गूगल मीट से रायबरेली विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक

लखनऊ, मण्डलायुक्त मुकेश कुमार मेश्राम की अध्यक्षता में गूगल मीट से वी0सी द्वारा रायबरेली विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक सम्पन्न हुयी, जिसमें जिलाधिकारी/उपाध्यक्ष रायबरेली विकास प्राधिकरण शुभ्रा सक्सेना, सचिव रायबरेली विकास प्राधिकरण ए0के0 राय सहित सभी सम्बन्धित अधिकारियों व मनोनीत सदस्यों द्वारा आनलाइन जुड़कर बैठक में प्रतिभाग किया गया।बैठक में प्राधिकरण की विगत बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि व अनुपालन आख्या की समीक्षा की गयी तथा निम्न निर्देश दिये गये।


– परिचालन के माध्यम से अंगीकृत शमन योजन-2020 को लागू किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया तथा निर्देश दिये गये कि प्राधिकरण द्वारा जनता की जानकारी के लिये इसका प्रचार-प्रसार कराया जाये तथा जोनवार कैम्प लगवायें जायें इसके साथ ही डोर-टू-डोर सर्वे कराकर निर्धारित पात्रता के अनुसार चिन्हित अवैध निर्माण को नोटिस जारी कर शमन शुल्क एवं अन्य फीस शुल्क की धनराशि सहित इच्छुक व्यक्तियों द्वारा प्राधिकरण में प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों पर सरल व सुविधाजनक तरीके से समाधान कराया जायें।
– एकता बिहार स्थित सामुदायिक केन्द्र (उत्सव भवन) के नीलामी हेतु किराये की दरों को पुनरीक्षित कर विज्ञापन जारी करते हुए री-टेन्डर कराया जायें।
– एकता बिहार योजना में  पूर्व निर्मित 04 मंजिला एवं आवंटन से रिक्त भवनों का प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के उपघटक (ऋण आधारित सब्सिडी) का आवंटन किराया क्रय पद्धति में परिवर्तित करने हेतु प्रस्ताव शासन को संदर्भित करने के निर्देश।
– रायबरेली विकास प्राधिकरण में समूह ग के अन्र्तगत दैनिक वेतन/वर्कचार्ज/संविदा पर कार्य कर रहे कर्मचारियों का विनियमितीकरण व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मानदेय पर नियुक्त किये जाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारी/उपाध्यक्ष रायबरेली विकास प्राधिकरण को निर्देशित किया गया कि एक कमेटी गठित कर शासन द्वारा जारी किये गये शासनादेश का अध्यन कर शासनादेशानुसार कर्मचारियों की अर्हताओं का परीक्षण कर प्रस्ताव अगली बोर्ड बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश।
 

      मण्डलायुक्त ने कहा कि किसी भी योजना को प्रारम्भ करने के पूर्व उसका डिमान्ड सर्वे अवश्य कराया जायें जिससे यह ज्ञात हो सके कि किस क्षेत्र में किस वर्ग की क्या आवश्यकता है उसके अनुसार ही प्रस्ताव तैयार कराया जायें।उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि प्राधिकरण के पास समुचित लैण्ड बैक की उपलब्धता होनी चाहिये इसके लिये प्राधिकरण क्षेत्र में ग्राम समाज की जमीनों का चिन्हाकन कर  उनको सक्रिल रेट में क्रय किया जायें जिससे योजना में लागत कम आयें।


उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा लैण्ड पुलिंग की नीति को लागू किया जाये, यदि किसी क्षेत्र का कोई व्यक्ति या किसान अपनी इच्छानुसार आपसी सहमति सेे तैयार है तो उस क्षेत्र का सम्पूर्ण विकास कराया जाये इसके लिये कन्सल्टेन्ट या टाउन प्लानर को लगाकर एक सर्वे कराया जाये।
उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठक से पूर्व कमेटी में नामित मनोनीत सदस्यों के साथ बैठक कर एजेन्डा के बिन्दुवार प्रजेन्टेशन कर उनकों जानकारी प्रदान की जाये तथा उनके द्वारा दिये गये सुझावों को  एजेन्डे में सम्मिलत कर बोर्ड बैठक में प्रस्ततु किया जाये जिससे उन सुझावों पर भी विचार विमर्श किया जा सके व जनहित में प्राधिकरण का उपयोगितानुसार समुचित विकास कराया जा सके।

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