Tuesday, January 27, 2026
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हाथ छोड़ ‘साइकिल’ पर सवार हुई अन्नू टंडन

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लखनऊ, करीब एक दशक से ज्यादा समय कांग्रेस में गुजारने के बाद अन्नू टंडन ने अपने समर्थकों के साथ अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले ली। कांग्रेस से इस्‍तीफा देने वाली पूर्व सांसद अन्‍नू टंडन ने अब समाजवादी पार्टी का झंडा थाम लिया है। आज दोपहर लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय पर आयोजित एक समारोह में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उनको पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान अन्नू टंडन ने अपने समर्थकों से बांगरमऊ विधानसभ उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को जिताने की अपील की। अन्‍नू टंडन ने बीते शनिवार को ही अपने समर्थकों के साथ सपा में शामिल होने की घोषणा की थी।

अन्नू टंडन वर्ष 2009 में कांग्रेस के टिकट पर उन्नाव से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंची थीं। उन्होंने पार्टी के टिकट पर उन्नाव से 2014 व 2019 लोकसभा का चुनाव भी लड़ा लेकिन सफलता नहीं मिली। कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व से नाराजगी और लगातार हो रही उपेक्षा की वजह से उन्होंने 29 अक्तूबर को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। 

अन्नू टंडन ने कहा कि वह​ सिर्फ अखिलेश यादव से प्रभावित होकर सपा का दामन थाम रही हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव व बांगरमऊ के हफीजाबाद गांव निवासी शशांक शेखर शुक्ला ने पूर्व सांसद अन्नू टंडन का समर्थन करते हुए शनिवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का संगठन अब किसी लायक नहीं बचा है अनु टंडन ने प्रियंका गांधी पर किसी भी प्रकार सिंह टिप्पणी से इनकार किया।

लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय पर पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने दिलाई पार्टी की सदस्यता। अन्नू टंडन ने अपने समर्थकों से बांगरमऊ विधानसभा उपचुनाव में एसपी के प्रत्याशी को जिताने की अपील की

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की रहने वाली अन्नू टंडन ने साल 2009 में उन्नाव लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ा था। इस सीट पर स्थानीय नेता होने के चलते अन्नू टंडन को बड़ा फायदा हुआ और वो संसद तक पहुंचने में कामयाब रहीं। हालांकि मोदी लहर के चलते 2014 के लोकसभा चुनाव में अन्नू टंडन चौथे और 2019 के चुनाव में तीसरे नम्बर पर रहीं थीं। अन्नू टंडन ने बीते अक्टूबर महीने में कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी।

अखिलेश यादव ने अन्नू टंडन और उनके समर्थकों का स्वागत किया और कहा कि उन्नाव का सांसद रहने के दौरान उन्होंने गरीबों के लिए बहुत काम किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार गरीबों, दलितों और पिछड़ों का जितना नुकसान कर रही है उतना कभी किसी ने नहीं किया। जनता भाजपा से नाराज है और आने वाले उपचुनाव में जनता का गुस्सा नजर आएगा और पता चल जाएगा कि जनता क्या चाहती है….?

अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी किसी से भी दुश्मनी नहीं है। 2019 के लोकसभा चुनाव में हमने भाजपा को रोकने के लिए गठबंधन किया था। हमने यहां पर उन्हें कमजोर किया। अब बसपा ये कह रही है कि हमने उन्हें धोखा दिया। उत्तर प्रदेश में 2022 में चुनाव होने हैं लेकिन बसपा व भाजपा, समाजवादी पार्टी को विधान परिषद चुनाव हराना चाहती हैं इसका क्या कारण है मुझे पता नहीं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। जनता भाजपा से परेशान हो चुकी है। मुझे खुशी है कि अन्य दलों से नए साथी आ रहे हैं और सपा को मजबूत कर रहे हैं।

आज उत्तर प्रदेश में सत्ता दल और बसपा मिलकर सिर्फ सपा को ही हराना चाहती हैं सत्ता दल यह जान चुकी है कि प्रदेश में उसके खिलाफ जन समुदाय अपूर्णता त्रस्त हो चुका है।मुख्यमंत्री गोरखपुर जब भी जाते हैं वहां पर हत्या जरूर होती है। देश में अभी एयरपोर्ट ही बिका है कोविड-19 देखिए भी क्या-क्या बिकता है।सत्ता दल मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है ।
हमने 1090 के द्वारा प्रदेश के 800000 महिलाओं की मदद की थी।
सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी लेकिन जबसे प्रदेश में सरकार आई है तब से कहीं किसी प्रकार किसी भी किसान की आय दुगनी नहीं हुई है हम अपनी सरकार में गाजीपुर, सुल्तानपुर, आजमगढ़ जैसी जगहों पर किसान की आय को बढ़ाने के लिए मंडी का निर्माण कराना चाहते थे। प्रदेश में भाजपा से जनता बेहद नाराज है।आज देश का संविधान खतरे में है।