
अटल जी का 06 दशकों तक का लम्बा सार्वजनिक जीवन निष्कलंक रूप से रहा । अटल जी जैसा विराट व्यक्तित्व कोई दूसरा नहीं हो सकता। अटल जी ने सार्वजनिक जीवन में कभी भी मूल्यों और आदर्शों से समझौता नहीं किया । अटल जी सार्वजनिक जीवन और कार्यों में समग्रता की दृष्टि रखते थे । अटल जी मानवतावादी, प्रखर चिंतक एवं बहुआयामीव्यक्तित्व के धनी, लोकप्रिय और सर्वमान्य राजनेता थे । अटल जी का व्यक्तित्व और कृतित्व हम सभी को प्रेरणा देता है । स्वतंत्र भारत में अटल जी की परम्परा का अनुसरण करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक सच्चे कर्मयोगी की भांति देश हित और देशवासियों के कल्याण के लिए निरन्तर कार्य कर रहे हैं।प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और कुशल मार्गदर्शन में अयोध्या में भव्य राम मंदिरका निर्माण हो रहा, काशी में नवनिर्मित बाबा विश्वनाथ धामका लोकार्पण किया जा चुका।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां साइंटिफिक कंवेन्शन सेण्टर, के0जी0एम0यू0 में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयन्ती की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम ‘अटल राम संकल्प, अपने-अपने राम’ का आयोजन श्रद्धेय पं0 अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल फाउण्डेशन द्वारा किया गया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अटल जी की स्मृतियों को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि उनकी स्मृतियों के संदर्भ में इस प्रकार का आयोजन सराहनीय है। उन्होंने कहा कि अटल जी दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर पक्ष और विपक्ष सभी की श्रद्धा और सम्मान के पात्र थे। उनका 06 दशकों तक का लम्बा सार्वजनिक जीवन निष्कलंक रूप से रहा। अटल जी जैसा विराट व्यक्तित्व कोई दूसरा नहीं हो सकता। अटल जी का मानना था कि राजनीति मूल्यों और आदर्शों की होनी चाहिए। सिद्धांतविहीन राजनीति का स्थान सार्वजनिक जीवन में नहीं होना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कभी भी मूल्यों और आदर्शों से समझौता नहीं किया।
अटल बिहारी बवाजपेई के प्रेरणास्त्रोत भगवान राम रहे। राष्ट्र पिता महात्मा गांधी ने भी उन्हीं से प्रेरणा ली है।इस दौरान उन्होंने राम के चरित्र पर रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कुमार विश्वास ने लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह की भी जमकर बड़ाई की, उन्होंने कहां कि अटल जी बादसंसद में उनकी जैसी विनम्रता या सौम्यता कही देखने को मिलती है तो वह लखनऊ के सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह। कुमार विश्वास ने अटल बिहारी वाजपेयी को लाल बहादुर शास्त्री के बाद देश का दूसरा सर्वमान्य राजनेता करार दिया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अटल जी सार्वजनिक जीवन और कार्यों में समग्रता की दृष्टि रखते थे। वे मानवतावादी, प्रखर चिंतक एवं बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी, लोकप्रिय और सर्वमान्य राजनेता थे, जिनका सभी सम्मान और आदर करते थे। अटल जी एक साहित्यकार और संवेदनशील कवि भी थे। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व हम सभी को प्रेरणा देता है।अटल जी का मानना था कि ‘आदमी न ऊंचा होता है, न नीचा होता है, न छोटा होता है,न बड़ा होता है, आदमी सिर्फ आदमी होता है’। उन्होंने यह भी कहा कि ‘छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता’। साथ ही, यह भी कि ‘मेरे प्रभु मुझे इतनी ऊंचाई कभी मत देना कि मैं गैरों को गले न लगा सकूं’। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में अटल जी की परम्परा का अनुसरण करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एक सच्चे कर्मयोगी की भांति देश हित और देशवासियों के कल्याण के लिए निरन्तर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व और कुशल मार्गदर्शन में अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। काशी में नवनिर्मित बाबा विश्वनाथ धाम का लोकार्पण किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयन्ती की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए । श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी । मुख्यमंत्री ने ‘साहित्यगंधा’ पुस्तिका का विमोचन किया । मुख्यमंत्री ने अटल जी के साथ कार्य करने वाले महानुभावों को सम्मानित किया ।
विभिन्न प्रतियोगिताओं के युवा विजेताओं को भी सम्मानित किया । अटल जी की स्मृतियों के संदर्भ में इस प्रकार का आयोजन सराहनीय । अटल जी दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर पक्ष और विपक्ष सभी की श्रद्धा और सम्मान के पात्र थे ।

अटलजी के पैतृक गांव आगरा के बटेश्वर आ रहे हैं। दरअसल, आज भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती है। इस मौके पर प्रदेश सरकार उनके पैतृक गांव को सौगात देने जा रही है। आगरा के जिलाधिकारी प्रभु एन0 सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री 3 बजे बटेश्वर पहुंचेंगे। सीएम के कार्यक्रम को देखते हुए बटेश्वर में तैयारियां पूरी कर दी गई हैं। अटलजी का पैतृक गांव बाह तहसील अंतर्गत बटेश्वर है। मुख्यमंत्री अटल जी की जयंती पर लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से तीन योजनाओं का शिलान्यास करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अटल जी का नाम भारत के सार्वजनिक जीवन में दलीय सीमाओं से ऊपर होकर के हर व्यक्ति बड़े श्रद्धा और सम्मान के साथ लेता है। एक निश्कलंक जीवन जिस व्यक्तित्व ने जीया था, वह नाम था-अटल बिहारी वाजपेयी जी का। उन्होंने कहा था कि सिद्धांतविहीन राजनीति मौत का फंदा होता है। सार्वजनिक जीवन कुछ मूल्यों, कुछ आदर्शों को लेकर होना चाहिए। उनकी एक पंक्ति बहुत कुछ कह जाती थी, झकझोर जाती थी, इसलिए अटल जी अटल जी हुए। अटल जी सभी सीमाओं का अतिक्रमण करते हुए सबके लिए श्रद्धेय बने रहे। मानवीय संवेदनाओं पर उन्होंने कहा था-आदमी न ऊंचा होता है, न नीचा होता है, न बड़ा होता है, न छोटा होता है, आदमी सिर्फ आदमी होता है।

अटल जी यह भी कहते थे-छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता है। यह सिर्फ अटल जी ही कह सकते थे। प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते समय अटल जी ने कहा था कि मेरे प्रभु मुझे इतनी ऊंचाई कभी मत देना कि गैरों को गले न लगा सकूं यह अटल जी ही कह सकते थे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जो राजनीति भारत की मूल परंपरा को सदैव कोसती थी, जिसके कारण स्वतंत्र भारत अपने मान बिंदुओं की पुनस्र्थापना के लिए पहल नहीं कर पा रहा था। आज अयोध्या में राम मंदिर का काम तेजी से बढ़ रहा, काशी में भव्य काम हो रहा। समग्रता को समेटे हुए अगर कोई व्यक्तित्व देखने को मिलता है वह अटल जी थे। हम सब अटल जी की स्मृतियों के साथ जुड़े हुए हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा ‘साहित्यगंधा’ पुस्तिका का विमोचन किया गया। उन्होंने अटल जी के साथ कार्य करने वाले महानुभावों को सम्मानित किया। साथ ही, विभिन्न प्रतियोगिताओं के युवा विजेताओं को भी सम्मानित किया।श्रद्धेय पं0 अटल बिजारी वाजपेयी मेमोरियल फाउण्डेशन के अध्यक्ष ब्रजेश पाठक ने कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए अटल जी की स्मृतियों एवं संस्मरणों को साझा किया।कार्यक्रम में कवि कुमार विश्वास द्वारा श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों के परिप्रेक्ष्य में ‘अटल राम संकल्प, अपने-अपने राम’ की प्रस्तुति की गयी।इस अवसर पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पूर्व केन्द्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य, नगर विकास मंत्री आशुतोष टण्डन, जल शक्ति मंत्री डॉ0 महेन्द्र सिंह, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चन्द्र द्विवेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
























