Sunday, February 8, 2026
Advertisement
Home राजनीति सरकार अम्बानी व अडानी को कर रही मालामाल-लौटनराम निषाद

सरकार अम्बानी व अडानी को कर रही मालामाल-लौटनराम निषाद

221
  • कांग्रेस ने देश व समाज की तरक्की के लिए क्या नहीं किया।
  • कांग्रेस ने जो बनाया, उसी को बेच रही है भाजपा सरकार, अम्बानी व अडानी को कर रही मालामाल।

भाजपा के अंधभक्त यह कहते हैं कि कांग्रेस ने देश को 70 साल तक लूटा, पर सच्चाई इससे परे है।भारतीय पिछड़ा दलित महासभा के राष्ट्रीय महासचिव व कांग्रेस नेता चौ.लौटनराम निषाद ने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्र निर्माण, देश व समाज की तरक्की के लिए किया,उसका पसङ्गा भी भाजपा सरकार नहीं कर सकती।कांग्रेस ने देश की तरक्की के लिये क्या नहीं किया?कांग्रेस ने जो बनाया, स्थापित किया उसी को मोदी सरकार अपने पूँजीपति मित्रों अनिल अंबानी,गोविंद अडानी के हतजों नीलाम कर मालामाल कर रही है।हिन्दू-मुस्लिम,भारत-पाकिस्तान, ईद-दीवाली,श्मशान-कब्रिस्तान, पिछड़ा-अतिपिछड़ा,दलित-अतिदलित के नाम पर नफरत पैदा करने के अलावा भाजपा ने क्या नहीं किया?भाजपा सरकार गुरु गोलवलकर की बंच ऑफ थाट्स व वी ऑर अवर नेशनहुड डिफाइंड की नीतियों को लागू कर वंचित वर्ग को अधिकार,रोजगार विहीन व देश को पूँजीवादी, मनुवादी व्यवस्था के हवाले करने में जुटी हुई है।


जब देश आज़ाद हुआ उस समय देश मे सुई तक का निर्माण नहीं होता था।देश विश्व पटल पर अपना नाम अंकित कराया तो उसमें जवाहरलाल नेहरू व इंदिरा गांधी जी की दूरदर्शिता व देश की तरक्की,आत्मनिर्भरता के लिए सकारात्मक व विकासपरक सोच व क्रियाशीलता रही।कांग्रेस नेता लौटनराम निषाद ने कहा कि देश की आजादी के समय लोगों को भरपेट भोजन व पहने को कपड़ा तक नहीं मिलता था।नेहरू जी ने पंचवर्षीय योजनाओं व बहुद्देश्यीय नदी घाटी परियोजना के माध्यम से विकास की पटकथा लिखना शुरू किए।नेहरू व इंदिरा जी की सरकार ने एनटीपीसी, एटॉमिक एनर्जी प्लांट,बीएचईएल, एचएएल, ओएनजीसी, स्टील प्लांट, पावर प्लांट,कोल इंडिया, पोर्ट ट्रस्ट,एयरपोर्ट, चीनी मिल्स,कॉटन मिल्स,ऑयल इंडिया लि.,बीपीसीएल, एचपीएल को स्थापित कराया।बहुद्देश्यीय नदीघाटी परियोजनाओं, इंडियन फर्टिलाइजर कारपोरेशन व पंप कैनाल स्थापित कराकर खाद्यान्न के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर कांग्रेस की सरकार ने ही बनाया।देश की तरक्की के लिए गेल, सेल,भेल स्थापित किया,रेल का जाल बिछाया,बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया,संचार क्रांति के लिए बीएसएनएल, एमटीएनएल को स्थापित कराया।स्वास्थ्य,चिकित्सा,शिक्षा के क्षेत्र में कांग्रेस ने जो किया उसका सौवांश भी भाजपा नहीं की, बल्कि कांग्रेस के स्थापित उपक्रमों,संस्थानों को निजी हाथों में बेचकर देश मे बेरोजगारी, बेकारी की स्थिति पैदा कर देश को गुलामी की ऒर ढकेलने में जुटी है।देश के सरकारी व केन्द्रीय संस्थानों, उपक्रमों,कल-कारखानों को मोदी व अमित शाह अपने गुजराती बनिया मित्रों अडानी व अम्बानी के हाथों निजीकरण के माध्यम से सौंप रही है।पब्लिक सेक्टर को प्राइवेट सेक्टर में देकर ओबीसी,एससी, एसटी के संवैधानिक प्रतिनिधित्व के अधिकार से वंचित करने में जुटी हुई है।


कांग्रेस नेता निषाद ने भाजपा पर पिछड़ा,दलित,आदिवासी वंचित वर्ग विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि निजीकरण के द्वारा संविधान प्रदत्त प्रतिनिधित्व के अधिकार से वंचित कर रही है।संविधान से परे जाते हुए लेटरल इंट्री द्वारा केन्द्रीय मंत्रालयों,विभागों में बिना प्रतियोगी परीक्षा के वर्ग विशेष के लोगों को संयुक्त सचिव व निदेशक बना रही है।सरकारी उपक्रमों,संस्थानों में संविदा व आउटसोर्सिंग द्वारा भर्ती प्रक्रिया शुरू कर आरक्षण नियमावली को निष्प्रभावी बना रही है।नई शिक्षा नीति द्वारा पिछड़ों,दलितों को को फिर से शिक्षा,रोजगार,प्रतिनिधित्व से वंचित करने का संघीय हथौड़ा चलने जा रहा है।सामाजिक समता,समरसता व सर्वसम्पन्नता व तरक्की के लिए कांग्रेस ने अभूतपूर्व कार्य किया।वंचित वर्ग को प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए कांग्रेस ने आरक्षण की व्यवस्था लागू किया।मण्डल कमीशन के अनुसार ओबीसी को सरकारी सेवाओं में 27 प्रतिशत आरक्षण 1993 में कांग्रेस ने ही लागू किया,2006 में केन्द्रीय व उच्च शिक्षण संस्थानों में 27 प्रतिशत कोटा कांग्रेस ने ही दोय जिसका विरोध भाजपा व संघ ने किया।वंचित वर्ग के कल्याण व भलाई के लिए कांग्रेस की सरकार ने पंचायती राज, मनरेगा,जवाहर रोजगार योजना,इन्दिरा आवास योजना, मछुआ आवास योजना,सूचना का अधिकार अधिनियम, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, शिक्षा का अधिकार अधिनियम, विधवा,वृद्धावस्था व विकलांग पेंशन, छात्रवृत्ति योजना आदि जनकल्याणकारी योजनाओं को कांग्रेस ने ही शुरू किया।बेशर्मी की हद पार करते हुए भाजपाई कहते है कि कांग्रेस ने देश को बर्बाद किया,70 सालों तक बेचा,देश के लिए कुछ नही किया।उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जो बनाया उसे ही भाजपा सरकार बेच रही है,उसी सरकारी संस्थानों व उपक्रमों का निजीकरण कर रही है।