

देश में असंतुलित विकास और आय के असमान वितरण की असली वजह ये है कि देश में मैन्युफ़ैक्चरिंग और प्रॉडक्शन लगातार घटता जा रहा है। बड़े-बड़े कारोबारी घराने ट्रेडिंग पर ही जोर दे रहे हैं। औद्योगिक घराने धीरे-धीरे ख़त्म किये जा रहे हैं, जिससे हमारे अपने कच्चे माल, स्किल और हुनर का मोल-मान-महत्व घट रहा है और नौकरी-रोज़गार भी। इसका सबसे बुरा असर ये है कि नारा तो आत्मनिर्भरता का दिया जा रहा है पर बढ़ावा दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों से हाथ मिलाकर, उनके सेलिंग एजेंट बनकर अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र को, दुनिया भर से सामान और सर्विसेज़ तक को इंपोर्ट करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।इसी कारण अमीर और भी अमीर होते जा रहे हैं व ग़रीब और भी ग़रीब। ये एक विरोधाभासी आर्थिक नीति है जहाँ मंच से तो आत्मनिर्भरता की बात की जाती है लेकिन पर्दे और मंच के पीछे विदेशियों से तैयार माल मँगाने और उनके लाए गये माल को बेचने के सौदे किये जाते हैं। देश की अर्थव्यवस्था बने-बनाए माल मंगाने से नहीं बल्कि देश के अंदर माल बनाने से सशक्त होगी। सरकार की नीतियां फेल

अखिलेश यादव के निर्देश पर आज समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता संसद में मुख्य सचेतक, सांसद आजमगढ़ धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने गाजीपुर जनपद के नरवर गांव पहुंचकर संतप्त परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदनाएं प्रकट की।सांसद धर्मेंद्र यादव ने समाजवादी पार्टी की तरफ से स्वर्गीय छोटू यादव की धर्मपत्नी, स्वर्गीय अमन यादव के पिता हीरा यादव, स्वर्गीय रविंद्र यादव एवं स्वर्गीय अजय यादव के पिताजी को डेढ़-डेढ़ लाख रुपए और घायल संतोष यादव व जितेंद्र यादव के परिजनों को 25-25 हजार रुपए का आर्थिक सहयोग दिया।
अखिलेश यादव ने कहा कि अपनी अर्थव्यवस्था को धोखा देकर कोई भी सरकार न तो अपने देश को और न ही देशवासियों को समृद्ध और खुशहाल बना सकती है। यदि सरकार ही हाथी के दांत बनेगी तो देश का क्या होगा। असली समृद्धि ट्रिलियन डॉलर के आँकड़े से नहीं बल्कि ये आँकने से आयेगी कि प्रति व्यक्ति आय कितनी बढ़ी है और आय की असमानता कितनी कम हुई है। भाजपा सरकार में गरीबी और अमीरी के बीच खाई बढ़ी है। सरकार की गलत आर्थिक नीतियों से गरीब और गरीब होता जा रहा है। महंगाई कम होने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा सरकार में किसान, नौजवान, व्यापारी सब खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। सरकार की नीतियां फेल हो चुकी है। सरकार की नीतियां फेल




















