भूगर्भ जल को दूषित करने तथा अनाधिकृत रूप से व्यवसाय हेतु दोहन करने हेतु दोषी पाये गय व्यक्ति/समूह/संस्था को धारा-39 के अन्तर्गत 02 से 05 लाख का जुर्माना अथवा 06 माह से 01 वर्ष का कारावास अथवा दोनो दण्ड निर्धारित किये जाने का प्राविधान किया गया है।