Tuesday, January 27, 2026
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40 से 45 हजार आर0टी0पी0सी0आर0 विधि से टेस्ट प्रतिदिन किए जाएं: मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री ने कोविड-19 की टेस्टिंग में वृद्धि की कार्यवाही को निरन्तर जारी रखने के निर्देश दिए। प्रदेश में 75 से 80 हजार रैपिड एन्टीजन टेस्ट तथा 40 से 45 हजार आर0टी0पी0सी0आर0 विधि से टेस्ट प्रतिदिन किए जाएं,कोविड-19 से सम्बन्धित पोर्टल को अद्यतन रखा जाए,कोविड-19 के दृष्टिगत राज्य विधान मण्डल के आगामी सत्र के दौरान विशेष सावधानी बरतने के निर्देश।
कोरोना के संक्रमण के दृष्टिगत धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन घर में ही किया जाए, सार्वजनिक स्थानों पर कोई भी धार्मिक अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाए।
जनपद बरेली, गोरखपुर, प्रयागराज तथा बस्ती पर विशेष ध्यान दिया जाए,  जनपद लखनऊ तथा कानपुर नगर में कोविड-19 के मामलों को नियंत्रित करने तथा चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाए।
एम्बुलेंस संचालन की कार्यवाही को और प्रभावी बनाया जाए, सभी जनपदों में कोविड-19 से संक्रमित व्यक्तियों के उपचार के लिए आवश्यकतानुसार आई0सी0यू0 बेड्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
समस्त ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय की स्थापना के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश प्रत्येक ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी केन्द्र के निर्माण की भी कार्ययोजना बनाकर आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण कराया जाए।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के निर्माण कार्यों में तेजी लायी जाए, दुग्ध समितियों के गठन के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए।
कोविड-19 के प्रोटोकाॅल का पालन कराते हुए प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का संचालन पूरी क्षमता से कराया जाए।
प्रदेश में उवर्रक की कोई दिक्कत नहीं है, किसानों को सुगमतापूर्वक खाद उपलब्ध कराने के लिए सभी जरूरी प्रबन्ध किए जाएं।
निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं तथा स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता हेतु ‘हर घर जल’ योजना के कार्यों को तेज किया जाए।


लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 की टेस्टिंग में वृद्धि की कार्यवाही को निरन्तर जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 75 से 80 हजार रैपिड एन्टीजन टेस्ट तथा 40 से 45 हजार आर0टी0पी0सी0आर0 विधि से टेस्ट प्रतिदिन किए जाएं।आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से सम्बन्धित पोर्टल को अद्यतन रखा जाए। इसे प्रतिदिन निरन्तर अपडेट किया जाए। उन्होंने कोविड-19 के दृष्टिगत राज्य विधान मण्डल के आगामी सत्र के दौरान विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।

कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए प्रत्येक स्तर पर सावधानी बरतना जरूरी है। कोरोना के संक्रमण के दृष्टिगत धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन घर में ही किया जाए।सार्वजनिक स्थानों पर कोई भी धार्मिक अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद बरेली, गोरखपुर, प्रयागराज तथा बस्ती पर विशेष ध्यान दिया जाए। जनपद लखनऊ तथा कानपुर नगर में कोविड-19 के मामलों को नियंत्रित करने तथा चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्बुलेंस संचालन की कार्यवाही को और प्रभावी बनाया जाए। सभी जनपदों में ए0एल0एस0 तथा ‘108’ एम्बुलेंस सेवाओं के 50 प्रतिशत वाहन कोविड-19 संक्रमितों के लिए उपयोग किए जाएं। प्रदेश के सभी जनपदों में कोविड-19 से संक्रमित व्यक्तियों के उपचार के लिए आवश्यकतानुसार आई0सी0यू0 बेड्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री जी ने समस्त ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय की स्थापना के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम सचिवालय के पास ही सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जाए। सामुदायिक शौचालयों का निर्माण पूरी गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। प्रत्येक ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी केन्द्र के निर्माण की भी कार्ययोजना बनाकर आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण कराया जाए। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर नाबार्ड के अध्यक्ष श्री जी0आर0 चिंतला से भेंट की।

योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के निर्माणाधीन डेयरियों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि दुग्ध समितियों के गठन के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए। दुग्ध उत्पादकों से दूध खरीदने की व्यवस्था का विस्तार करते हुए उसे सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि पशुपालकों से दुग्ध खरीद की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने से उन्हें उचित मूल्य मिलेगा, जिससे वे अधिक उत्पादन के लिए प्रोत्साहित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के प्रोटोकाॅल का पालन कराते हुए औद्योगिक गतिविधियों का संचालन पूरी क्षमता से कराया जाए। इस कार्य में कोई कठिनाई न आने पाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उवर्रक की कोई दिक्कत नहीं है। किसानों को सुगमतापूर्वक खाद उपलब्ध हो, इसके लिए सभी जरूरी प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं तथा स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता हेतु ‘हर घर जल’ योजना के कार्यों को तेज किया जाए।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, पुलिस महानिदेशक हितेश सी0 अवस्थी, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डाॅ0 रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई0 नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव पशुपालन भुवनेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।