Sunday, January 18, 2026
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सुप्रीम फटकार,क्या करेगी यूपी सरकार

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UP में कानून का शासन पूरी तरह टूटा-सुप्रीम कोर्ट
UP में कानून का शासन पूरी तरह टूटा-सुप्रीम कोर्ट
राकेश यादव

सुप्रीमकोर्ट की फटकार, क्या करेगी यूपी सरकार। झूठा हलफनामा दिए जाने पर शीर्ष अदालत की डबल बेंच ने लगाई थी फटकार।झूठा हलफनामा दिए जाने पर शीर्ष अदालत की डबल बेंच ने लगाई थी फटकार प्रमुख सचिव कारागार ने सुप्रीमकोर्ट को किया गुमराह। प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों की समयपूर्व रिहाई का मामला। सुप्रीम फटकार,क्या करेगी यूपी सरकार

लखनऊ। सुप्रीमकोर्ट में झूठा हलफनामा देने पर प्रमुख सचिव को लगाई गई फटकार का मामला विभागीय अफसरों में चर्चा का विषय बना हुआ। इसको लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही है। चर्चा है कि सुप्रीमकोर्ट की फटकार के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार प्रमुख सचिव कारागार हटा सकती है। कयास लगाए जा रहे है कि मामला गंभीर होने की वजह से उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही किए जाने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। उधर मामला हाईकमान से जुड़ा होने के कारण विभाग के आला अफसरों ने मामले पर चुप्पी साध रखी है।

उल्लेखनीय है कि बीते मंगलवार को सुप्रीमकोर्ट ने झूठा हलफनामा देने के लिए प्रमुख सचिव कारागार राजेश कुमार सिंह को कड़ी फटकार लगाई। शीर्ष कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि अपने आकाओं की सुविधा के झूठ बोलने वाले आईएएस अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। कोर्ट की डबल बेंच जस्टिस अभय इस ओका और अगस्तीन जार्ज मैसी ने कैदियों की सजा में छूट देने के मामले में प्रमुख सचिव कारागार की ओर से पेश किए गए झूठे हलफनामे को संज्ञान में लेते हुए की।

कोर्ट ने आईएएस अधिकारी राजेश कुमार सिंह को तब यह फटकार लगाई जब प्रदेश सरकार की ओर पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कहा कि वह अदालत के पहले के आदेश को समझ नहीं पाए। इस पर पीठ ने कहा कि एक आईएएस अधिकारी के अदालत से झूठ बोलने और सुविधा के अनुसार रुख बदलने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए यूपी सरकार को सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि कुछ अधिकारियों को जेल जाना चाहिए, अन्यथा यह आचरण बंद नहीं होगा। आईएएस अधिकारी ने हलफनामा 14 अगस्त को कोर्ट में पेश किया था।

सुप्रीमकोर्ट की सख्ती और फटकार के बाद यह मामला प्रदेश के कारागार विभाग के कर्मियों में चर्चा को विषय बना हुआ। प्रमुख सचिव कारागार के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश को लेकर चर्चा है उन्हें विभाग से हटाने के साथ उनके खिलाफ कार्रवाई भी को जा सकती है। उधर मामला कोर्ट से जुड़ा होने की वजह से शासन में बैठे आला अफसर भी मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। सुप्रीम फटकार,क्या करेगी यूपी सरकार