Wednesday, February 11, 2026
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मतगणना में रिगिंग और एक्ज़िट पोल-बी0एम0यादव

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इस समय एक्ज़िट पोल सिर्फ परिणाम का कयास लगाना नहीं है बल्कि एजेंडे के तहत एक पार्टी के पक्ष में सकारात्मक माहौल बनाने की कवायत है।सूत्र बताते हैं की मतगणना में रिगिंग होने की पूरी संभावना है। उत्तरप्रदेश में करीब 70 से 90 सीट पर रिगिंग की बात सूत्र बता रहे हैं। रिगिंग यानी वोटों की गिनती में गड़बड़ी करना जिससे हार को जीत में बदल जाए। आप सोच रहे हैं कि क्या यह संभव है – हाँ बिल्कुल

होता है कि सभी दल के एजेंट हर राउंड में अपने – अपने पार्टी प्रत्याशी के मत गिनते हैं। गिनती के आखरी चरणों में जब निर्दलीय , अन्य छोटे दल के एजेंट काउंटिंग छोड़ कर बाहर निकल जाते हैं तो बड़ी चालाकी से वे वोट जिस व्यक्ति को जिताना होता है उसमें जोड़ दिए जाते हैं। जिससे महज 1000 -2000 वोट से हारा हुआ प्रत्याशी जीत जाता है। एक बार जीत म प्रमाण पत्र मिल गया तो फिर कोर्ट में लड़ते रहिए 5 साल यूँ ही बीत जाते हैं।

रिगिंग कई तरीकों से सम्भव है। डमी प्रत्याशी का काउंटिंग एजेंट ही न नियुक्त करना , हर राउंड में वोट जोड़ने में गड़बड़ी आदि । इसका सबसे बड़ा नुकसान ये है कि रिगिंग जब काँटे की टक्कर होती है तो सत्ता पक्ष अपने अधिकारी तंत्र के माध्यम से जनता के चुनाव को पलट देता है। बदलाव नहीं हो पाता है।

इसलिए सभी प्रत्यशियों और विपक्षी दलों के लिए सबसे जरूरी है हर बूथ पर प्रशिक्षित एजेंट और गणना के समय अपने मतों के साथ अन्य मतों की गिनती लिखते हुए हर राउंड में गिनती को सजगता से जांचते हुए आगे बढ़ना । किसी बदमाशी के समय गिनती रोककर उसकी जांच करते हुए बढ़ना और अंतिम तक टिके रहना।इसलिए हम सभी विपक्ष को 10 तारीख को सजगता से लोकतंत्र की पहरेदारी करना जरूरी है ताकि कोई जनता के फैसले पर डांका न डाल सके।