Friday, January 16, 2026
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संविधान व लोकतंत्र को समाप्त करने में जुटी भाजपा-निषाद

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संविधान व लोकतंत्र को समाप्त करने में जुटी भाजपा-निषाद
संविधान व लोकतंत्र को समाप्त करने में जुटी भाजपा-निषाद

संविधान व लोकतंत्र को खत्म करने में जुटी हुई है भाजपा। बहुजन महापुरुषों के जीवन आदर्शों को न पढ़ने के कारण ही बहुजन समाज कमजोर बना हुआ है- लौटनराम निषाद संविधान व लोकतंत्र को समाप्त करने में जुटी भाजपा-निषाद

अकबरपुर। संत गाडगे दिवाकर महासभा कानपुर देहात के तत्वावधान में संत गाडगे महाराज की 148 वीं जयंती के अवसर पर बहुजन महापुरुषों का सामाजिक परिवर्तन में योगदान विषय पर परिचर्चा का आयोजन हिन्दी भवन,अकबर में किया गया। जगदीश नारायण दिवाकर की अध्यक्षता में आयोजित परिचर्चा को बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री जयराम सिंह दिवाकर ने सम्बोधित करते हुए कहा कि बहुजन महापुरुषों के जीवन संघर्ष को न पढ़ने के कारण बहुजन समाज जाति-उयजाति में बंटकर कमजोर बना हुआ है। अशिक्षा,ने के कारण ही ओबीसी,एससी,एसटी वर्ग पिछड़ा हुआ है,सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक अन्याय का शिकार बना हुआ है।सामाजिक परिवर्तन के लिए सांस्कृतिक क्रांति आवश्यक है।कार्यक्रम का उद्घाटन संतोष चौथरी ने किया।

समाजवादी पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ.लौटनराम निषाद ने कहा कि संत गाडगे बाबा ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए अपने अशिक्षित समाज को शिक्षित बनने का मंत्र दिया तथा इस निमित्त उन्होंने जीवन भर धर्मशाला एवं पाठशाला बनवाया। गाडगे बाबा संत भेष में सामाजिक परिवर्तन के महानायक थे।शिक्षा,नशामुक्ति व स्वच्छता अभियान को उन्होंने अपने जीवन का सार तत्व बनाकर आजीवन संघर्ष पथ आगे बढ़ते रहे। अशिक्षा का दर्द भोगने वाले गाडगे जी शिक्षा का महत्व बखूबी समझते थे।

गाडगे जी के अशिक्षित रहने के कारण उनकी और उनके मामा की भूमि एक साहूकार ने अंगूठा लगवा करके हड़प लिया था जिसके कारण उनके मामा की मौत हो गयी थी जबकि उनके पिताजी को शराब ने लील लिया था।अशिक्षा ,शराब और बुरे व्यसनों के प्रबल मुखालिफ गाडगे जी ने बहुत स्पष्ट कहा था कि “यदि खाने के लिए बर्तन न हो तो हाथ पर रखकर खा लो,पत्नी के लिए मंहगे कपड़े न हो तो सामान्य से ही काम चला लो,रहने के लिए अच्छा घर न हो तो छप्पर में ही जी लो,रिश्तेदार को सामान्य भोजन से ही आवभगत कर लो, परन्तु बच्चों को जरूर पढ़ाओ,जरूर पढ़ाओ।”सन्त गाडगे जी मन्दिर और मूर्तिपूजा के समर्थक नही थे उन्होंने सैकड़ों धर्मशाला और पाठशाला बनाया तथा शिक्षा की महत्ता का प्रचार-प्रसार किया।उन्होंने कहा कि गाडगे जी अम्बेडकर साहब को अपने मिशन का सेनापति कहते थे।

निषाद ने कहा कि आरएसएस के इशारे पर भाजपा सरकार बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान को निष्प्रभावी कर मनुस्मृति की वर्णव्यवस्था को लागू करने में जुटी है।उन्होंने कहा कि मोदी सरकार संविधान, लोकतंत्र व सामाजिक न्याय को खत्म करने में जुटी हुई है।संविधान, लोकतंत्र व आरक्षण को बचाने के लिए सपा के पीडीए फार्मूला को मजबूत करने का आह्वान किया।पूर्व सांसद राजाराम पाल ने कहा कि बाबासाहेब डाॅ.अम्बेडकर ने मेहतरानी व महारानी को लोकतंत्र में वोट में बराबरी का हक दिया। लोकतांत्रिक व्यवस्था को कायम रखने व संविधान में दिये गये अधिकारों के संरक्षण के 2024 में हिन्दू-मुसलमान के पचङे में न पङ भाजपा को हटाने के लिए सजग होकर मतदान का आह्वान कियापिछङे-दलित, महिला समाज को पढ़ने-लिखने,कुर्सी पर बैठने का अधिकार संविधान से मिला,इसे बचाने के लिए भाजपा को हटाना जरूरी है।

सपा जिलाध्यक्ष अरूण कुमार ने कहा कि डाॅ.अम्बेडकर ज्योतिबा फूले,पेरियार,रामस्वरूप वर्मा,पेरियार ललई सिंह यादव,जननायक कर्पूरी ठाकुर,बीपी मंडल,स्वामी ब्रह्मानंद लोधी,
चौ.महराज सिंह भारती,संतराम बीए प्रजापति,चंद्रिका प्रसाद जिज्ञासु,मान्यवर कांशीराम जी के जीवन संघर्ष व आदर्शों को अपनाकर ही बहुजन एका को मजबूत किया जा सकता है।परिचर्चा में अशोक यादव, अर्जक संघ के जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र कटियार,इं.राम अवतार यादव,पूर्व चेयरमैन रिंकू कश्यप,देवनारायण पाल,सुमन कटियार,शिशुपाल सिंह यादव,
श्वेता दिवाकर , संतोष गौतम, रामप्रसाद वर्मा,संजय सविता,धनीराम बौद्ध,नीलम दिवाकर, सुधीर कुमार शर्मा,मुलायम सिंह यादव एडवोकेट, बलबीर सिंह कुशवाहा आदि ने भाग लिया। संविधान व लोकतंत्र को समाप्त करने में जुटी भाजपा-निषाद