Wednesday, February 4, 2026
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मंत्री का काफिला रोकने वाले विधायक कौन

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मंत्री का काफिला रोकने वाले विधायक कौन
मंत्री का काफिला रोकने वाले विधायक कौन

मंत्री के काफिले को रोके जाने की घटना ने राजनीतिक हलकों में सनसनी मचा दी है। सवाल उठ रहा है कि आखिर वह विधायक कौन था, जिसने यह कदम उठाया, और इसके पीछे की वजह क्या थी? प्रशासन और राजनीति—दोनों स्तरों पर हलचल तेज है।

महोबा में स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोकने वाले विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा- अगर जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री को भी रोकेंगे। बंधक बनाना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। ये मेरा व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनता और विकास से जुड़ा मुद्दा है। मैं अपनी बात सड़क पर रख रहा हूं, तो इसमें किसी को आपत्ति क्यों हो रही है। आप सब का आशीर्वाद था, तो मंत्री जी को रोका है।

यह जनता की और विकास की बात है। मैं यह बात कमरे में क्यों करूं, सड़क पर क्यों नहीं कर सकता? अगर मैंने सड़क पर अपनी बात रखी तो कुछ लोगों को दिक्कत क्यों हो रही है। किसी ठेके, पट्टे या पदोन्नति की मांग नहीं कर रहे। बल्कि केवल क्षेत्र की समस्याएं उठा रहे हैं। ऐसे में मुझे गलत ठहराना उचित नहीं है।

जब कांग्रेस की सरकार थी, तब की बात बताते हुए बृजभूषण सिंह ने कहा- उस समय जो अधिकारी काम नहीं करता था, उसे चूड़ियां और पेटीकोट पहनवा देते थे। बंधक बनाना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है।

मंत्री से भिड़ने के मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा- भाजपा एक संगठन-आधारित पार्टी है। जहां जनहित के मुद्दों पर मतभिन्नता संभव है, लेकिन अनुशासन सर्वोपरि है। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के साथ मिलकर मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। दोनों नेताओं से बातचीत की जा रही है। उच्च स्तर पर इस मुद्दे को सुलझाने के प्रयास जारी हैं।

विधायक ने कहा- यह मेरा विधायक वाला रूप है। विधायक बनने से पहले मैं बुंदेलखंड अधिकार सेना चलाता था और बाद में भाजपा का सदस्य बना। जब से भाजपा का सदस्य बना हूं, मैं पार्टी के अनुशासन में रहता हूं।

पुराने आंदोलनों का किया जिक्र बृजभूषण राजपूत ने अपने पुराने आंदोलनकारी जीवन का भी जिक्र किया। कहा- जब मैं विधायक नहीं था, तो कांग्रेस की सरकार थी। तब झांसी के तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन के घर जाकर उन्हें बंधक बनाया था। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से पत्र आने के बाद ही मंत्री को छोड़ा गया। जिसमें बुंदेलखंड की समस्याओं को लेकर प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की बात कही गई थी।