

एआईजी वसूली में मस्त, धरी रह गई डीजी की नसीहत! कमाऊ जेलों पर विशेष ड्यूटी लगाने का सिलसिला बदस्तूर जारी।
लखनऊ। अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन बेतहाशा वसूली कर जेलर और डिप्टी जेलर की कमाऊ जेलों पर विशेष ड्यूटी लगाने में मस्त हैं, वहीं दूसरी ओर कन्नौज जेल से दो बंदियों की फरारी के बाद महानिदेशक कारागार (डीजी जेल) ने घटना पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई थी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जेल की सुरक्षा को लेकर कई नसीहते भी दी थी। डीजी जेल की इन नसीहतों का जेल अधिकारियों और कर्मियों पर कोई असर दिखाई नहीं पड़ा। इसकी पुष्टि अयोध्या जेल में हुई फरारी की घटना ने कर दी। इसको लेकर विभागीय अधिकारियों और कर्मियों में तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
जनवरी के प्रथम सप्ताह की चार तारीख को कानपुर परिक्षेत्र की कन्नौज जेल से नए साल की पार्टी के दौरान सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर दो बंदी फरार हो गए था। इस घटना के बाद हरकत में आए महानिदेशक कारागार पीसी मीणा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश भर के जेल अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में उन्होंने फरारी की घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जेल अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। इस फटकार के दौरान उन्होंने अधिकारियों की बहानेबाजी को दरकिनार करते हुए कहा कि सुरक्षा में लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा ड्यूटी पर पर तैनात रहने वाले सुरक्षाकर्मियों की नियमित निगरानी रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ठंड का मौसम होने की वजह से गश्त को बढ़ाया जाए। इसके साथ ही संवेदनशील स्थानों पर मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों को लगाया जाए। जेलों में लगे अत्याधुनिक उपकरणों (सीसीटीवी, वॉच टावरों) को दुरुस्त रखा जाए। डीजी जेल की इन नसीहतों को कोई असर जेल अधिकारियों पर नहीं पड़ा। नसीहत दिए 20 दिन भी नहीं बीते की जेल में फरारी की फिर घटना हो गई।
उधर दूसरी ओर आपदा को अवसर में तब्दील करने वाले एआईजी जेल प्रशासन के लिए घटनाएं वसूली का माध्यम बन गई। कन्नौज जेल में हुई घटना के बाद उन्होंने निलंबित जेलर के स्थान पर मेरठ के जेलर को विशेष ड्यूटी पर कन्नौज जेल भेजा। जेलर जेल की व्यवस्थाओं को समझ पाते इससे पहले ही उन्हें 27 जनवरी को वापस मेरठ जेल वापस भेज दिया। इनके स्थान पर आगरा जिला जेल के जेलर की दो माह के लिए विशेष ड्यूटी कन्नौज जेल पर लगा दी गई।
सूत्रों का कहना है कि इन्हें भी किसी भी समय वापस किया जा सकता है। सूत्रों की माने तो एआईजी जेल प्रशासन से सेटिंग गेटिंग रखने वाले जेलरों को मूल तैनाती स्थल पर वापस भेजा ही नहीं जाता है। फिरोजाबाद, बागपत, नैनी सेंट्रल जेल, बाराबंकी जेल पर जेलरों की विशेष ड्यूटी इस सत्य को खुद प्रमाणित करती नजर आ रही है। एआईजी जेल प्रशासन की तानाशाही पर प्रमुख सचिव कारागार अनिल गर्ग ने भी चुप्पी साध रखी है। एआईजी वसूली में मस्त,धरी रह गई डीजी की नसीहत!























