
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि कुशल अधिकारियों की भाजपा सरकार में कोई अहमियत नहीं है। भाजपा में तो उनकी पूछ है जिनकी चोरी के पैसों की ही चोरी हो जाती है या जो निवेश तक में 5 प्रतिशत का प्रवेश शुल्क वसूल लेते हैं।भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर यह आरोप लगातार उठ रहे हैं कि कुशल और ईमानदार अधिकारियों को वह महत्व नहीं मिल पा रहा, जिसके वे हकदार हैं। प्रशासनिक स्तर पर बढ़ती असंतुष्टि अब ‘पीड़ा’ के रूप में सामने आ रही है, जो धीरे-धीरे एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का रूप लेती दिख रही है।इसी असंतोष और उपेक्षा की भावना को आधार बनाकर ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की राजनीति भी मजबूती पकड़ती नजर आ रही है। यह सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि उन वर्गों की आवाज बनता जा रहा है, जो खुद को हाशिए पर महसूस कर रहे हैं।
ऐसे में सवाल यह है कि क्या यह बढ़ती ‘पीड़ा’ आने वाले समय में सत्ता के समीकरण बदल देगी, या फिर यह महज राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बनकर रह जाएगी। श्री यादव ने कहा कि हर अच्छे अधिकारी से हमारी माँग है कि भावावेश में आकर कोई फ़ैसला न करें, बुरे दिन जाने वाले हैं। पीडीए सरकार आएगी और सबको उचित मान-सम्मान-स्थान देगी क्योंकि पीडीए की सरकार जनता की सरकार होगी, जो समस्याओं के समाधान व असमानताओं को दूर करने के लिए सच में विकास के काम करेगी। क्वॉलिटी वर्क और तय समय सीमा के अंदर काम को पूरा करने के लिए हमेशा ही बेहतरीन ऑफ़िसर्स की ज़रूरत पड़ती है। अपने काम में पारंगत अधिकारियों की हमने हमेशा क़द्र की है और आगे भी करेंगे। उन्होंने कहा कि पीड़ित अधिकारी हो या कर्मचारी सभी भाजपा को हटाने के लिए पीडीए के साथ हैं। ’पीड़ा’ बढ़ रही है, इसीलिए ‘पीडीए’ बढ़ रहा है क्योंकि ‘जो पीड़ित, वो पीडीए’। उन्होंने कहा कि बुरे-दिन-जाने वाले-हैं।

अखिलेश यादव ने कहा है कि 2027 में विधानसभा चुनाव जीतकर सरकार बनानी है। पूरी तैयारी के साथ काम करना है। बूथ स्तर पर जीतना होगा। भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को बर्बाद कर दिया है। भ्रष्टाचार और लूट के सारे रिकॉर्ड टूट गये है। शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट हो गयी है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। प्रदेश की जनता और राज्य के विकास के लिए भाजपा को सत्ता से बाहर करना जरूरी हो गया है। उन्होंने संगठनात्मक एवं 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में भाजपा द्वारा किए जा रहे सत्ता के दुरुपयोग और भावी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
भाजपा सरकार के सत्ता में रहते दस वर्ष होने वाले हैं। इन वर्षों में सत्ता का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ है। भाजपा संविधान नहीं मानती है। संविधान का मुद्दा महत्वपूर्ण है। समाजवादी पार्टी के लिए संविधान सब कुछ है। 2024 में भाजपा की बेईमानी के बाद भी समाजवादी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर आयी। समाजवादी पार्टी नम्बर एक पर रही। विधानसभा चुनाव में किसी तरह का भ्रम नहीं रखना है। इस बार कोई चूक न हो। 2027 करो मरो का लक्ष्य है। यूपी को खोना नहीं है, अन्यथा लोकतंत्र पर खतरा गहरा हो जाएगा। भाजपा ने प्रदेश की जनता को धोखा दिया है। भाजपा का रास्ता असत्य का है। समाजवादी पार्टी सत्य के मार्ग पर है। समाजवादी पार्टी पूरी ईमानदारी के मार्ग पर चलती है। समाजवादी पार्टी का रास्ता लोकतांत्रिक और सेकुलर है। समाजवादी पार्टी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकती है। भाजपा सरकार में मंहगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार से हर वर्ग त्रस्त है। पीडीए की बढ़ती ताकत से भाजपा अवसाद में है।
























