Wednesday, February 18, 2026
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बदलाव की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश:अखिलेश यादव 

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भाजपा राज में ध्वस्त कानून व्यवस्था-अखिलेश यादव
भाजपा राज में ध्वस्त कानून व्यवस्था-अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर माहौल तेज़ी से बदल रहा है। जनता में मौजूदा हालात से असंतोष और बदलाव की आकांक्षा दिखाई दे रही है। सामाजिक न्याय, आरक्षण, समानुपातिक प्रतिनिधित्व और जातीय जनगणना जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों का मानना है कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीक़े से सत्ता परिवर्तन आवश्यक है ताकि संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की जा सके। इन चुनावों को सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को कम करने और सबको समान हक़ व सम्मान दिलाने की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। बदलाव की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश

देश में सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक व्यवस्था में वोट के जरिए ही संभव है। गैरबराबरी, महंगाई, भ्रष्टाचार से सभी त्रस्त है। आरक्षण को समाप्त करने की साजिशें हो रही है। समाजवादी पार्टी बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, डॉ. राममनोहर लोहिया और नेताजी मुलायम सिंह यादव के संघर्ष के रास्ते पर चलती है। वह धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद और संविधान की मूल स्थापनाओं के साथ प्रतिबद्ध है।

जनता बदलाव के लिए व्याकुल है। वह और इंतजार के मूड में नहीं है। 2027 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी की सरकार बनना सुनिश्चित है। भाजपा को वोट के लोकतांत्रिक अधिकार के जरिए ही शांतिपूर्ण अहिंसक तरीके से अब सत्ता से उखाड़ फेंकने का समय आ गया है। भाजपा हटेगी तभी संविधान बचेगा। आरक्षण बचेगा। सामाजिक आर्थिक गैरबराबरी मिटेगी और लोगों में खुशहाली आएगी। भाजपा की हार के बाद सामाजिक न्याय का राज कायम होगा। पीडीए जीतेगा और जातीय जनगणना से समानुपातिक आधार पर सबको हक और सम्मान मिलेगा।


    समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में विभिन्न जिलों से आये नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र और संविधान को बहुत नुकसान पहुंचाया है। इस सरकार में अन्याय, अत्याचार चरम पर है। किसी को न्याय नहीं मिल रहा है। भाजपा सरकार से हर वर्ग परेशान और त्रस्त है। भाजपा सरकार में पीडीए के साथ लगातार अपमान और उपेक्षा हो रही है। पीडीए एकजुट हो रहा है। पीडीए सामाजिक-राजनीतिक विकल्प है।


भाजपा लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद संविधान की प्रस्तावना में है भाजपा इन्हीं पर हमले कर रही है। गरीबी- अमीरी के बीच खाई गहरी हो गई है जिसके कारण लोगों में भाजपा सरकार से नाराजगी है। भाजपा सरकार में विकास कार्य ठप है। उसका न कोई स्पष्ट विजन है और नहीं कार्य दिशा है। डबलइंजन सरकार के इंजन सिकयार्ड (Sickyard)में ही खड़े है। जनहित के कामों से भाजपा का विरोध है। विकास विरोधी-जनविरोधी भ्रष्ट भाजपा को सत्ता से खारिज करने के लिए जनता संकल्पित है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में तेजी से बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। जनता सामाजिक न्याय, समानुपातिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर पहले से अधिक सजग दिखाई दे रही है। 2027 के विधानसभा चुनावों को लोग सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और सामाजिक-आर्थिक समानता की दिशा में एक बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं। बदलाव की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश