
वाराणसी। पुलिस जो जांच कर रही है वो आशुतोष ब्रम्हचारी क़ो कैसे पता ये बड़ा सवाल है। आशुतोष ब्रम्हचारी की ओर से बनाये गए ग्रुप का जिक्र किया गया। आशुतोष ब्रम्हचारी का न्याय यात्रा का भी जिक्र किया। FIR से सम्बंधित जाँच के बारे पूरी जानकारी है आशुतोष ब्रम्हचारी। जांच से जुड़े हर पहलू की जानकरी आशुतोष ब्रम्हचारी क़ो है।
पुलिस अधिकारियो के साथ विद्यमान है,तो समझ लीजिये कौन सी जांच है। ये उत्तर प्रदेश का सबसे विरले सवाल है, आशुतोष ब्रम्हचारी और पुलिस की फोटो AI वाला नहीं है। मुख्यमंत्री ने भी अहिल्याबाई की मूर्ति क़ो भी AI वाला बताया था और अब ये लोग भी बता रहे। दोनों बच्चे जो आरोप लगा रहे है वो आशुतोष ब्रम्हचारी के साथ लम्बे समय से रह रहे हैं।
पीड़ित बच्चों की सभी जानकरी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द के पास आ गयी है। ज़ब बच्चे आप के पास है… तो मेरे ऊपर लगे सभी आरोप निराधार है। मठ पर सवाल उठाने वाले एक बार आकर देख ले, छोटे से जगह पर सैकड़ों लोग कैसे रहते है सोचना चाहिए, यहां कोई स्विमिंग पुल नहीं है। हमने कभी किसी अपने परिवार क़ो कोई लाभ नहीं दिया।
प्रयागराज में विशेष POCSO कोर्ट के आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द पर एफ़आईआर दर्ज कर दी गई है जो नाबालिगों के यौन शोषण के आरोप से जुड़ी है। इसके विरोध में कई राजनीतिक और सामाजिक संगठन सड़क पर उतर आए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।स्वामी ने आरोपों का खंडन किया है, कॉन्टेंट/सीडी सार्वजनिक करने की मांग उठाई है और मामले की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि दोषी साबित होते हैं तो कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए, जिससे समाज में संदेश जाए।























