
इस छापेमारी की खबर मिलते ही योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भावुक और तीखी पोस्ट कीं। पोस्ट के जरिए चेतावनी भी दी। मंत्री ने लिखा – “आयकर सहित सभी संस्थाओं को पता है कि उमाशंकर सिंह दो वर्ष से अधिक समय से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। वर्तमान में उनके लिए धनार्जन नहीं, बल्कि सांसें बचाना ही प्राथमिकता है। उनके सभी व्यवसाय लगभग बंद हो चुके हैं और वे अपने आवास में आइसोलेशन में रह रहे हैं।”
दिनेश प्रताप सिंह ने विधायक की गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि वह इतने बीमार हैं कि विधानसभा सत्र में भी शामिल नहीं हो सके। उन्हें से चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस समय उनके घर पर डॉक्टर या नर्स को भी जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। मंत्री ने लिखा “यदि उनके जीवन को कोई हानि होती है, तो ये संवेदनहीन संस्थाएं जिम्मेदार होंगी।” उन्होंने यह भी कहा कि दुर्लभतम अपराधों में भी न्यायालय दया दिखाता है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में पीड़ा देना समझ से परे है।





















