
सरसवां में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया। अभियान के दौरान करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माणों को हटाया गया और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया, वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे भी ऐसे अभियान जारी रहने की बात कही गई है।नगर निगम के अभियान में चकमार्ग की भूमि से हटाया गया अवैध कब्जा, जेसीबी से ध्वस्तीकरण।
लखनऊ। मानवी मीडिया नगर निगम लखनऊ द्वारा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गुरुवार को ग्राम सरसवां, तहसील सरोजनी नगर में बड़ी कार्रवाई की गई। यह अभियान मा० महापौर सुषमा खर्कवाल एवं नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत शहर और आसपास की शासकीय भूमियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा रहा है।
चकमार्ग की भूमि पर हो रहा था अवैध कब्जा
नगर निगम प्रशासन के अनुसार ग्राम सरसवां की गाटा संख्या 739, जिसका क्षेत्रफल 0.159 हेक्टेयर है, राजस्व अभिलेखों में चकमार्ग के रूप में दर्ज है। इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक भूमि पर कुछ व्यक्तियों द्वारा अस्थायी बाउंड्रीवाल बनाकर तथा प्लॉटिंग/निर्माण का प्रयास किया जा रहा था, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा था।
जेसीबी से हटाया गया अतिक्रमण
अपर नगर आयुक्त श्री पंकज श्रीवास्तव के निर्देश पर सहायक नगर आयुक्त/प्रभारी अधिकारी सम्पत्ति रामेश्वर प्रसाद एवं तहसीलदार अरविन्द पाण्डेय द्वारा गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की सहायता से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई का नेतृत्व नायब तहसीलदार श्री तेजस्वी प्रकाश ने किया, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संपन्न कराया।
पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। थाना सुशांत गोल्फ सिटी के थानाध्यक्ष द्वारा पुलिस बल उपलब्ध कराया गया, साथ ही पीएसी बल भी मौके पर तैनात रहा। नगर निगम के लेखपाल राजू सोनी एवं शक्ति वर्मा ने भी कार्रवाई में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
करीब 3 करोड़ की भूमि कराई गई मुक्त
इस अभियान के तहत कुल 0.159 हेक्टेयर बेशकीमती शासकीय भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये आंकी गई है।

























