
मुख्य सचिव ने सीआरएस पर जन्म व मृत्यु के पंजीकरण की स्थिति की समीक्षा की। सभी नागरिकों को जन्म व मृत्यु पंजीकरण अवश्य करवाना चाहिए। सीआरएस पोर्टल पर 21 दिन के भीतर घर बैठे जन्म व मृत्यु का कर सकते हैं निःशुल्क पंजीकरण। अभियान चलाकर आंगनवाड़ी व प्राइमरी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के शत प्रतिशत जन्म प्रमाण पत्र बनवाएं जाएं। घर बैठे जन्म व मृत्यु का निःशुल्क पंजीकरण
लखनऊ। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पर जन्म व मृत्यु के पंजीकरण की स्थिति की समीक्षा की गई। सभी नागरिकों को जन्म व मृत्यु पंजीकरण अवश्य करवाना चाहिए। पोर्टल पर 21 दिन के भीतर घर बैठे परिवार का सदस्य जन्म व मृत्यु का पंजीकरण निःशुल्क कर सकता है। इस बारे में लोगों को विभिन्न प्रचार माध्यमों द्वारा जागरूक किया जाए। पोर्टल पर शत प्रतिशत जन्म और मृत्यु का पंजीकरण कराया जाए। पंजीकरण की प्रक्रिया सरल व यूजर फ्रेंडली और प्रक्रिया में कम से कम ह्यूमन इंटरवेंशन (मानव हस्तक्षेपद्ध) होना चाहिए। मोबाइल से पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु एप भी विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सीडीओए, सीएमओ सहित नगर निकाय और पंचायत विभाग के निचले स्तर तक कर्मियों को प्रशिक्षण दिलाया जाए। इसके लिए जनपद स्तर पर मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएं। प्राइवेट नर्सिंग होम और अस्पतालों को भी पोर्टल पर जन्म और मृत्यु की सूचना दर्ज करने के लिए यूजर आईडी उपलब्ध कराई जाए। अभियान चलाकर आंगनवाड़ी व प्राइमरी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के शत प्रतिशत जन्म प्रमाण पत्र बनवाएं जाएं। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर गलत सूचना दर्ज करने पर संबंधित की जिम्मेदारी नियत कर कार्यवाही की जाए।बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा, निदेशक नागरिक पंजीकरण शीतल वर्मा, विशेष सचिव नगर विकास डा० राजेंद्र पैंसिया, अपर निदेशक शहरी स्थानीय निकाय ऋतु सुहास सहित सबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे। घर बैठे जन्म व मृत्यु का निःशुल्क पंजीकरण























