
राजेन्द्र चौधरी
“यह भाजपा सरकार का आखिरी और विदाई बजट है” — अखिलेश यादव का बड़ा हमला। क्या 2027 से पहले बदलने वाली है सियासी तस्वीर?अखिलेश यादव के ताज़ा बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। क्या यह सिर्फ बजट पर प्रतिक्रिया है या 2027 की चुनावी बिसात बिछाने की तैयारी? आखिर किस मुद्दे पर घिरी सरकार और क्या है विपक्ष की रणनीति?
भाजपा जनता से किये वादो को भूल गयी। केवल आंकड़ों और प्रचार से जनता को गुमराह कर रही है। इसमें जनता की भलाई के लिए कुछ नहीं है। अखिलेश यादव ने कहा है कि यह भाजपा सरकार का आखिरी और विदाई बजट है। भाजपा जनता की भावनाओं से खेलती है। बजट में गरीबों, किसानों, युवाओं के लिए कुछ नहीं है। बजट का आकार बड़ा है तो मंहगाई क्यों नहीं कम हुई? बेरोजगारी क्यों नहीं खत्म हुई?
अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस की शुरुआत पहेली से करते हुए कहा कि जब मुंह खोला, तब बुरा बोला यह पहेली भाजपा सरकार पर एकदम सटीक बैठती है। भाजपा सरकार का यह विदाई बजट सिर्फ भ्रमित करने के लिए है। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोग अयोग्य है, सरकार बजट खर्च नहीं कर पाती है। यह सरकार अभी तक पिछले बजट का 50 फीसदी भी नहीं खर्च कर पाई है। बजट में सरकार जो डाटा बता रही है वह जीएसडीपी का रियल डाटा नहीं है, वह सिर्फ अनुमान है। सरकार वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का सपना दिखाती है। लेकिन उसके लिए जो फैसले लेने चाहिए वह नहीं ले पाती है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार, तानाशाही चरम पर है।
ट्रिलियन डालर इकोनामी के लिए जीएसडीपी 90 लाख करोड़ की होनी चाहिए और ग्रोथ रेट 30 फीसदी होनी चाहिए। जब आखिरी बजट पेश कर दिया तो 90 लाख करोड की जीएसटडीपी कहां से बनाएंगे। यह सरकार कृषि और मध्यम उद्योगों को मदद नहीं कर रही है। स्वास्थ्य और शिक्षा का बुरा हाल है। यूपी की प्रति व्यक्ति आय देश के अन्य राज्यों की तुलना में नीचे से दूसरा है। सरकार बताएं कि जिन गरीबों को राशन दिया जा रहा है, उनकी पर कैपिटा इनकम क्या है?
सरकार बजट में कह रही है कि 50 लाख करोड़ का एमओयू साइन किया है, लेकिन यह नहीं बताती है कि कितना निवेश जमीन पर आया। अगर सरकार और इन्वेस्ट यूपी के आंकड़ों केा देखा जाए तो यह सरकार पिछले दस साल में केवल एक लाख करोड़ रूपये का निवेश ला पायी हैं वो भी जमीन पर नहीं दिखाई दे रहा है। बजट में बेरोजगारी पूरा करने को लेकर कोई विजन नहीं है। नौजवान हताश और निराश है। नौजवानों को बेरोजगारी से निकालने के लिए कोई योजना नहीं है। अमेरिका से साथ जो टेªड डील हो रहा है उसका सबसे ज्यादा असर किसानों, लघु और मध्यम उद्योगों पर होगा। उसके लिए इस सरकार की कोई तैयारी नहीं है।
यूपी के बजट में किसानों की आय दोगुनी पर कोई चर्चा नहीं है। किसानों को फसलों के एमएसपी की कानूनी गांरटी नहीं मिली। एमएसएमई को लेकर सिर्फ बाते ही बड़ी बड़ी है लेकिन उनके लिए कोई ठोस योजना नहीं है। प्रदेश में 82 लाख एमएसएमई रजिस्टर्ड नहीं है। सरकार की योजनायें वहां तक नहीं पहुंचती है।
भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को बर्बाद कर दिया है। सरकार की मंशा है कि स्वास्थ्य विभाग ठप पड़ जाये, जिससे लोग इलाज के लिए निजी अस्पतालों में चले जायें। मेडिकल संस्थानों को सरकार जरूरी सहायता नहीं दे रही है। अस्पतालों की दुर्दशा है। यूपी के दोनों एम्स को डबल इंजन की सरकार ने कितना बजट दिया। मैनपुरी समेत कई जिलों में बच्चों को गलत दवाई दे दी गयी। कोडीन कफ सिरप के बाद अब लिव-52 की नई कहानी आ गयी है।
समाजवादी सरकार ने बनाए गए पुलिस के आधारभूत ढांचे को इस सरकार ने बर्बाद कर दिया। पुलिस का हाल है इधर हथेली गरम, उधार पुलिस नरम। बड़े पैमाने पर एफआईआर न दर्ज होने की शिकायत है। अखिलेश यादव ने कहा कि पहले पुलिस और अपराधी दो टीम होते थे लेकिन भाजपा के महाभ्रष्टाचार की वजह से पुलिस और अपराधी एक ही टीम में आ गये है, भाजपा उस टीम की कैप्टन है। संगठित अपराध में पहली बार अपराधियों के साथ सरकार और पुलिस भी शामिल है। यूपी में संगठित अपराध हो रहा है। भाजपा और पुलिस संगठित अपराध के पर्यायवाची हो गये है। पुलिस का कोई डर नहीं बचा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में किसानों के लिए मुफ्त बिजली, 5 हजार करोड़ की लागत से सिंचाई योजना, 25 हजार करोड़ की लागत से सरदार पटेल एग्रो मिशन, 2 हजार नई बसों के माध्यम से गांवों तक बस सुविधा, आलू-टमाटर प्याज जैसी फसलों को न्यूनतम मूल्य देने के लिए 1000 करोड़ रूपये की योजना, गन्ना किसानों को 14 दिन में भुगतान, नहीं तो ब्याज समेत भुगतान। उज्जवला के सभी लाभार्थियों को होली, दीपावली पर दो मुफ्त सिलेण्डर, काशी, मेरठ, झांसी, प्रयागराज में मेट्रो रेल चलाने का वादा किया था।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपना आखिरी बजट पेश कर दिया, लेकिन इन घोषणाओं का क्या हुआ? भाजपा सरकार इन घोषणाओं को कब पूरा करेगी? क्या इन घोषणाओं के लिए बजट दिया गया है? काशी में मेट्रो बनाते बनाते अब भाजपा पानी पर मेट्रो बनाने की घोषणा कर रही है। दिल्ली की सरकार तो और बड़े दावे कर रही है। लेकिन प्रधानमंत्री जी के क्षेत्र में मेट्रो नहीं बन पायी। काशी में मेट्रो नहीं बनी क्योंकि मुख्यमंत्री जी के क्षेत्र में मेट्रो फिजिबिल नहीं थी। लखनऊ की मेट्रो जितना समाजवादी सरकार में स्वीकृत हुई और बनी थी आज भी उतना ही है। उससे आगे नहीं बढ़ पायी।
भाजपा सरकार में अन्याय, अत्याचार चरम पर है। शंकराचार्य जी को गंगा जी में स्नान से रोका गया। जिसने शंकराचार्य जी को गंगा जी में स्नान से रोका और पौराणिक परम्परा को तोड़ा वह सनातनी नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे धर्म में एक चीज़ है, जो पाप करेगा, उसे फल मिलेगा। जो लोग यह पाप कर रहे हैं उन्हें इसका फल इसी जन्म में, इसी जगह मिलेगा, भगवान हिसाब करेगा। भाजपा सरकार ने काशी में मणिकर्णिका घाट को तोड़ा। पूज्य अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को तोड़ा। सनातन को संरक्षण करने के बजाय उसे ध्वस्त किया। दालमंडी की दुकानों पर बुलडोजर चलवा दिया। भाजपा किसी की सगी नहीं है। इस सरकार के बहुत कारनामें है।
उन्होंने कहा कि पुलिस के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने के लिए कुछ नहीं किया गया। डायल 100 को डायल 112 करके बर्बाद कर दिया। बांदा में जेल से एक माफिया को अधिकारियों ने भगा दिया, क्योंकि वे डरे हुए हैं कि समाजवादी सरकार आने वाली है। इस सरकार में पुलिस की कमाई मामूली नहीं है। कानपुर में एक अधिकारी सौ करोड़ कमा लिया। पुलिस लेन-देन करके छोड़ देती है। भाजपा सरकार में पुलिस ने उपचुनाव लूटा है। लूटने के लिए खासमखास अधिकारी बैठाये गये। भाजपा सरकार ने प्रदेश की हर अच्छी चीज को बिगाड़ दिया। केन्द्र सरकार ने बहुत बड़े पैमाने पर देश का बाजार चीन को दे दिया। अब अमेरिका को दे दिया। विदेशियों के लिए बाजार खोल दिया। यह डील नहीं, ढील दिया है। भाजपा ने देश की पूरी विदेश नीति को उलझा दिया है।
डब्लूटीओ में कभी भारत ने अपना बाजार खोला था, आज भाजपा ने पूरा बाजार दे दिया। अब देश की जनता को सोचना है कि भारत को किस दिशा में जाना है। उन्होंने कहा कि समाजवादियों ने जो रास्ता दिखाया है उसी पर चलकर देश खुशहाली और तरक्की के रास्ते पर जायेगा। उन्होंने ने कहा कि अमेरिका के साथ डील को सरकार क्यों छिपा रही है। साफ-साफ क्यों नहीं बता रही है कि क्या-क्या आयेगा। इस सरकार ने अमेरिका से 500 अरब डालर के सामान खरीदने की डील कर ली है। सरकार बताएं कि अमेरिका के साथ डील में क्या-क्या हैं।





















