
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के रामगढ़ताल में आयोजित 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैम्पियनशिप (अंडर-19) के समापन समारोह में खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के खेलोन्मुखी विजन के अनुरूप पिछले 11 वर्षों में देश और प्रदेश में खेलों के विकास के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ताल अब केवल एक झील नहीं, बल्कि युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने वाला खेल केंद्र बन चुका है। 20 राज्यों के लगभग 300 खिलाड़ियों की भागीदारी वाली इस प्रतियोगिता ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त किया है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत विश्व रोइंग मानचित्र पर तेजी से उभरती शक्ति के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा। साथ ही उन्होंने प्रदेश की नदियों और जलाशयों में वॉटर स्पोर्ट्स की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जल क्रीड़ा गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
गोरखपुर। आज जनपद गोरखपुर के रामगढ़ताल में रोइंग फेडरेशन ऑफ इण्डिया के तत्वावधान में आयोजित 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैम्पियनशिप (अण्डर-19) के समापन समारोह में विजेता/उप-विजेता टीम के खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित किए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह बहुत प्रसन्नता की बात है कि गोरखपुर के ऐतिहासिक रामगढ़ताल में 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैम्पियनशिप का आयोजन हुआ है। इसमें 20 राज्यों के लगभग 300 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के एक भारत, श्रेष्ठ भारत के विजन को आगे बढ़ाया है। जूनियर नेशनल रोइंग चैम्पियनशिप प्रतियोगिता के लिए रामगढ़ताल का चयन किए जाने के लिए रोइंग फेडरेशन ऑफ इण्डिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रतियोगिता में देश के सभी भागों से टीमों ने प्रतिभाग किया। यह रामगढ़ताल झील का सही उपयोग है। यह झील युवाओं के भविष्य को सँवारने तथा भारत के सामर्थ्य को दुनिया के सामने लाने में उपयोगी सिद्ध हो रही है।
विगत 11 वर्षों में प्रधानमंत्री जी के खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किए जाने के विजन के अनुरूप देश में एक नया ईको-सिस्टम तैयार हुआ है। उत्तर प्रदेश में भी खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत खेल ईको-सिस्टम का विकास किया गया है। रामगढ़ताल में आयोजित यह प्रतियोगिता इस ईको-सिस्टम का एक उदाहरण है। युवाओं की दृष्टि से यह एक शुभ लक्षण है। जब देश का युवा सकारात्मक सोच के साथ अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करता है, तो उसका भविष्य उज्ज्वल रहता है। एक खिलाड़ी हमेशा सकारात्मक सोच के साथ टीम भावना के अनुरूप कार्य करता है। वह नकारात्मक विचारों तथा नशे आदि से दूर रहकर समाज को आत्म अनुशासन का मार्ग दिखाता है।
आज प्रतिस्पर्धा के फाइनल मुकाबले में तेज हवा के कारण प्रतिकूल परिस्थितियाँ थीं, किन्तु खिलाड़ियों ने अच्छी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री जी ने कवि श्री सोहन लाल द्विवेदी की पंक्तियाँ ‘लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती‘ का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा जीवन भी इसी के अनुरूप होना चाहिए। जो व्यक्ति जीवन में प्रतिकूल परिस्थितियों से डरकर अपनी जिम्मेदारियों से भाग जाता है, वह मृतप्राय हो जाता है। उसे समाज, देश व ईश्वर कभी माफ नहीं करता। जीवन का एकमात्र मूलमंत्र ‘चरैवेति चरैवेति’ अर्थात हमेशा चलते रहना है। सम-विषम परिस्थितियों में जीने के लिए स्वयं को तैयार करते रहना चाहिए। हमारे वेदों ने भी इसी बात पर जोर दिया गया है। जीवन के इसी भाव का प्रदर्शन आज इस रोइंग प्रतियोगिता में देखने को मिला है।
खेल-कूद की गतिविधियाँ प्रत्येक युवा को फिटनेस की प्रेरणा देती हैं। खेल-कूद प्रत्येक युवा को शारीरिक व मानसिक रूप से दक्ष बनाता है। भारत आज विश्व मानचित्र पर एक बड़ी रोइंग शक्ति के रूप में उभरा है। देश में रोइंग प्रतिस्पर्धाएँ तेजी से आगे बढ़ी है। स्पोर्ट्स साइंस, डेटा एनालिटिक्स एवं आधुनिक प्रशिक्षण और मानसिक फिटनेस, वर्ल्ड चैम्पियनशिप की आवश्यकता है। यह सभी कुछ आज देश में होने वाली रोइंग प्रतियोगिताओं के माध्यम से उपलब्ध हो रहा है। वर्ष 2017 के पहले गोरखपुर का यह रामगढ़ताल गंदगी व अपराध का गढ़ था। आज इसी रामगढ़ताल में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। यह प्रसन्नता की बात है कि एशियन गेम्स-2026 की तैयारी हेतु भारतीय महिला रोइंग टीम का राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर रामगढ़ताल में ही आयोजित किया गया। प्रदेश सरकार द्वारा यहाँ एक वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स भी विकसित किया गया है। आज रामगढ़ताल अन्तरराष्ट्रीय वॉटर स्पोर्ट्स के हब के रूप में अपनी एक नयी पहचान बना चुका है। आने वाले समय में रामगढ़ताल में रोइंग, क्याकिंग-कैनोइंग एवं जल क्रीड़ा से सम्बन्धित अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में आयोजित होंगे। इसमें महिला रोइंग टीम के प्रशिक्षण हेतु रामगढ़ताल का चयन किया गया है। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण हेतु सभी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित किए जाने के लिए प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक सुविधाओं के साथ अच्छे कोच तथा एक्सपर्ट की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह प्रशिक्षण सुगमतापूर्वक संचालित हो सके।
वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में खेल अवस्थापना सुविधाओं का नितान्त अभाव था। आज उत्तर प्रदेश के प्रत्येक गाँव में खेल का मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम तथा जनपद स्तर पर स्टेडियम की उपलब्धता को सुनिश्चित किया जा रहा है। गाँव-गाँव में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश में खेल गतिविधियों के प्रति लोगों के मन में एक नया रुझान दिख रहा है। पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा प्रदेश में कोई भी खेल नीति नहीं बनाई गयी थी। आज प्रदेश की अपनी खेल नीति है। प्रदेश सरकार द्वारा इण्टरनेशनल चैम्पियनशिप तथा नेशनल चैम्पियनशिप में पदक प्राप्त करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को इस खेल नीति के तहत सरकारी नौकरी दी जा रही है। अब तक लगभग 534 खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में शासकीय पदों पर नियुक्ति दी जा चुकी है। इनमें डिप्टी एस0पी0 जैसे पद भी शामिल हैं। प्रदेश सरकार द्वारा इसी प्रकार 500 अन्य पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा रहा है।आज पूरे देश में खेलो इण्डिया, फिट इण्डिया मूवमेण्ट, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता, विधायक खेलकूद प्रतियोगिता तथा ग्रामीण लीग प्रतियोगिता के माध्यम से खेल गतिविधियाँ तेजी से आगे बढ़ी हैं। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से वाराणसी में अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। गोरखपुर में भी विगत दिनों क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण कार्य का शिलान्यास सम्पन्न हुआ है।
आज प्रदेश में प्रत्येक स्तर पर खेलकूद की गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उत्तर प्रदेश में वॉटर स्पोर्ट्स की बहुत समृद्ध सम्भावनाएँ हैं। प्रदेश में गंगा, यमुना, सरयू, गण्डक, राप्ती जैसी विश्व प्रसिद्ध पावन नदियाँ विद्यमान हैं, जहाँ वॉटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा सकता है। बलिया, कुशीनगर, प्रयागराज, वाराणसी, मीरजापुर, कानपुर जैसे शहरों में वॉटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा सकता है। इन गतिविधियों के लिए आज प्रदेश में आधुनिक ईको-सिस्टम भी उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री जी ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने पुरुष टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है। प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले तथा पदक जीतने वाले सभी खिलाड़ी अभिनन्दन के पात्र हैं।
खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गिरीश चन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में विकास की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। उत्तर प्रदेश में खेल का नया ईको-सिस्टम बना है। प्रदेश में सुदृढ़ खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हुआ है, जिससे खिलाड़ियों को नया प्लेटफॉर्म मिला है। अब उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सपना साकार होगा।खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम तथा प्रत्येक जनपद मुख्यालय में स्टेडियम के निर्माण से खेल गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा रहा है। नई खेल नीति द्वारा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा रही है। मेरठ में मेजर ध्यानचन्द के नाम पर अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित खेल विश्वविद्यालय बनाया जा रहा है। खेल के माध्यम से युवाओं को रोजगार प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ओलम्पिक, पैरालम्पिक, राष्ट्रीय
























