
राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में अक्षय पात्र फाउंडेशन ने 5 अरबवीं थाली परोसने का मनाया उत्सव। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परोसी अक्षय पात्र की 5 अरबवीं थाली।
त्रिनाथ.के.शर्मा
लखनऊ। राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में अक्षय पात्र फाउंडेशन ने 5 अरबवीं थाली परोसने का उत्सव मनाया। 25 वर्ष की इस साधना-यात्रा के उत्सव में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान विशिष्ट अतिथि के रुप में शामिल हुए। कार्यक्रम में अक्षय पात्र के संस्थापक-चेयरमैन और इस्कॉन बेंगलोर के प्रेसिडेंट मधु पंडित दास तथा वाइस चेयरमैन चंचलापति दास उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का विषय सुपोषित और सुशिक्षित भारत से विकसित भारत था, जिसने विकसित भारत के लिए बाल पोषण और शिक्षा की दिशा में सामूहिक प्रयासों को रेखांकित किया। इस कार्यक्रम में अक्षय पात्र के ट्रस्टी बोर्ड के सदस्य, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, प्रतिष्ठित नेता, सार्वजनिक नीति से जुड़े विचारक, परोपकारी, साझेदार, समर्थक और अन्य प्रमुख हितधारक शामिल हुए। इसके अलावा अक्षय पात्र के कुछ पूर्व लाभार्थी, छात्र, अभिभावक, शिक्षक और सरकारी स्कूलों के कर्मचारी भी उपस्थित थे। उत्सव के दौरान माननीय राष्ट्रपति ने बच्चों को उपहार दिए और उन्हें भोजन परोसकर इस उपलब्धि का उत्सव मनाया।
भारत सरकार की प्रमुख योजना पीएम-पोषण के कार्यान्वयन सहयोगी के रूप में अक्षय पात्र देशभर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों को ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है। वर्तमान में फाउंडेशन 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 78 स्थानों पर स्थित अत्याधुनिक रसोईघरों के माध्यम से 23.5 लाख बच्चों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध करा रहा है। संस्था का लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रतिदिन 30 लाख बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण-पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को उपलब्ध कराया जाने वाला पौष्टिक भोजन, देश की मानव पूंजी में एक महत्वपूर्ण निवेश है। राष्ट्रपति मुर्मु ने बच्चों को राष्ट्र के जनसांख्यिकीय लाभांश का आधार बताते हुए कहा कि वे आने वाले वर्षों में भारत की विकास यात्रा को गति प्रदान करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि कई अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि पीएम पोषण योजना के परिणामस्वरूप बच्चों के स्कूलों में नामांकन, उपस्थिति और स्कूल में बने रहने की दर में वृद्धि हुई है, साथ ही उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रदर्शन में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राष्ट्रपति मुर्मु ने शिक्षा को मानव जीवन में अवसर सृजित करने का एक महत्वपूर्ण साधन बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा कि सशक्तिकरण और क्षमता निर्माण की प्रक्रिया विद्यालय स्तर से ही शुरू होती है।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, मैं श्रील प्रभुपाद को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिनकी प्रेरणा से यह निःस्वार्थ खाद्य वितरण पहल शुरू हुई और आज एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। मैं श्री मधु पंडित दास जी और श्री चंचलापति दास जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं, जिनकी दूरदृष्टि ने अक्षय पात्र आंदोलन की नींव रखी। 25 वर्षों की यह यात्रा आसान नहीं रही, फिर भी आपका संकल्प अडिग बना रहा। आज इस जनआंदोलन के सबसे बड़े लाभार्थियों में से एक भारत का शिक्षा क्षेत्र है। 16 राज्यों और 25,000 से अधिक स्कूलों में आप प्रतिदिन 23.5 लाख बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान कर रहे हैं। इसके लिए मैं अपनी गहरी सराहना व्यक्त करता हूं।
























