कुआँ सूखने पर ही पता चलता है पानी की कीमत
कहावत "जब तक कुआँ सूख नहीं जाता, हमें पानी की कीमत का पता नहीं चलता" हमें इस बात की याद दिलाती है कि हमें...
अस्पतालों में बिना ज़रूरत के बढ़ते सीज़ेरियन
यह सच है कि कुछ निजी अस्पताल अधिक मुनाफे के लिए अनावश्यक सीज़ेरियन कर रहे हैं, लेकिन सभी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।...
डिजिटल भारत में विचारों की बेड़ियां
सरकार द्वारा ओटीटी प्लेटफार्मों की निगरानी, सोशल मीडिया पर टेकडाउन आदेश और आईटी नियम 2021 ने डिजिटल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित किया है।...
धरती पर लौटीं सुनीता विलियम्स
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की धरती पर सुरक्षित वापसी एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि मानी जा रही है।...
बटलर पैलेस को ‘बुक कैफे’ बनाने की प्रक्रिया शुरू
बटलर पैलेस को ‘बुक कैफे’ बनाने की प्रक्रिया शुरू, सांस्कृतिक केंद्र के तौर पर विकसित करेगी योगी सरकार। 1915 में...
महाकुम्भ ने दुनिया को 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का दिया संदेश-योगी
महाकुम्भ ने दुनिया को 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का आत्मीय संदेश दिया। महाकुम्भ-2025 की भव्य सफलता पर मुख्यमंत्री योगी ने...
विकास का माध्यम बन रहा ‘एआई प्रज्ञा’
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) : विकास का वरदान या सभ्यता के लिए अभिशाप..?एआई के विकास से सबसे बड़ा खतरा यह है कि यह मानव श्रम...
हिंदुत्व की अवधारणा
     परंपरागत और सामान्य व्यावहारिक शब्दों में सिंधु प्रदेश के निवासी हिंदू कहलाते हैं। हिंदुत्व शब्द का सबसे पहले प्रयोग राष्ट्रवादी चिंतक ,1857...
प्रसिद्धि की बैसाखी बनता साहित्य में चौर्यकर्म
हरियाणा के एक लेखक द्वारा राज्य गान के रूप में एक गीत के चयन को लेकर हाल ही में एक बहस छिड़ी है, जिस...

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कर्मचारियों पर कटौती की मार,विधायकों के बढ़ते भत्तों पर सवाल

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जब एक ओर कर्मचारियों की आर्थिक सुविधाओं में कटौती की खबरें सामने आती हैं और दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों के भत्ते व पेंशन लगातार बढ़ते...
बदलती जीवनशैली और बच्चों में बढ़ता मोटापा

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भारत में चाइल्डहुड ओबेसिटी (बचपन में मोटापा) तेजी से उभरती हुई एक साइलेंट पैन्डेमिक बनती जा रही है। बदलती जीवनशैली, जंक फूड की बढ़ती...
शोक के दिनों में भी ड्यूटी क्यों? संवेदना बनाम सिस्टम पर उठे सवाल

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शोक के दिनों का मिले अधिकार, दुख के दिनों में भी ड्यूटी क्यों? मानव संवेदना बनाम दफ्तर की हाजिरी, जब दुख से बड़ा बन...
क्या केवल आईएएस से बदलेगा देश?

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क्या केवल आईएएस बनने से ही देश बदल सकता है? प्रशासनिक व्यवस्था किसी भी राष्ट्र के संचालन के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन असली...
आईसीसी में ‘नो हैंडशेक’,आईपीएल में पाकिस्तानी?

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सोशल मीडिया पर कुछ उपयोगकर्ताओं ने अबरार अहमद के पुराने पोस्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि उन्होंने भारत से जुड़े सैन्य घटनाक्रमों...