मानसून की बेरुखी से किसान परेशान

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रूदौली में मानसून की बेरुखी से किसान परेशान। सूख रही है धान की फसल, खेतों में पड़ी दरारें, किसानों की बढ़ रही चिंता । इंजन से सिचाई करते किसान..! बारिश न होने से फसल हो रही बर्बाद, किसानों के आगे रोजी-रोटी का गहराया संकट।

पंकज यादव

रूदौली/अयोध्या। मौसम विभाग द्वारा पूर्व में अच्छी बर्षा की भविष्यवाणी के आधार पर रूदौली क्षेत्र के किसानों बड़े पैमाने पर धान की रोपाई की थी। अब बारिश न होने के कारण किसान चिंतित हैं। इस कारण से धान की फसलें सूख रही हैं, वहीं कीट व रोग भी प्रभावी हैं। वहीं धन के पौधे भी तेज गर्मी के कारण पीले पड़ने लगे हैं। दस दिन और ऐसा रहा तो फसलें सूख जाएंगी। रूदौली क्षेत्र में अब तक में सबसे कम बारिश ही हुई है। ट्यूबवैल से सिंचाई पर निर्भर किसानों को बिजली नहीं मिलने से वह लाचार हैं। चटक धूप से कई जगह खेतों में दरारें पड़ रहीं हैं।

मालूम हो कि गतवर्ष भीषण सूखे का दंश झेल चुके किसानों ने इस बार मौसम विभाग की भविष्यवाणी से राहत मिलने की उम्मीद जतायी थी। बारिश के पूर्वानुमान के आधार पर बड़े पैमाने पर धान की फसल की रोपाई की है। गत सप्ताह से ही वर्षा न होने के कारण खेत में खड़ी धान की फसलें पानी के अभाव में सूख कर बर्बाद हो रही हैं। इससे किसान फसलों की बर्बादी के कारण काफी चिंतित हैं। खास बात यह कि पिछले कई दिन से क्षेत्र में बरसात न होने के कारण धान की फसल में कीट-पतंगों से होने वाला रोग भी तेजी से फैल रहा है। लिहाजा धान की पत्तियां रोगग्रस्त होकर तेजी से सूख रही हैं। जमीन में दरारें पड़नी शुरू हो गयी है।


बारिश कम होने से क्षेत्र में धान फसल के साथ तिली बाजरा सहित अन्य खरीफ फसलों के पौधे भी तेज गर्मी के कारण पीले पड़ने लगे हैं। दस दिन और ऐसा रहा तो फसलें सूख जाएंगी। इससे किसानों को एक बार फिर से सूखे का सामना करना पड़ेगा। रूदौली क्षेत्र में बारिश की कमी के चलते खरीफ फसल सूखने के कगार पर हैं। वहीं सफलों की सिंचाई के लिए किसान ट्यूबवैल से सिंचाई पर निर्भर हैं। लेकिन इसके लिए उनको पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। किसान परशुराम बालचंद, रामतेज, सर्वजीत मास्टर, शिवदर्शन आदि का कहना है कि बारिश न होने से धान की पर्याप्त पानी भी नहीं मिल पा रहा है।