
सुनील गुप्ता
भारत सरकार गृह मंत्रालय एवं सीआरपीएफ मुख्यालय नई दिल्ली द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए लखनऊ के गोमती नगर स्थित मध्य सेक्टर सीआरपीएफ कार्यालय के प्रांगण में 31 अक्टूबर 2023 को प्रातः 1030 बजे श्री सतपाल रावत महानिरीक्षक की अध्यक्षता में राष्ट्रीय एकता दिवस शपथ ग्रहण का आयोजन किया गया। इस समारोह में श्री ज्ञानेन्द्र कुमार, उप महानिरीक्षक, श्री एच० के० कनौजिया, उप महानिरीक्षक, एवं श्री सुनील कुमार, उप महानिरीक्षक तथा अन्य राजपत्रित अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों एवं अन्य रैंक के जवानों ने इसमें भाग लिया। CRPF ने मनाया राष्ट्रीय एकता दिवस

राष्ट्रीय एकता दिवस शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों और जवानों ने शपथ ग्रहण किया कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करेंगे और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करेंगे। सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव हुए देश की एकता को बनाए रखने तथा इसकी आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान सत्यनिष्ठा से करने का भी संकल्प लिया गया श्री सतपाल रावत महानिरीक्षक ने बताया कि सरदार पटेल की यह परिकल्पना थी कि “देश तब तक शक्तिशाली राष्ट्र नहीं बन सकता, जब तक उस देश की सभी क्षेत्रों का सामूहिक प्रयास सही से न किया जाए। इसी परिकल्पना पर कार्य करते हुए सरदार पटेल ने आजादी के समय रियासतों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जिसमें सरदार पटेल ने 562 रियासतों में से लगभग 530 रियासतों को एकजुट किया।
सरदार पटेल द्वारा दिखाये गये एकजुटता के मार्गदर्शन को प्रोत्साहित किए जाने हेतु केन्द्रीय सरकार द्वारा वर्ष 2014 से प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। वर्ष 2018 में केन्द्रीय सरकार द्वारा भारत के लौहपुरूष की विश्व में सबसे ऊँची प्रतिमा का अनावरण केवड़िया, गुजरात में किया गया। उन्होंने आगे बताया कि प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार बल्लभभाई पटेल की जयंती “राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनायी जाती है। यह अवसर हमें राष्ट्र की सुरक्षा, एकता और अखंडता को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने का एक उत्तम अवसर प्रदान करता है। श्री रावत ने यह भी बताया कि इस वर्ष हम सभी देशवासी देश की आजादी के लिए अपने जीवन का बलिदान देने वाले बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करने के लिए “मेरी माटी मेरा देश’ अभियान भी चला रहे है।

भारत में हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। इस दिन सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती होती है। लौह पुरुष के नाम से प्रसिद्ध सरदार वल्लभ भाई पटेल की जंयति के रूप में राष्ट्रीय एकता दिवस हर वर्ष 31 अक्टूबर को मनाया जाता है। सरदार पटेल को भारत के ‘लौह पुरुष’ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम और भारत के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कई भारतीय रियासतों को देश में मिलाने में अहम योगदान दिया था। भारत सरकार ने राष्ट्रीय एकता दिवस को पहली बार 2014 में मनाया था। इस दिन भारत में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. इनमें से एक रन फ़ॉर यूनिटी भी है. इसके तहत सभी एक साथ दौड़ का हिस्सा बनते हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और पहले गृहमंत्री रहे।
लौह पुरुष ने कई भारतीय रियासतो को देश में मिलाने पर महत्वपूर्ण योगदान निभाया। जिसमें हैदराबाद सहित अन्य रियासत भी शामिल हैं।”भारत के लौह पुरुष” के रूप में प्रसिद्ध सरदार वल्लभभाई पटेल न केवल एक स्वतंत्रता सेनानी थे बल्कि एक दूरदर्शी नेता भी थे। 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात में जन्मे पटेल एक समर्पित वकील थे। वह न्याय, समानता और एकता के लिए हमेशा खड़े रहते थे। उनका योगदान भारतीय संविधान के निर्माण में भी था। क्योंकि उन्होंने संविधान सभा के एक प्रमुख सदस्य के रूप में कार्य किया और संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए जिम्मेदार समिति की अध्यक्षता की।
राष्ट्रीय एकता दिवस के प्रति आम जनता में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से प्रातः 0700 बजे लखनऊ के गोमती नगर स्थित मध्य सेक्टर सीआरपीएफ कार्यालय के प्रांगण से कमता चौराहा तक एवं वापसी रन फॉर यूनिटी दौड़ का आयोजन किया गया। इस रैली में श्री सुनील कुमार, उप महानिरीक्षक के नेतृत्व में भारी संख्या में सीआरपीएफ के अधिकारियों और जवानों ने हिस्सा लिया। CRPF ने मनाया राष्ट्रीय एकता दिवस
























