
केन्द्रीय रक्षा मंत्री तथा उ0प्र0 के मुख्यमंत्री ने 1,519 करोड़ रु0 लागत की ‘ग्रीन कॉरिडोर परियोजना’ के कार्यां का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। इनमें 299 करोड़ रु0 लागत से फेज-02 के कार्यां का लोकार्पण तथा 1,220 करोड़ रु0 लागत से फेज-03 व फेज-04 के कार्यों का शिलान्यास शामिल। आई0आई0एम0 रोड से पक्का पुल तक फेज-1 तथा डालीगंज पुल से समतामूलक चौक तक फेज-2 के कार्य पूर्ण। समतामूलक चौक से शहीद पथ तक फेज-3 तथा शहीद पथ से किसान पथ तक फेज-4 के कार्य किए जाएंगे। ग्रीन कॉरिडोर लखनऊ शहर के मध्य से गुजरते हुए शहीद पथ और किसान पथ को आपस में जोड़ेगा, इससे यात्रा का समय बचेगा और लोगों को जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। लखनऊ शहर के समग्र विकास का मास्टर प्लान बनाने के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर और एल0डी0ए0 के मध्य एम0ओ0यू0 सम्पन्न। यह भूमि त्रेतायुग से ही सांस्कृतिक रूप से जुड़ी हुई, उ0प्र0 भारत का सांस्कृतिक प्रतिबिम्ब : केन्द्रीय रक्षा मंत्री
मुख्यमंत्री जी ने उ0प्र0 के विकास के साथ-साथ इसकी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत किया, कानून-व्यवस्था मजबूत हुई। बुलडोजर केवल तोड़ता ही नहीं, बल्कि तोड़ने के बाद विकास की जमीन भी तैयार करता, मुख्यमंत्री जी उ0प्र0 के विकास की जमीन तैयार कर रहे। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे मार्च के अन्त या अप्रैल माह की शुरुआत में प्रारम्भ हो जाएगा। 100 किलोमीटर से अधिक लम्बे बाराबंकी-बहराइच सड़क अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट, लखनऊ में किसान पथ सर्विस रोड प्रोजेक्ट और लखनऊ-सीतापुर हाई-वे 6 लेन प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा, लखनऊ-सुल्तानपुर हाई-वे प्रोजेक्ट को लखनऊ-सुल्तानपुर-वाराणसी कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना। ब्रह्मोस मिसाइल अब लखनऊ की धरती पर बनेगी।
लखनऊ बेहतरीन राजधानी के साथ सुगम यातायात का उत्कृष्ट केन्द्र। ‘मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं’, यह लखनऊ का प्रतीक बन चुका। ग्रीन कॉरिडोर के कार्यां के लिए एल0डी0ए0 को बजट से धनराशि नहीं दी गयी, एल0डी0ए0 ने शासन की भूमि को कब्जामुक्त कराकर मॉर्गेज द्वारा धन अर्जित किया। हमारे युवा अब देश की रक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ रक्षा सेवाओं में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अपना योगदान दे रहे। लखनऊ अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित हो रहा, लखनऊ को ए0आई0 सिटी के रूप में विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने धनराशि की व्यवस्था की।
लखनऊ। केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां 1,519 करोड़ रुपये की लागत से लखनऊ के यातायात एवं अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने वाली ‘ग्रीन कॉरिडोर परियोजना’ के कार्यां का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। इनमें 299 करोड़ रुपये लागत से फेज-02 के कार्यां का लोकार्पण तथा 1,220 करोड़ रुपये लागत से फेज-03 व फेज-04 के कार्यों का शिलान्यास शामिल है। रक्षा मंत्री जी तथा मुख्यमंत्री जी के समक्ष लखनऊ शहर के समग्र विकास का मास्टर प्लान बनाने के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर और लखनऊ विकास प्राधिकरण के मध्य एक एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया। ग्रीन कॉरिडोर बनाने वाले श्रमिकों पर पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान किया गया।
लखनऊ को लक्ष्मणनगरी कहा जाता है। यह भूमि त्रेतायुग से ही सांस्कृतिक रूप से जुड़ी हुई है। लखनऊ ही नहीं, बल्कि पूरा उत्तर प्रदेश अपने आप में भारत का सांस्कृतिक प्रतिबिम्ब है। यह हम सबके लिए गौरव की बात है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने उत्तर प्रदेश के विकास के साथ-साथ इसकी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत किया है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। माफियाओं, गुण्डों, अपराधियों में भय व्याप्त है। उनकी पहचान बुलडोजर बाबा के रूप में है। बुलडोजर केवल तोड़ता ही नहीं है, बल्कि तोड़ने के बाद विकास की जमीन भी तैयार करता है। मुख्यमंत्री जी विकास की जमीन तैयार कर रहे हैं।
रक्षा मंत्री जी ने कहा कि आज दुनिया में लखनऊ की चर्चा तहजीब के साथ-साथ उसके विकास के लिए भी हो रही है। यूनेस्को ने लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मान्यता दी है। खान-पान के लिए प्रसिद्ध विश्व के श्रेष्ठ शहरों की सूची में लखनऊ को स्थान मिलना हमारे लिए गौरव का विषय है। दुनिया के रहने लायक शहरों में लखनऊ का विशेष स्थान है। यह सभी डबल इंजन सरकार के प्रयासों से सम्भव हुए हैं। विगत कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उत्तर प्रदेश भारत का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। उत्तर प्रदेश तेजी से प्रगति कर रहा है। हाल ही में उनकी जापान और सिंगापुर की सफल यात्रा सम्पन्न हुई। वहाँ हुए निवेश समझौतों से उत्तर प्रदेश को और तेजी से आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा। अगर हम वहाँ के लोगों के अच्छे अनुभवों को उत्तर प्रदेश की मेहनत और क्षमता से जोड़ेंगे, तो परिणाम और अधिक बेहतर होंगे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि 28 किलोमीटर लम्बी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना की लागत 07 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। यह ग्रीन कॉरिडोर लखनऊ शहर के मध्य से गुजरते हुए शहीद पथ और किसान पथ को आपस में जोड़ेगा। इससे यात्रा का समय बचेगा और लोगों को जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह परियोजना लखनऊवासियों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी। इस परियोजना में ग्रीनरी को व्यवस्थित करने का कार्य किया गया है। सड़क के रास्ते में आए पेड़ों को काटा नहीं गया है, बल्कि उन्हें दूसरी जगह प्रत्यारोपित किया गया है।आई.आई.एम. रोड से पक्का पुल तक बांध चौड़ीकरण के साथ-साथ फ्लाईओवर बन चुका है, जिससे आवागमन सुगम हुआ है। परियोजना के दूसरे चरण में डालीगंज पुल से समतामूलक चौक तक आज लखनऊवासियों को समर्पित 07 किलोमीटर लम्बे इस कॉरिडोर से 15 लाख की आबादी लाभान्वित होगी। अगली कड़ी में समतामूलक चौक से शहीद पथ तक 10 किलोमीटर ग्रीन कॉरिडोर का विस्तार किया जाएगा।
इस परियोजना की विशेष बात यह है कि इसमें सिविल और डिफेंस सेक्टर दोनों ने मिलकर कार्य किया है। यह आपसी तालमेल इस बात का उदाहरण है कि जब सिविल और डिफेंस सेक्टर साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। लखनऊ में बाधारहित ट्रांसपोर्टेशन सम्भव हो सके, इस दृष्टि से यह ग्रीन कॉरिडोर परियोजना बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी पूरी कोशिश रही है कि लखनऊ की मल्टीमोडल कनेक्टिविटी और ग्रीन मोबिलिटी को और भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए। रक्षा मंत्री ने कहा कि लखनऊवासियों को 4,500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार लगभग 62 किलोमीटर लम्बे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे की सौगात मिलने जा रही है। यह एक्सप्रेस-वे मार्च के अन्त या अप्रैल माह की शुरुआत में प्रारम्भ हो जाएगा। इससे लोग लखनऊ से कानपुर की यात्रा 35 से 40 मिनट में पूरी कर सकेंगे। लगभग 07 हजार करोड़ रुपये की लागत से 100 किलोमीटर से अधिक लम्बे बाराबंकी-बहराइच सड़क अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद बाराबंकी से बहराइच की यात्रा का समय ढाई घण्टे से घटकर एक घण्टा 15 मिनट रह जाएगा। लखनऊ में किसान पथ सर्विस रोड प्रोजेक्ट और लखनऊ-सीतापुर हाई-वे 6-लेन प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है। लखनऊ-सुल्तानपुर हाई-वे प्रोजेक्ट को लखनऊ-सुल्तानपुर-वाराणसी कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे क्षेत्रीय सम्पर्क और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
एक समय था जब लखनऊ की सड़कों पर जाम लगा रहता था। ट्रैफिक की समस्या को हल करने के लिए अमर शहीद पथ का विस्तार किया गया, कई फ्लाईओवर निर्मित कराए गए। लखनऊ मेट्रो का विस्तार किया जा रहा है। रिंग रोड परियोजना को आगे बढ़ाया गया, ताकि भारी वाहन शहर के भीतर आए बिना ही निकल सकें। यह सभी इस बात का प्रमाण हैं कि यदि सही इरादे, मजबूत इच्छा शक्ति और नेक नीयत वाली सरकार हो, तो देश और प्रदेश के विकास के लिए बड़े प्रयास होते हैं। लखनऊ के सरोजनीनगर में कुछ दिन पूर्व ही अशोक लेलैण्ड के इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र का उद्घाटन हुआ है। इससे हजारों परिवारों को रोजगार मिलेगा। साथ ही, पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। हमारा लखनऊ तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में हमने कई ऐसे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जो पहले सोचे भी नहीं गए थे। हम सभी ने इस पर ध्यान दिया है कि डिफेंस सेक्टर में लखनऊ पीछे नहीं होना चाहिए। उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड में कई सारी डिफेंस फैसिलिटी स्थापित की गई हैं।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस इण्टीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी सेण्टर लखनऊ में स्थापित किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्तान के आतंकियों के दांत खट्टे करने का कार्य किया। यह ब्रह्मोस मिसाइल अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की धरती पर बनेगी। राष्ट्र की सुरक्षा व विकास के लिए लखनऊ के सैनिक और संसाधन तथा लखनऊ का सांसद सभी समर्पित भावना से कार्य कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। लखनऊ के विकास के क्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र में हम लोगों ने कई सुधार किए हैं। के0जी0एम0यू0 में विश्रामालय जैसी सुविधाएँ विकसित हुई हैं। पार्कों में ओपन जिम बनाए गए हैं। शेष पार्कों में भी ओपन जिम की व्यवस्था शीघ्र ही हो जाएगी। हमारा प्रयास रहा है कि विकास कागज पर न होकर लोगों के जीवन में दिखायी देना चाहिए।

रक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के विकास के साथ-साथ स्वच्छता पर भी ध्यान दे रहे हैं। स्वच्छ शहर सर्वेक्षण-2025 में मिलियन प्लस सिटीज कैटेगरी में लखनऊ को पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। शहर में स्वच्छता सम्बन्धी अभियान चलाए जा रहे हैं। घर-घर कूड़ा-कचरा संग्रहण की व्यवस्था मजबूत की जा रही है। लखनऊ शहर के समग्र विकास का मास्टर प्लान बनाने के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर और एल0डी0ए0 के बीच आज यहां एम0ओ0यू0 सम्पन्न हुआ है। इस एम0ओ0यू0 का उद्देश्य है कि शहर का विकास वैज्ञानिक, समेकित और सुव्यवस्थित तरीके से हो। उत्तर प्रदेश में नेशनल कैपिटल रीजन (एन0सी0आर0) की तर्ज पर स्टेट कैपिटल रीजन (एस0सी0आर0) विकसित किया जा रहा है। लखनऊ को केन्द्र बनाकर आस-पास के जनपदों को जोड़कर एक एकीकृत योजना बनायी जा रही है, जिसका उद्देश्य है कि राजधानी और आसपास के जनपद एक साथ आगे बढ़ें और हर जगह विकास पहुँचे तथा युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें।
लखनऊ बेहतरीन राजधानी के साथ सुगम यातायात का बेहतरीन केन्द्र बना है। देश व दुनिया के अतिथि आकर यहाँ की साफ-सफाई व नवाचार की सराहना करते हैं। लोग कहते हैं कि लखनऊ ने कुछ नया करके दिखाया है। ‘मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं’, यह लखनऊ का प्रतीक बन चुका है। लखनऊ मेट्रो के कार्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की स्वीकृति प्राप्त हो गयी है। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार ने धनराशि स्वीकृत कर दी है तथा भारत सरकार के साथ मिलकर लखनऊ में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए हैं।
हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा रक्षा मंत्री जी के मार्गदर्शन में श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के विजन को धरातल पर उतारने का कार्य प्रभावी ढंग से कर रहे हैं। प्रदेश की राजधानी का स्वरूप कैसा हो, लोगों का जीवन सुगम कैसे बने, सरलतापूर्वक लोग अपने गन्तव्य तक कैसे पहुँचें, इसे ध्यान में रखते हुए सभी कार्यक्रमों को लागू किया जा रहा है। आज ग्रीन कॉरिडोर लखनऊवासियों के सुगम आवागमन के लिए समर्पित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आई0आई0एम0 रोड से पक्का पुल तक फेज-1 तथा डालीगंज पुल से समतामूलक चौक तक फेज-2 के कार्य आज पूरे हो गये हैं। साथ ही, आज समतामूलक चौक से शहीद पथ तथा शहीद पथ से किसान पथ तक ग्रीन कॉरिडोर फेज-3 व फेज-4 के कार्यां का शिलान्यास किया गया है। लखनऊ में अपने गन्तव्य तक आसानी से पहुँचने के लिए यह कॉरिडोर अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के रूप में कनेक्टिविटी का एक बेहतरीन माध्यम बना है। यह कार्य आज की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए किये गये हैं। यह परियोजना आई0आई0एम0 रोड से किसान पथ तक कुल 28 किलोमीटर लम्बी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ की कनेक्टिविटी को प्रभावी बनाने के रक्षा मंत्री जी के विजन को एल0डी0ए0 साकार कर रहा है। प्राधिकरण ने शासन की भूमि को कब्जामुक्त कराकर तथा इसे मॉर्गेज कर धन अर्जित किया तथा इस प्रोजेक्ट के माध्यम से लखनऊ की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने का कार्य किया। ग्रीन कॉरिडोर के कार्यां के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण को बजट से धनराशि नहीं दी गयी, बल्कि प्राधिकरण ने मलेसेमऊ की 40 एकड़ भूमि को कब्जामुक्त कराकर लगभग 1,000 करोड़ रुपये मॉर्गेज करते हुए विस्तार देने का कार्य प्रारम्भ किया है। इसी प्रकार गऊ घाट में 70 करोड़ रुपये कीमत की 11 एकड़ भूमि को विकसित करने का कार्य किया गया। जिस दूरी को तय करने में पहले एक घण्टे तक का समय लगता था, अब ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से वह मात्र 10 से 15 मिनट में बिना किसी बाधा के तय की जा सकेगी।वर्ष 2029-30 तक प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अर्बनाइजेशन इसका एक महत्वपूर्ण घटक है। लखनऊ इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार ने स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में इसके विकास को तीव्र करने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा मंत्री के नेतृत्व में लखनऊ ने विकास की जिस यात्रा को प्रारम्भ किया है, आज वह ‘नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की नई राजधानी’ के रूप में अपनी पहचान को आगे बढ़ा रही है। श्री राजनाथ सिंह जी ने लखनऊवासियों को शहीद पथ और किसान पथ का उपहार दिया है, जो लखनऊ के विकास और भविष्य के विस्तार का प्रतीक बने हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि रक्षा मंत्री जी लखनऊ के सांसद हैं। उन्होंने दुश्मन को ठिकाने लगाने के लिए इसी लखनऊ से ब्रह्मोस मिसाइल बनाना प्रारम्भ किया है। इस परियोजना में कार्य करने वाले नौजवान इंजीनियरों का चयन लखनऊ के ए0के0टी0यू0 में हुआ है। अधिकांश इंजीनियर्स ने लखनऊ के ए0के0टी0यू0, पॉलिटेक्निक, आई0टी0आई0 से डिप्लोमा-डिग्री प्राप्त किया है और अब देश की रक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ रक्षा सेवाओं में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गौरव के साथ अपना योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित हो रहा है। लखनऊ को ए0आई0 सिटी के रूप में विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने धनराशि की व्यवस्था कर दी है। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में लखनऊ आगे है। यह देश की रक्षा आवश्यकताओं के नये केन्द्र के रूप में भी विकसित हुआ है। आत्मनिर्भरता इसकी महत्वपूर्ण कड़ी है। लखनऊ के विकास, कनेक्टिविटी, यहाँ निवेश की सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने तथा इसे इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के हब के रूप में विकसित करने के लिए रक्षा मंत्री जी का जो भी मार्गदर्शन होगा, उसे प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने में उत्तर प्रदेश सरकार पूरा सहयोग करेगी। आज गल्फ क्षेत्र में युद्ध चल रहा है। दुनिया में आर्थिक अराजकता की स्थिति है। सक्षम एवं योग्य नेतृत्व के कारण इन परिस्थितियों में भी हमारा देश मजबूती के साथ अपनी विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। योग्य नेतृत्व में प्रत्येक सेक्टर की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए भारत तेजी के साथ प्रगति कर रहा है। इस प्रगति में उत्तर प्रदेश ग्रोथ इंजन के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है। आगामी 19 मार्च को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारम्भ होने वाले नव संवत्सर से झूलेलाल महोत्सव के कार्यक्रम भी प्रारम्भ होंगे। आज यहाँ जिस झूलेलाल वाटिका में यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है, पहले इस वाटिका पर कब्जा हो गया था। तत्कालीन मेयर डॉ0 दिनेश शर्मा ने इसे कब्जामुक्त कराकर इसका सौन्दर्यीकरण कराया। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेशवासियों को वासंतीय नवरात्रि एवं रामनवमी की अग्रिम शुभकामनाएँ दीं।























