Saturday, January 17, 2026
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पत्रकार की हत्या के विरोध में आक्रोशित पत्रकारों ने निन्दा कर दिया मांगपत्र

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दिवंगत पत्रकार के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व एक करोड़ की आर्थिक सहायता व पत्रकार सुरक्षा हेतु कानून बनाने की मांग।

  • अब्दुल जब्बार

भेलसर(अयोध्या)उत्तर प्रदेश जनर्लिस्ट असोसिएशन अयोध्या की रुदौली इकाई ने तहसील अध्यक्ष अब्दुल जब्बार एडवोकेट की अगुवाई में ग़ाज़ियाबाद में पत्रकार की हुई हत्या की कड़े शब्दों में निन्दा कर दिवंगत पत्रकार के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व एक करोड़ की आर्थिक सहायता व पत्रकार सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग करते हुए राज्यपाल को सम्बोधित मांगपत्र उपजिलाधिकारी रुदौली को सौंपा है।ग़ाज़ियाबाद में पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या की खबर जैसे ही रुदौली के पत्रकारों को हुई तो पत्रकार आक्रोशित हो गए और उपजा अयोध्या की तहसील रुदौली इकाई के अध्यक्ष अब्दुल जब्बार एडवोकेट की अगुवाई में राज्यपाल को सम्बोधित एक मांगपत्र उपजिलाधिकारी को सौंपा है।मांगपत्र के माध्यम से कहा गया है कि राजधानी दिल्ली से सटे हुए ग़ाज़ियाबाद में बीते सोमवार को पत्रकार विक्रम जोशी के सर में बदमाशों ने गोली मार दी थी।गोली मारने से पहले बदमाशों ने पत्रकार को बुरी तरह पीटा भी था।हमले के वक्त बाइक पर पत्रकार की दोनों बेटियां भी बैठी थीं।मंगलवार रात इलाज के दौरान गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में उनकी मौत हो गई।इस घटना से प्रतीत होता है कि प्रदेश में पुलिस तंत्र पूरी तरह विफल हो चुका है।दिल्ली से लगे गाजियाबाद और नोएडा में खराब कानून व्यवस्था के कारण ही पत्रकारों के ऊपर हमले हो रहे हैं।वरिष्ठ पत्रकार के साथ हुई इस घटना से पत्रकारों में काफी आक्रोश है।इस घटना की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए आपसे मांग की जा रही हैं कि पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या की न्यायिक जांच कराके दोषियों को फांसी की सज़ा दी जाय।लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाये।वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय विक्रम जोशी के परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता दी जाय।उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने के साथ साथ उनके बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की जाय और महाराष्ट्र प्रदेश की तर्ज़ पर पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाया जाय।यदि समय रहते मांग पूरी न की गयी तो कोविड-१९ की चुनौतियों के बावजूद भी पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए चरणबद्ध आन्दोलन संचालित करते हुए संसद एवं यूपी विधानसभा के समक्ष प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे जिसकी समस्त ज़िम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।एस डी एम विपिन कुमार सिंह ने बताया कि मांगपत्र प्राप्त हुआ है उचित माध्यम से महामहिम राज्यपाल को भेजा जा रहा है।इस अवसर पर जगदम्बा श्रीवास्तव,डॉ0 मो0 शब्बीर,नितेश सिंह,विकास वीर यादव,सन्तराम यादव,शिवशंकर वर्मा,आलम शेख,अम्बरेश यादव,प्रमोद शर्मा,अमरेश यादव,अलीम कशिश,क़ाज़ी इबाद शकेब,रियाज़ अन्सारी,सतीश यादव,दीपक बंसल,अहमद जिलानी,आलोक कुमार,कार्तिक मौर्या आदि मौजूद रहे।