Saturday, March 28, 2026
Advertisement
Home उत्तर प्रदेश हाथरस की तरह बुलंदशहर मामले को दबा रही पुलिस- प्रियंका गांधी

हाथरस की तरह बुलंदशहर मामले को दबा रही पुलिस- प्रियंका गांधी

198
  • पुलिस ने दवाब बनाकर कराया युवती का अंतिम संस्कार।
  • दिवंगत रेप पीड़िता को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस।
  • हाथरस की तरह बुलंदशहर में मामले को दबा रही पुलिस।

अंशू अवस्थी

बुलंदशहर के छतारी कस्बा स्थित धौरऊ गांव में गुरुवार को कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गाँधी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची। उन्होंने मृतका युवती के परिजनों से बातचीत की और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने युवती के परिजनों से किसी भी प्रकार से पुलिस या राजनीतिक दबाव में नहीं रहने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों से बात करके पता चला है कि सारे मामले को पुलिस और प्रशासन ने दबाने की कोशिश की है। जिस तरह से हाथरस में अंतिम संस्कार कराया गया था, लगभग उसी तरह से यहां पर किया गया है। मृतका पीड़िता को न्याय दिलाने की लड़ाई कांग्रेस लड़ेगी।उन्होंने कहा कि मृत युवती के परिवार पर रात में ही अंतिम संस्कार करने के लिए दबाव डाला गया। परिवार के लोग पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं। सही धाराओं में मुकदमा दर्ज भी नहीं किया गया था। कल रात को जब जानकारी मिली कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार से मिलने आ रही है। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ धाराएं बढ़ाई गई। परिवार को एफआईआर रिपोर्ट भी नहीं दी गई है। हम इस मामले का दबने नहीं देंगे। लगातार हम परिवार के साथ खड़े हैं और खड़े रहेंगे। परिवार का कहना है कि सामूहिक दुष्कर्म हुआ है, लेकिन पुलिस इस बात से इनकार कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी स्पष्ट नहीं लिखा गया है।

युवती की नानी ने पैर पकड़कर पुलिस से शव को देखने की विनती की, लेकिन पुलिस उनको धक्का देकर चली गई। घटना के विषय में परिजनों से पहले पुलिस को जानकारी मिल गई। ऐसे कैसे। इस तरह के कई सवाल हैं, जो सरकार से पूछने हैं। हाथरस की घटना में भी अपनी सफाई रखने के लिए युवती के चरित्र पर आरोप लगाए थे। उसी तरह इस मामले में भी प्रशासन अपनी गलती छुपाने के लिए युवती के चरित्र को खराब कर रही है। उन्होंने कहा कि  उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री अनिल शर्मा ने बार-बार फोन करके पुलिस से जानकारी ले रहे हैं। जरूर उनका इस मामले से संबंध हैं, तभी सही से कार्रवाई नहीं करने दे रहे।उन्होंने कहा कि उन्नाव हो, हाथरस हो या बुलंदशहर, पुलिस-प्रशासन हर बार अत्याचार करने वाले और अपराधियों के साथ खड़ा नजर आता है। पीड़िताओं की कोई मदद नहीं करता है, पुलिस एफआईआर तक नहीं दर्ज करती है।