Tuesday, February 24, 2026
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UP में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर स्थापित: मुख्यमंत्री

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UP में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर स्थापित: मुख्यमंत्री
UP में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर स्थापित: मुख्यमंत्री
         मुख्यमंत्री ने सिंगापुर में भारतीय डायस्पोरा को सम्बोधित किया। उ0प्र0 में निवेश हेतु आमंत्रित किया। सिंगापुर के भारतीय समुदाय का अपनी मातृभूमि के प्रति लगाव हम सभी को भारत के विकास हेतु कुछ कर गुजरने का नया उत्साह देता।प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उ0प्र0 ने आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर व आधुनिक टेक्नोलॉजी
के एक नए हब के रूप में अपने आपको स्थापित करने में सफलता प्राप्त की। प्रधानमंत्री अगले माह नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने जा रहे। उ0प्र0 में 34 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसीज, 75 हजार एकड़ का लैण्ड बैंक, सुरक्षा का बेहतर माहौल, ‘अब यू0पी0 में न कर्फ्यू न दंगा है, यू0पी0 में सब चंगा। भारत के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे, सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, सर्वाधिक एयरपोर्ट उ0प्र0 में, भारत की पहली रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो का शुभारम्भ। उ0प्र0 में मोबाइल फोन की 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेण्ट की 60 प्रतिशत मैन्युफैक्चरिंग हो रही, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, फार्मा पार्क, अपैरल पार्क, सेमीकण्डक्टर यूनिट बन रही।
डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर उ0प्र0 में स्थापित। उ0प्र0 की अर्थव्यवस्था तीन गुना तथा प्रति व्यक्ति आय लगभग तीन गुना हुई। भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर भारत की मर्यादा का एहसास करा रहा, श्रीकाशी विश्वनाथ धाम विरासत की पुनर्स्थापना व भारत की शाश्वत चेतना का उदाहरण, श्रीकृष्ण की लीला भूमि मथुरा-वृन्दावन भारत की भक्ति का प्रतीक। ‘इण्डिया ए0आई0 इम्पैक्ट समिट’ में विकसित देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘नये भारत’ व वैश्विक व्यवस्था के हित में उठाए जा रहे कदमों की मुक्त कण्ठ से प्रशंसा की। लखनऊ में ग्लोबल इण्डियन इण्टरनेशनल स्कूल इन्वेस्टमेण्ट करने जा रहा। मुख्यमंत्री ने भारतीय समुदाय को होली की शुभकामनाएँ दीं।

     लखनऊ। आज सिंगापुर में ग्लोबल इण्डियन इण्टरनेशनल स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय डायस्पोरा को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर में भारतीय समुदाय से जुड़े लोगों का उनके उत्साहपूर्वक अभिनन्दन के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें होली की शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सिंगापुर के भारतीय समुदाय का अपनी मातृभूमि के प्रति लगाव हम सभी को भारत के विकास हेतु कुछ कर गुजरने का नया उत्साह देता है। माता और मातृभूमि का कर्ज व्यक्ति के ऊपर हमेशा बना रहता है। यह हम सब भारतीयों का संस्कार है कि जिस धरती पर रहेंगे, उस धरती के प्रति पूरे कृतज्ञ भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपने कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएंगे।

उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की आत्मा का प्रदेश है। उत्तर प्रदेश ने आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर व आधुनिक टेक्नोलॉजी के एक नए हब के रूप में अपने आपको स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है। उत्तर प्रदेश में हर सेक्टर में निवेश आ रहा है। 34 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसीज वर्तमान में कार्यरत हैं। 75,000 एकड़ का लैण्ड बैंक उत्तर प्रदेश के पास है। प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर हम लोगों के लिए बड़े-बड़े क्लस्टर लैण्ड भी तैयार करके रखे हुए हैं। यहाँ विद्युत की अनवरत सप्लाई और सुरक्षा का बेहतर माहौल है। ‘अब यू0पी0 में न कर्फ्यू है, न दंगा है, यू0पी0 में सब चंगा है’। हर व्यक्ति अब उत्तर प्रदेश में शान्तिपूर्ण ढंग से विकास में सहभागी बन रहा है। किसी प्रकार का कोई भय नहीं। अब तो उत्तर प्रदेश में नाइट शिफ्ट में भी महिलाएँ कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की विजनरी लीडरशिप में आज भारत के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के पास हैं। भारत का रेल का सबसे बड़ा नेटवर्क उत्तर प्रदेश में है। भारत के सबसे ज्यादा शहरों में मेट्रो पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सेवा उत्तर प्रदेश के पास है। कल ही प्रधानमंत्री जी ने भारत की पहली रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो का शुभारम्भ किया है। भारत के सर्वाधिक एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में हैं। अगले माह प्रधानमंत्री जी अपने कर-कमलों से उत्तर प्रदेश के नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने जा रहे हैं। भारत का सबसे बड़ा यह एयरपोर्ट न केवल पैसेंजर, बल्कि कार्गो के भी सबसे बड़े केन्द्र के रूप में उभरेगा। उत्तर प्रदेश में भारत के मोबाइल फोन की 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेण्ट की 60 प्रतिशत मैन्युफैक्चरिंग हो रही है।

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हम लोगों ने विगत 09 वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। अर्थात कृतज्ञता का भाव जब अपनी मातृभूमि के प्रति होता है, तो सफलता प्राप्त करने में देर नहीं लगती। आज उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय लगभग तीन गुना हुई है। बिना भेदभाव हर जरूरतमंद को शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है।
प्रदेश में फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, फार्मा पार्क, अपैरल पार्क, सेमीकण्डक्टर यूनिट बन रही हैं। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर भी उत्तर प्रदेश में स्थापित हुआ है। इसके अन्तर्गत 06 नोड विकसित हो रहे हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में सटीक निशाने के साथ दागी गई ब्रह्मोस मिसाइल, लखनऊ की ही थी। उसने अच्छे-अच्छे को कंपा दिया था।

उत्तर प्रदेश, भारत की सबसे बड़ी आबादी का राज्य है। आज से 09 वर्ष पूर्व अव्यवस्था, दंगे, असुरक्षा, अव्यवस्था, अराजकता उत्तर प्रदेश की पहचान बन गई थी, लेकिन आज आपको उत्तर प्रदेश में विरासत और विकास का एक अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मन्दिर भारत की मर्यादा का एहसास हर भारतवासी को कराता है। काशी में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम विरासत की पुनर्स्थापना व भारत की शाश्वत चेतना का उदाहरण प्रस्तुत करता है। श्रीकृष्ण की लीला भूमि मथुरा-वृन्दावन भारत की भक्ति का प्रतीक है।

प्रयागराज महाकुम्भ की सफलता आप सबके सामने है। गत वर्ष उत्तर प्रदेश में 156 करोड़ पर्यटक आए। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। दिव्य-भव्य अयोध्या अपनी ओर सबका ध्यान आकर्षित कर रही है। काशी देवाधिदेव महादेव की अनुभूति का एहसास करा रही है। मथुरा-वृन्दावन, प्रयागराज, बौद्ध सर्किट, जैन सर्किट, सूफी परम्परा से जुड़े स्थल मजबूती के साथ उत्तर प्रदेश की नई पहचान को आगे बढ़ा रहे हैं। हम स्वतंत्रता आन्दोलन से जुड़े ऐतिहासिक कार्यक्रमों को भी आगे बढ़ा रहे हैं।

आज भारत हर दिशा में आगे बढ़ रहा है। हम किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करते हैं। हमारे पर्व और त्यौहार समरसता के प्रतीक हैं। जब प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में 66 करोड़ श्रद्धालु एक साथ एक संगम में आस्था की डुबकी लगाते हैं। न कोई छोटा, न कोई बड़ा, न बुजुर्ग, न जवान सभी लोग मिलकर हर-हर गंगे का आह्वान करते हुए सर्दी की परवाह किए बगैर गंगा-यमुना के जल में आस्था की डुबकी लगाकर ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करते हुए दिखायी देते हैं। आज भारत गर्व के साथ कहता है कि भारत अब एक है और श्रेष्ठ है। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की इस नई यात्रा के साथ हर एक भारतीय व हर प्रवासी भारतीय को जुड़ना चाहिए।

हम सबको इस पर गौरव की अनुभूति होती है कि ‘नया भारत’ आज दुनिया में अपनी ताकत दिखा रहा है। प्रधानमंत्री जी की विजनरी लीडरशिप में यह ‘नया भारत’ बहुत शीघ्र दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपने आप को स्थापित करेगा। वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ आज भारत ने प्रत्येक क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं। डिजिटल इण्डिया, स्टार्ट-अप, ईको-सिस्टम, स्टैण्ड-अप कल्चर इसके प्रमुख उदाहरण हैं। हाल ही में दिल्ली में आयोजित ‘इण्डिया ए0आई0 इम्पैक्ट समिट’ में 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भागीदार बने। विकसित देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘नये भारत’ व वैश्विक व्यवस्था के हित में उठाए जा रहे कदमों की मुक्त कण्ठ से प्रशंसा की है। सभी ने प्रधानमंत्री जी के डिजिटल इण्डिया की ताकत को महसूस किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 5,000 वर्ष पहले हमारे एक ऋषि ने कहा था कि ‘दुर्लभं भारते जन्म मानुषं तत्र दुर्लभम्’ अर्थात भारत में जन्म लेना दुर्लभ है और उससे भी अधिक दुर्लभ यहाँ मनुष्य के रूप में जन्म लेना। आप सबको इस बात पर गौरव की अनुभूति होगी कि आपने या आपके किसी पूर्वज ने भारत की धरती पर जन्म लिया और वही जड़ें आज सिंगापुर में आपको भारत की धरती के प्रति आकर्षित करती हैं। सचमुच यह हर भारतीय के लिए गौरव का विषय होना चाहिए।

सनातन धर्म दुनिया में अकेले ‘अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्। उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्’ के भावों के साथ जीने वाला धर्म है। जैसे एक परिवार में अलग-अलग उम्र, समुदाय व इनकम वाले सदस्य भी होते हैं, लेकिन भेदभाव किसी के साथ नहीं होता है। सब मिलकर उस परिवार का संचालन करते हैं। यह भाव भारतीयों का रहा है। ग्लोबल विलेज की परिकल्पना आज की परिकल्पना है लेकिन हमारे लिए पूरी दुनिया एक परिवार है, जिसके बारे में प्रधानमंत्री जी कहते हैं ‘सबका साथ-सबका विकास’। कोई समुदाय विकास तब करता है, जब सामूहिकता का भाव होता है।

हमारा दायित्व है जिस धरती पर रहते हैं उस धरती के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी ईमानदारीपूर्वक करें। कोई हम पर उंगली ना उठाए। हमें शक की निगाहों से न देखे। साथ ही, जिस मातृभूमि से हमारे पूर्वजों का सम्बन्ध रहा है, उसके प्रति भी अपने कर्तव्यों का डटकर निर्वहन करें। ग्लोबल इण्डियन इण्टरनेशनल स्कूल भारतीय परम्पराओं को बेहतर ढंग से आगे बढ़ा रहा है। सिंगापुर का भारतीय समुदाय अपनी मातृभाषा, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन्त बनाए रखते हुए उन्हें मजबूती से आगे बढ़ा रहा है। यह सचमुच में प्रशंसनीय है।

उन्होंने ग्लोबल इण्डियन इण्टरनेशनल स्कूल कैम्पस की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह लखनऊ में भी अपना इन्वेस्टमेण्ट करने जा रहा है। अतुल जी उत्तर प्रदेश में स्कूल के साथ स्किलिंग को भी लेकर आएंगे। यहां के कैम्पस में बच्चों को भारत के सी0बी0एस0ई0 का पाठ्यक्रम भी पढ़ाया जाता है। प्रधानमंत्री जी ने देश में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी-2020 लागू की है, जिसमें आधुनिक व परम्परागत ज्ञान को एक साथ बढ़ाया जा रहा है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, सलाहकार मुख्यमंत्री अवनीश कुमार अवस्थी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ0 शिल्पक अम्बुले, इण्डिया ग्लोबल स्कूल के संस्थापक  अतुल तिमुरनिकर व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।