प्रकृति हमारा खजाना है…

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सुनील कुमार- पुलिस उप महानिरीक्षक की कलम से:-

एक स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण के महत्व,पर्यावरण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में कमी जैसी वैश्विक समस्याओं को रेखांकित कर वर्तमान पर्यावरण के मुद्दों पर वैश्विक जागरूकता बढ़ाना और जन-जन को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने के लिए प्रत्येक वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 1972 में हुए संयुक्त राष्ट्र मानव पर्यावरण सम्मेलन के बाद 1973 में हुई थी। विश्व पर्यावरण दिवस 2024 संस्करण “हमारी धरती, हमारा भविष्य” के नारे के तहत स्वस्थ पर्यावरण तंत्र की बहाली, जैव विविधता की रक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए हमे सामूहिक प्रयास पर जोर देती है। प्रकृति हमारा खजाना है…

विश्व पर्यावरण दिवस हमें सिर्फ एक दिन पर्यावरण के प्रति सोचने के लिए नहीं, बल्कि हर दिन पर्यावरण के प्रति सचेत एवं संवेदनशील रहने तथा उसके संरक्षण हेतु एक ज़िम्मेदार नागरिक बनने के लिए उत्प्रेरित करता है। हम सभी अपने छोटे-छोटे प्रयासों, जैसे बिजली-पानी का उचित इस्तेमाल करना, कूड़े कचरे को कम करना और उसका पुनर्चक्रण करना, अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना, वाहनों का निम्नतम इस्तेमाल करना, पेड़ों की कटाई को रोकना, प्लास्टिक थैलों आदि के प्रयोग को रोकना आदि के द्वारा हम पर्यावरण को स्वच्छ, संतुलित और सुरक्षित रखने में अपना अहम योगदान दे सकते हैं।

सुनील कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक मध्य सेक्टर, केरिपु बल लखनऊ।

हरित पृथ्वी, स्वच्छ पृथ्वी। प्रकृति हमारा खजाना है, आइए इसकी देखभाल करें….!

हमें अपने अंदर पर्यावरण संरक्षण की भावना को जागृत कर वृक्षारोपण करना, प्लास्टिक का प्रयोग कम करना,ऊर्जा की बचत, अपने आस पास की साफ सफाई को सुनिश्चित करने का संकल्प लेते हुए प्राकृतिक संसाधनों जो कि पृथ्वी पर जीवन की संजीवनी के रूप में काम करते हैं की संरक्षा करने का भी संकल्प लेना है। हम प्रकृति के संरक्षक हैं और पर्यावरण की रक्षा के लिए सक्रिय योगदान देना, एक स्वस्थ, सुंदर, हरित, संतुलित और स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करना हमारी ज़िम्मेदारी ही नहीं हमारा सामूहिक कर्तव्य है। यह पृथ्वी हमारा एकमात्र आवास है और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे बचाना हमारा सामूहिक दायित्व है जिसके लिए हम सबको मिलकर संकल्पित होना है।

जैसा की हम सभी को विदित है की आज पूरा विश्व ग्लोबल वार्मिंग के दौर से गुजर रहा है, जिसका प्रमुख कारण प्राकृतिक संसाधनों का तेजी के साथ दोहन, पेड़ों की अँधा धुंध कटाई, ऊर्जा एवं पानी का दुरपयोग, मोटर वाहनों की अधिकता आदि हैं जिसके कारण विश्व को आये दिन अनेक प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ , सुखाड़ , भूकंप आदि के दंश को झेल रहा है। अतः प्रत्येक भारतवासी को सरकारी तंत्र पर आश्रित न रह कर जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए प्रथम पंक्ति में आगे आकर स्वयं से विशेष अवसरों जैसे जन्मदिवस, शादी की सालगिरह आदि अन्य अवसरों पर वृक्षा रोपण करें ताकि हमारा भविष्य सुरक्षित रह सके। प्रकृति हमारा खजाना है…