
हाइकोर्ट द्वारा महोबा के पूर्व एसपी की याचिका खारिज करना योगी सरकार के नारे ‘अपराध पर जीरो टॉलरेन्स’ की पोल खोलता है।खनन माफिया और मंत्रियों के बीच की सांठ-गांठ पर योगी सरकार चुप क्यों। पाटीदार जैसे पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी से क्यों कतरा रही है योगी सरकार। खनन पट्टे और उनसे जुड़े अवैध कारोबार में मंत्रियों-पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता पर योगी की चुप्पी खतरनाक।
उबैदुल्ला नासिर
लखनऊ, कांग्रेस अध्यक्ष ने इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा महोबा के निलम्बित पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार की एफआईआर रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक की याचिका खारिज करने का स्वागत करते हुए कहा कि यह बात समझ से परे है कि प्रदेश की योगी सरकार इस भ्रष्ट अफसर को बचाने की कोशिशें क्यों कर रही है। उन्होंने योगी सरकार से मांग की कि अदालत से याचिका रद्द हो जाने के बाद इस पुलिस अधिकारी को तुरन्त गिरफ्तार क्यों नही किया जा रहा है। आखिर किसके इशारे पर योगी सरकार इस पुलिस अधिकारी पर मेहरबानी दिखा रही है। अपराध और अपराधियों पर जीरो टोलरेंस का दावा करने वाली सरकार आखिर क्यों दागदार पुलिस पर मेहरबान है।
प्रदेश की योगी सरकार बताये कि खनन के अवैध कारोबार में उनके मंत्रिमंडल के कौन कौन मंत्री लिप्त हैं जिनके संरक्षण के चलते आजतक दागी पुलिस अफसर को बचाया जा रहा है। बताते चले कि मणि लाल पाटीदार ने महोबा के पुलिस अधीक्षक रहते कथित तौर से खनन के ठेकेदार इंद्र मणि तिवारी से 6 लाख रुपया बतौर रंगदारी माँगा था जिसकी उसने लिखित शिकायत भी की थी। लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी उलटे उक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा उसे परेशान किया जाने लगा एक दिन ठेकादार की लाश उसकी कार में मिली उसे गोली मारी गयी थी जिसके बाद उसकी हत्या के आरोप में 10 सितम्बर 2020 को कोतवाली महोबा में एफआईआर दर्ज हुई थी।
योगी सरकार ने लीपापोती की कोशिश करते हुए मामले की जांच एस.आई.टी. को सौंप दी जिसने इसे आत्महत्या का मामला बता दिया इसके बाद भ्रष्टाचार के आरोप में पुलिस अधीक्षक मणि लाल पाटीदार को सस्पेंड तो कर दिया गया लेकिन गिरफ्तार नहीं किया गया भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टाॅलरेंस का दावा करने वाली योगी सरकार द्वारा इस पुलिस अफसर को इतनी ढील क्यों दी गयी यह एक बड़ा सवाल है ?
अजय कुमार लल्लू ने कहा की अब जब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मणि लाल पाटीदार की याचिका खारिज कर दी है तो सरकार को उन्हें तुरंत गिरफ्तार करके हत्या और भ्रष्टाचार की दफाओं के तहत मुकदमा दर्ज करना चाहिए उन्होंने कहा की खनन विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा है जिसमे ऊपर से लेकर नीचे तक विभागीय और पुलिस का अमला शामिल रहता है। इस काकस को तोडना और खनिज सम्पदा को बचान सरकार का कर्तव्य है। लेकिन योगी सरकार इसे लूट का अड्डा बनाये हुए है।
उन्हने कहा की मणि लाल पाटीदार उत्तर प्रदेश के भ्रष्ट पुलिस तन्त्र का एक और घिनौना चेहरा है इससे पहले कानपुर की एक अधिकारी ने अपहरणकर्ता को फिरौती दिलवाने के नाम पर पीड़ित परिवार का घर तक बिकवा दिया था। फिर अपहरणकर्ताओं से साजिश करके पैसा भी दिलवा दिया था और बच्चे की जान भी नहीं बचा पाई थी। श्री लल्लू ने कहा की योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उल्टा प्रदेश बन गया है न उनसे कानून व्यवस्था सम्भाली जा रही है और न ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लग रहा है। उलटे भ्रष्ट अधिकारियो को संरक्षण दिया जा रहा है जिसका सुबूत मणि लाल पाटीदार को दी जाने वाली ढील है।























