Monday, January 5, 2026
Advertisement
Home स्वास्थ्य

स्वास्थ्य

दैहिक,मानसिक और सामाजिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होना ही स्वास्थ्य है। किसी व्यक्ति की शारीरिक,मानसिक,आध्यात्मिक और सामाजिक रुप से अच्छे होने की स्थिति को ही स्वास्थ्य कहते हैं। स्वास्थ्य सिर्फ बीमारियों की अनुपस्थिति का नाम नहीं है। अपितु जीवन है। हमें सर्वांगीण स्वास्थ्य के बारे में जानकारी होना बहुत आवश्यक है। इसका का अर्थ विभिन्न लोगों के लिए अलग-अलग होता है। लेकिन अगर हम एक सार्वभौमिक दृष्टिकोण की बात करें तो अपने आपको स्वस्थ कहने का यह अर्थ होता है कि हम अपने जीवन में आने वाली सभी सामाजिक,शारीरिक और भावनात्मक चुनौतियों का प्रबन्धन करने में सफलता पूर्वक सक्षम हों।

आमतौर पर स्वास्थ्य का मतलब रोग-रहित जीवन समझा जाता है। लेकिन क्या सचमुच यही है…? तो फिर स्वस्थ रहने का मतलब क्या है…? चिकित्सकीय दृष्टि से यदि हम बीमारियों से मुक्त हैं तो हमें स्वस्थ माना जाता है। लेकिन स्वास्थ्य नहीं है। अगर हम देह,मन और आत्मा से एक पूर्ण मनुष्य जैसा महसूस करते हैं, तभी हम वास्तव में स्वस्थ हैं। ऐसे अनेक लोग हैं जो चिकित्सकीय दृष्टि से स्वस्थ हैं। पर वे सच्चे अर्थ में स्वस्थ नहीं हैं, क्योंकि वे अपने भीतर तंदुरुस्ती का एहसास नहीं कर रहे होते। जब स्वास्थ्य की बात आती है, तो कोई भी इंसान पूर्णतः बेदाग स्थितियों में नहीं पलता। हम जो भोजन करते हैं। हम जिस हवा में सांस लेते हैं। हम जो पानी पीते हैं। रोजमर्रा की जिंदगी के तनाव, ये सब हमें कई प्रकार से प्रभावित कर सकते हैं।

संसार में हम जितने अधिक सक्रिय रहते हैं। हम अपनी सक्रियता से ही नकारात्मक चीजों के संपर्क में आते हैं। हमारी सक्रियता रसायनिक संतुलन को बिगाड़ देते हैं। हमारे लिए स्वास्थ्य-समस्याएं खड़ी कर देती हैं। स्वास्थ्य मनुष्य का सबसे बड़ा धन होता है। स्वास्थ्य के बिना मनुष्य की हर ख़ुशी अधूरी होती है। स्वस्थ व्यक्ति वह होता है, जो शारीरिक,मानसिक,आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से तंदरुस्त हो। स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है। इससे ही मनुष्य अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकता है। यदि हम स्वस्थ नहीं है,तो हमारे पास कितनी भी सम्पत्ति क्यों न हो। हम उसका सुख नहीं ले सकते है।

जानिए चने के औषधीय गुण
चना मात्र एक दाल या बेसन ही नही अपितु कई रोगों के उपचार की गुणवान औषधि भी है. डॉ.रोहित गुप्ता आयुर्वेदिक आयुर्वेद...
21 दिसंबर को लखनऊ में भव्य योग ध्यान दिवस का आयोजन
भारतीय आदर्श योग संस्थान के नेतृत्व में 21 दिसंबर को लखनऊ में भव्य योग ध्यान दिवस का आयोजन, बड़ी संख्या में जुटेंगे योग प्रेमी।...
सांस फूलने के कारण का प्रभाव घरेलू इलाज़..
सांस फूलना आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में एक आम लेकिन अनदेखी की जाने वाली समस्या बनता जा रहा है। कभी हल्की मेहनत पर,...
स्वाद,सेहत और पोषण का अनोखा संगम है चिलगोजा
चिलगोजा कीमत और पौष्टिकता दोनों में काजू से श्रेष्ठ यह ड्राई फूड वाकई में बेमिसाल है। चिलगोजा: कीमत...
छोटी-सी इलायची में बड़ी-बड़ी बीमारियों का इलाज!
छोटी-सी इलायची… मगर सेहत पर इसका असर बेहद बड़ा! आयुर्वेद में इसे औषधि कहा गया है, और आधुनिक शोध भी मानता है कि यह...
अलका सिंह
शारीरिक कमजोरी, थकान और लगातार महसूस होने वाली दुर्बलता… ये आजकल आम समस्या बनती जा रही है। लेकिन अच्छी बात यह है कि इसका...
आधुनिक दौर में एड्स: चुनौतियां,समाधान और भविष्य की दिशा
हर वर्ष 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। दरअसल,यह दिवस एचआईवी (ह्यूमन इम्यूमिनोडेफेसिऐंसी वायरस) यानी कि मानव रोग...
बलरामपुर अस्पताल:बिना डॉक्टरों के कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी विभाग
बलरामपुरअस्पताल कार्डियोलाजी और न्यूरोलाजी विभाग में नहीं हैं चिकित्सक, विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी, इलाज पर संकट। बलरामपुर अस्पताल:बिना डॉक्टरों के कार्डियोलॉजी और...
स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट के बादल
राजधानी लखनऊ के कैंसर संस्थान में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का लगातार पलायन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। पिछले...
डेंगू मलेरिया पर किया करारा वार-उपमुख्यमंत्री
डेंगू मलेरिया पर किया करारा वार। संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं घर-घर पर दस्तक अभियान का किया शुभारंभ।डेंगू, मलेरिया, जापानी इंसेफेलाइटिस और दिमागी बुखार...

Breaking News

योगी की पाती और डिटेंशन सेंटर: सुरक्षा या सियासत?

UP पुलिस भर्ती विवाद योगी सरकार के गले की फांस

0
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिस भर्ती को युवाओं के सपनों की सीढ़ी माना जा रहा...
आजादी की आवाज़ बनाम पहचान की दीवार

आजादी की आवाज़ बनाम पहचान की दीवार

0
ईरानी बहनें तोड़ रही बुर्का की जंजीरे,भारत में बढ़ रही है कट्टरता। ईरान में महिलाएँ सामाजिक और धार्मिक बंदिशों के ख़िलाफ़ खुलकर आवाज़...
धर्म का स्वरूप सेवा या स्वार्थ?

धर्म का स्वरूप सेवा या स्वार्थ?

0
भारत को सदियों से धर्म, आस्था और आध्यात्म की भूमि माना जाता रहा है। यहाँ धर्म केवल पूजा-पाठ या कर्मकांड तक सीमित नहीं रहा,...
तीर्थाटन और पर्यटन में अंतर

तीर्थाटन और पर्यटन में अंतर

0
भारतीय संस्कृति उत्सवधर्मा है। यहां बारहों महीने उत्सव चलते हैं। 6 ऋतुएं हैं। प्रत्येक ऋतु के अपने उत्सव हैं। वर्षा और बसंत प्रकृति प्रायोजित...
UP में सिंचाई क्रांति: नाबार्ड ने परियोजनाओं को दी मंज़ूरी

UP में सिंचाई क्रांति: नाबार्ड ने परियोजनाओं को दी मंज़ूरी

0
उत्तर प्रदेश में सिंचाई क्रांति, तीन बड़ी सिंचाई परियोजनाओं के लिए नाबार्ड ने स्वीकृत की धनराशि। बुंदेलखंड में अर्जुन नहर, पूर्वांचल के लिए सरयू...