Wednesday, January 28, 2026
Advertisement
Home उत्तर प्रदेश पत्रकारिता केवल सूचना का माध्यम नहीं, जनसरोकारों की प्रहरी-डॉ.संतोष

पत्रकारिता केवल सूचना का माध्यम नहीं, जनसरोकारों की प्रहरी-डॉ.संतोष

127
पत्रकारिता केवल सूचना का माध्यम नहीं, जनसरोकारों की प्रहरी-डॉ.संतोष
पत्रकारिता केवल सूचना का माध्यम नहीं, जनसरोकारों की प्रहरी-डॉ.संतोष

पत्रकारिता केवल खबर नहीं- जनता की आवाज़ बनकर सत्ता को आईना दिखाने की जवाबदेही भी : डॉ.संतोष भारतीय

त्रिनाथ के. शर्मा
त्रिनाथ के. शर्मा

वर्तमान समय में पत्रकारिता करना जोखिम भरा काम : आलोक त्रिपाठी

पत्रकारिता का उद्देश्य केवल घटनाओं और तथ्यों को जनता तक पहुँचाना नहीं है, बल्कि समाज के निचले पायदान तक बैठे व्यक्ति की आवाज़ बनकर व्यवस्था के सामने सटीक और निर्भीक प्रश्न रखना भी है। समाचार तभी सार्थक है, जब वह सत्ता को आईना दिखाने का साहस रखे और जनता के अधिकारों की रक्षा करने का विवेक। वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं पूर्व सांसद डॉ. संतोष भारतीय ने 1990 से अब तक की पत्रकारिता का अनुभव साझा किया। वरिष्ठ पत्रकार आलोक कुमार त्रिपाठी व राजीव तिवारी (बाबा) ने दिए पत्रकारिता के जरूरी आयाम याद दिलाए, वही राजीव बाबा ने कराया नवयोग।

लखनऊ/फतेहपुर। भारतीय प्रेस दिवस के अवसर पर साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन (सीजेए) द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें देश और प्रदेश के कई वरिष्ठ पत्रकारों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में आधुनिक भारत में मीडिया की भूमिका, उसकी साख, जिम्मेदारी और चुनौतियों पर चर्चा की गई। इस बैनर तले देश में मीडिया को संवैधानिक रूप से लोकतंत्र का चौथा स्तंभ दर्ज करने, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने सहित पत्रकार एकता की मुख्य रूप से चर्चा हुई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नई दिल्ली से चलकर आए वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और पूर्व सांसद डॉ. संतोष भारतीय शामिल हुए। उन्होंने 1990 के दौर से लेकर आज तक की पत्रकारिता और अपने पत्रकारिता से लेकर सांसद बनने तक के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल खबर लिखने का काम नहीं है, यह जनता की आवाज़ बनकर सत्ता को आईना दिखाने की जवाबदेही भी है। उन्होंने अपने जीवन से जुड़े अनुभव सुनाते हुए युवा पत्रकारों को निष्पक्षता और साहसिक पत्रकारिता की प्रेरणा दी।


लखनऊ से आए उत्तर प्रदेश राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के कोषाध्यक्ष एवं लखनऊ जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार आलोक कुमार त्रिपाठी ने पत्रकारिता के गुर और अपने अनुभवों को साझा किया। वरिष्ठ पत्रकार राजीव तिवारी (बाबा) ने लोगों को नवयोग कराते हुए मानसिक शांति और आत्मबल को पत्रकारिता के लिए जरूरी बताया। राष्ट्रीय सलाहकार समिति के सदस्य आशीष तिवारी ने संगठन की एकता और मजबूती पर जोर दिया।


फतेहपुर के वरिष्ठ पत्रकार वसीम अख्तर, शिवशरण बंधु, रमेश चंद्र गुप्ता, विवेक मिश्रा, सरोज पाण्डेय, संदीप केशरवानी, शमशाद खान और प्रभाकर पाण्डेय समेत अन्य पत्रकारों एवं समाजसेवी अजय त्रिपाठी ने भी मीडिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाश्वत तिवारी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और संगठन के उद्देश्यों को बताया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय महासचिव शीबू खान ने किया। मंच से दिवंगत पत्रकार दिलीप सैनी और पूर्व मंत्री स्व. मुन्ना लाल मौर्य को जनपद रत्न सम्मान (मरणोपरांत) दिया गया। जिसके लिए पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल ने सामूहिक रूप से दिवंगत पत्रकार के सम्मान का प्रतीक चिन्ह प्राप्त किया वहीं पूर्व मंत्री स्वर्गीय मुन्ना लाल मौर्य का सम्मान प्रतीक चिन्ह उनकी धर्मपत्नी ऊषा मौर्य (विधायक – हुसैनगंज) ने प्राप्त किया और संगठन का आभार प्रकट किया।

आज जब मीडिया तकनीक और बाज़ारवाद की तेज़ रफ्तार में आगे बढ़ रहा है, पत्रकारिता की असली कसौटी उसकी आलोचनात्मक दृष्टि, जनपक्षधरता और नैतिक जिम्मेदारी में निहित है। पत्रकारिता केवल खबरों का आदान–प्रदान नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदों, आक्रोश और पीड़ा को स्थापित सत्ता तक पहुँचाने का लोकतांत्रिक सेतु है।


इसके अलावा शहर के अखबार वितरकों को ‘लोक संदेश वाहक प्रहरी सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित सभी पत्रकारों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शहंशाह आब्दी, फतेहपुर जिलाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह, सैय्यद शारिब क़मर अज़मी, धीर सिंह यादव, अनिल विश्वकर्मा, डॉ जे पी चौहान, प्रदीप कुमार, मेराज अहमद, मोहम्मद अब्बास, महेश चौधरी, संदीप निर्मल, अजय कुमार, अभिमन्यु मौर्या, कृष्ण गोपाल साहू, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, इसरार अहमद, पारुल सिंह, गुलाब सिंह यादव, नाजिया परवीन, राकेश साहू सहित जनपद एवं अन्य जनपद के सैकड़ों पत्रकारों ने उपस्थिति दर्ज की।