
बद्री प्रसाद वर्मा अनजान
…….. हम बेरोजगार ……..
डिग्रीयां ले कर घुम रहे हैं सड़क पर हम बेरोजगार।
पढ़ लिख कर भी हम आज हो गए हैं बेकार।
नौकरियां सारी हमारी खा गई यह सरकार।
अब तो बेरोजगारों की रहा न कोई दरकार।
हम विरोध प्रदर्शन करते हैं तो हम पर पुलिस डंडे बरसाती है।
हमें पकड़ कर पुलिस जेल खाने ले जाती है।
देश की हालत मेरे इतनी हो गई खराब।
चरो तरफ बेरोजगारी अपनी दिखा रही सबाब।
कजॅ मिलता नहीं हमें हम कैसे करे रोजगार।
पढ़ लिख कर युवा देश का पकड़ कर रो रहा कपार।
सब कुछ बिक जाएगा तो क्या बचाएगी सरकार।
हम गरीब मर जाएंगे करोना की तरह न पूछेगी सरकार।





















