Tuesday, February 10, 2026
Advertisement
Home उत्तर प्रदेश गोवंश आश्रय केन्द्रों की व्यवस्थाओं का साप्ताहिक सत्यापन निरीक्षण करायें जिलाधिकारी-मुख्य सचिव

गोवंश आश्रय केन्द्रों की व्यवस्थाओं का साप्ताहिक सत्यापन निरीक्षण करायें जिलाधिकारी-मुख्य सचिव

218


लखनऊ। मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि सभी गोवंश आश्रय केन्द्रों का प्रति सप्ताह स्थलीय निरीक्षण कराया जाये। उन्होंने कहा कि ठण्ड से किसी भी गोवंश की मृत्यु नहीं होनी चाहिए तथा उनके लिए पर्याप्त शेड, भूसा, चारा, पानी व इलाज के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। उन्होंने कहा कि गोवंश आश्रय केन्द्रों की व्यवस्थाओं में कोई शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी तथा निरीक्षण में कमी मिलने पर दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से कहा कि निराश्रित गोवंश सड़कों पर न दिखें उन्हें गोवंश आश्रय केन्द्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाये। उन्होंने कहा कि डीपीआरओ एवं बीडीओ अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को गो आश्रय केन्द्रों में भिजवायें तथा उनकी इयर टैगिंग भी सुनिश्चित करवायें। उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए जरूरत के अनुसार कैटल केचर की भी व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने बताया कि गो आश्रय केन्द्रों की व्यवस्था तथा गोवंश सहभागिता योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की धनराशि इसी माह अवमुक्त की जा रही है। माह जनवरी, 2022 में भी 100 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जायेगी। गोवंश आश्रय स्थलों के संचालन व रख-रखाव तथा सहभागिता योजना के लिए धन की कोई कमी नहीं है।