Wednesday, January 28, 2026
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जानें पैदल चलने का महत्व

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जानें पैदल चलने का महत्व
जानें पैदल चलने का महत्व

राज कुमार

धरती पर जिसका जन्म हुआ उसकी मौत तय है. पर यह कब आ जाए कोई नहीं जानता. इंसान अगर पूरी उम्र जीकर इस दुनिया से विदा ले तो यह सबके लिए अच्छा है. अगर वह समय से पहले चला जाता है तो अपने परिवार में दुखों का पहाड़ छोड़ जाता है.हर कोई चाहता है कि वह इस दुनिया को तभी अलविदा कहे जब वह इसे पूरी तरह जी लें. लेकिन इसका कोई फॉर्मूला है? कई सालों से वैज्ञानिक इस गुत्थी को सुलझाने में लगे हैं. हाल ही के दिनों में इसे लेकर कई रिसर्च हुई हैं. कुछ में दावा किया गया कि रोजाना 10 हजार कदम समय से पहले मौत के जोखिम से बचाएगा. पर अब एक नई साइंटिफिक रिसर्च में दावा किया जा रहा है कि 10 हजार कदम नहीं बल्कि 8 हजार कदम ही पर्याप्त है. जानें पैदल चलने का महत्व

10 हजार कदम का वैज्ञानिक आधार नहीं

साइंसडेली की एक रिपोर्ट ने इंटरनेशनल स्टडी का हवाला देते हुए कहा कि 8 हजार कदम समय पूर्व मौत के जोखिम से बचने के लिए पर्याप्त है. अधिकतम लोगों को 8 हजार कदम से ही लाभ मिलेगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले की रिसर्च में 10 हजार कदम चलने की बात का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. अध्ययन में कहा गया कि धीरे-धीरे चलने की तुलना में तेज चलना अपेक्षाकृत बेहतर है. आप जितनी तेजी से चलेंगे, समय पूर् मौत का जोखिम उतना ही कम होगा. यह अध्ययन स्पेन में ग्रेनाडा यूनिवर्सिडैड के नेतृत्व में किया गया है. इसमें नीदरलैंड और अमेरिका के शोधकर्ता भी शामिल थे. इस अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने वैज्ञानिक रूप से निर्धारित किया कि प्रत्येक दिन कितने कदम उठाने की आवश्यकता है जिससे मौत का जोखिम कम हो सके. संबंधित पेपर अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के जर्नल में प्रकाशित किया गया है. अध्ययन में कहा गया कि रोजाना 10 हजार कदम चलने संबंधी आइडिया पहली बार 1960 के आसापस जापान से आया लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है.

जानें पैदल चलने का महत्व
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चलने की स्पीड का भी महत्व

शोधकर्ताओं ने कहा कि अगर हम हार्ट संबंधी बीमारियों से होने वाली मौत के जोखिम को कम करने पर ध्यान दें तो यह 7000 कदम ही पर्याप्त है. अगर हम ऑवरऑल हेल्थ की बात करें तो यह 800 कदम पर्याप्त है. शोधकर्ताओं ने 1.1 लाख से अधिक प्रतिभागियों को शामिल करते हुए 12 अंतर्राष्ट्रीय अध्ययनों के डेटा का विश्लेषण किया. रिसर्च के मुताबिक प्रतिदिन लगभग आठ हजार कदम चलने से शीघ्र मृत्यु का जोखिम काफी हद तक कम हो सकता है. इसमें एक कदम की माप पुरुषों के लिए 76 सेंटीमीटर निर्धारित किया गया जबकि महिलाओं के लिए 67 सेंटीमीटर रखा गया. हालांकि आप कितनी स्पीड से चल रहे हैं, यह काफी मायने रखता है. धीरे-धीरे चलने की तुलना में तेज गति से चलने का अतिरिक्त लाभ मिलता है. अध्ययन के मुताबिक हर दिन आपके द्वारा उठाए जाने वाले कदमों की संख्या में थोड़ी सी वृद्धि करने से उल्लेखनीय लाभ हो सकते हैं. उदाहरण के लिए, जो लोग कम व्यायाम करते हैं, उनके लिए लगभग 500 का प्रत्येक अतिरिक्त कदम उनके स्वास्थ्य में और सुधार कर सकता है.

रोजाना 10,000 कदम चलने से हार्ट डिजीज का खतरा कम हो जाता है क्योंकि यह ब्लड प्रेशर में सुधार करता है और ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करता है. एक्टिव रहने से हम अपने शरीर में जमा फैट और शुगर को ऊर्जा में बदल सकते हैं. एक दिन में 10,000 कदम चलने से नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को हटाने में मदद मिल सकती है.धरती रोजाना 10,000 कदम चलने से कई शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं. यह स्वस्थ वजन घटाने में सहायता कर सकता है. जोड़ों के स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है. मूड और मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बढ़ावा दे सकता है और रिकवरी में सहायता कर सकता है. इसके अलावा,चलना एक कम प्रभाव वाला व्यायाम है जो ज्यादातर लोगों के लिए सुलभ होता है.

प्रतिदिन सिर्फ 30 मिनट पैदल चलकर आप हृदय संबंधी फिटनेस को बढ़ा सकते हैं. हड्डियों को मजबूत कर सकते हैं. शरीर की अतिरिक्त चर्बी को कम कर सकते हैं और मांसपेशियों की शक्ति और सहनशक्ति को बढ़ा सकते हैं. यह हृदय रोग, टाइप 2 मधुमेह,ऑस्टियोपोरोसिस और कुछ कैंसर जैसी स्थितियों के विकसित होने के जोखिम को भी कम कर सकता है.यह सच है कि वॉक करने से हमारे पाचन तंत्र में सुधार होता है. वास्‍तव में जब हम चलते हैं तो शरीर के सभी अंग अपना-अपना कार्य करने लगते हैं.उन्‍हें अपने कार्य करने के लिए ऊर्जा की अवश्‍यकता होती है. दुसरी तरफ शरीर को पता है कि वह भोजन ही है जो उन्‍हें ऊर्जा देगा। इसीलिए अपने पाचन को सुधारने के लिए डॉक्‍टर हमें भोजन करने के बाद कुछ देर पैदल चलने की सलाह देते हैं.

जानें पैदल चलने का महत्व

ब्रेन स्ट्रोक- आपको जानकर आश्चर्य होगा की अगर एक सप्ताह में सिर्फ 2 घंटे भी पैदल चला जाये तो इससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा 30% तक कम हो जाता है.

दिल- क्या आपको पता है प्रतिदिन 30 से 60 मिनट तक पैदल चलने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा काफी हद तक टल जाता है.

मधुमेह- अगर प्रतिदिन 30 से 40 मिनट भी पैदल चला जाये तो इससे मधुमेह का खतरा करीब 29% तक घट जाता है.

डिप्रेशन- आज के समय में डिप्रेशन एक आम बीमारी बनकर उभर रहा है लेकिन अगर प्रतिदिन 30 से 45 की वॉक की जाये तो डिप्रेशन का खतरा करीब 36% तक कम हो जाता है.

मोटापा- मोटापा घटाने का सबसे सरल उपाय है रोजाना करीब 1 घंटे की वॉक, ऐसा नियमित करने से मोटापा काफी हद तक कम होने लगता है.

हड्डियां- प्रतिदिन की वॉक से हड्डियां सुचारु रहती हैं और इससे हिप फ्रैक्चर होने का खतरा करीब 43% तक घट जाता है.

याद्दाश्त- पैदल चलना याद्दाश्त के लिए भी बेहद लाभकारी है, नियमित रूप से वॉक करने से याद्दाश्त तेज होती है.

उम्र- आपको शायद पता ना हो लेकिन पैदल चलने से आप अपनी उम्र भी बढ़ा सकते हैं, अगर आप एक सप्ताह में करीब 75 मिनट भी पैदल चलते हैं तो आपकी उम्र कम से कम 2 साल बढ़ सकती है.

मौसम के परिवर्तन के साथ सावधानी बरतना महत्वपूर्ण होता है, विशेष रूप से बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए. सही ढंग से रख रखाव और ज्यादा ध्यान रखने से आप बीमारियों से बच सकते हैं. पैदल चलना और स्वास्थ्य का ध्यान रखना व्यक्तिगत स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकता है, लेकिन मौसम के परिवर्तन के साथ अधिक सतर्क रहना भी आवश्यक है. आपके वस्त्र, आहार, और आवास के तरीके को मौसम के हिसाब से समायोजित करने से आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं.तो अब आप जान गए हैं की पैदल चलना हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना ज्यादा फायदेमंद है. तो आज से ही रोज थोड़ी देर पैदल चलने के लिए जरूर निकालें और कई बड़ी गंभीर समस्याओं से खुद को दूर रखें. जानें पैदल चलने का महत्व